India Explores Alternate Airspace Via China: भारत चीन के साथ शिनजियांग के ऊपर के एयरस्पेस को भारतीय एयरलाइंस के लिए एक अल्टरनेट कॉरिडोर के तौर पर इस्तेमाल करने की संभावना पर बातचीत कर रहा है, क्योंकि भारतीय एयरक्राफ्ट्स पर पाकिस्तान की पाबंदियों का असर भारत के फ्लाइट ऑपरेशंस पर पड़ रहा है. बताया जा रहा है कि ये बातचीत एक साल से ज्यादा समय से चल रही है और होटान को एक संभावित रूटिंग पॉइंट के तौर पर देखा जा रहा है.
अल्टरनेट एयर रूट पर बातचीत
ये नया अपडेट चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में शामिल होने के कुछ वक्त बाद हुआ है. सूत्रों ने बताया कि विदेश मंत्रालय एक अल्टरनेट एयर रूट बनाने की संभावना पर चीनी अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहा है.
चीन-भारत के बीच डायरेक्ट फ्लाइट फिर शुरू
ये बातचीत भारत और चीन के बीच डायरेक्ट एयर कनेक्टिविटी के धीरे-धीरे बहाल होने के बीच हो रही है. चाइना सदर्न एयरलाइंस ने 21 सितंबर से अपनी ग्वांगझू-नई दिल्ली सर्विस को फिर से शुरू करने का ऐलान किया, जिससे कई सालों से बंद पड़ा एक रूट फिर से चालू हो गया है. एयरलाइन ने दक्षिण एशिया में भी अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाई है और इस रीजन में 8 राउंड-ट्रिप रूटों पर हर हफ्ते 100 से ज्यादा उड़ानें चलाने की घोषणा की है.
इसी तरह भारतीय एयरलाइंस कंपनियों ने भी चीन के लिए अपनी सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं. इंडिगो ने अक्टूबर 2025 में कोलकाता और ग्वांगझू के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू कीं, और उसके बाद नवंबर में दिल्ली-ग्वांगझू सेवा शुरू की. बाद में एयर इंडिया ने 1 फरवरी को दिल्ली और शंघाई के बीच फ्लाइट फिर से शुरू कीं; शुरुआत में हर हफ्ते चार उड़ानें चलाई गईं और बाद में इनकी संख्या बढ़ाई गई.
PAK के एयरस्पेस पर पाबंदियां जारी
पाकिस्तान ने बार-बार उन पाबंदियों को बढ़ाया है जिनके तहत भारत में रजिस्टर्ड विमानों और भारतीय एयरलाइंस की तरफ से संचालित, ओनरशिप वाले या लीज पर लिए गए विमानों को उसके एयरस्पेस का इस्तेमाल करने से रोका गया है. बैन को बढ़ाने के ताजा फैसले के तहत ये पाबंदियां 24 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेंगी.
ये पाबंदियां सबसे पहले अप्रैल 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के दौरान लगाई गई थीं, जिसके कारण भारतीय एयरलाइंस को कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लंबे अल्टरनेट रूट्स का इस्तेमाल करना पड़ा है. अगर चीन शिनजियांग कॉरिडोर के इस्तेमाल की इजाज़त देता है, तो इससे भारतीय एयरलाइंस को रूटिंग का एक और ऑप्शन मिल सकता है.