3 महीने पहले केस दर्ज
आपको बता दें कि IMK ‘जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश’ (JMB) का ही एक ग्रुप है. तीन महीने पहले NIA ने IMK की आतंकी साजिश के मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था. इन सभी पर ‘भारतीय न्याय संहिता, 2023’ और ‘गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967’ की अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे. NIA ने गुवाहाटी की स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी.
असम से 6 आरोपी गिरफ्तार
असम के बारपेटा जिले से NIA ने राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने मंगलवार को ये जानकारी दी. उन्होंने बताया कि केंद्रीय आतंकवाद-रोधी एजेंसी ने सोमवार रात हाउली, बारपेटा रोड और सोरभोग थाना क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया. तलाशी अभियान के बाद NIA ने सोरभोग थाना क्षेत्र से तीन, बारपेटा रोड से दो और हाउली से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया. अधिकारियों ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार किए गए लोग जिहादी गतिविधियों में शामिल थे और जिले के युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की कोशिश कर रहे थे.
क्या था मकसद?
NIA की जांच से पता चला है कि आरोपी IMK की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे, जिसका मकसद पश्चिम बंगाल और भारत के नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में इस आतंकी संगठन की विचारधारा को फैलाना था. आतंकी चरमपंथी एजेंडे को बढ़ावा देना चाहते थे, वहीं युवाओं को बहला-फुसलाकर युवकों को कट्टरपंथी बनाना चाहते थे और भारत में अपनी जड़ें फैलाने की कोशिश में थे. आतंकवाद-विरोधी संगठन की जांच से पता चला कि JBM के सीनियर मेंबर इमाम महमूद हबीबुल्लाह ने भारत में इस प्रतिबंधित संगठन के खतरनाक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए IMK बनाया था.