8 घंटे सोने के बाद भी सुबह क्यों रहती है थकान? AIIMS डॉक्टर ने बताया नींद ना आने के पीछे का बड़ा कारण
Poor Sleep Quality: अच्छी नींद का मतलब सिर्फ 8 घंटे सोना नहीं है. इसको लेकर एम्स के न्यूरोसर्जन डॉक्टर अमीर का कहना है कि नींद से ज्यादा जरूरी है कि उन घंटों में आपका शरीर और दिमाग कितनी अच्छी तरह आराम कर पाया.
Edited By : Shadma Muskan|Updated: Aug 22, 2026 08:05
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8 घंटे सोने के बाद भी क्यों रहती है थकान? Image Credit- Freepik
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कई बार आपके साथ भी ऐसा हुआ होगा कि 7 से 8 घंटे की नींद लेने के बाद भी आपका शरीर थका हुआ महसूस करता है. पूरे दिन चिड़चिड़ापन रहता है, सुस्ती रहती है, काम में मन नहीं लगता और दिमाग भी पहले की तरह एक्टिव महसूस नहीं होता. ऐसे में सिर्फ नींद के घंटे गिनना काफी नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि एम्स के न्यूरोसर्जन डॉक्टर अमीर का कहना है कि सिर्फ नींद का टाइम जरूरी नहीं है. बल्कि यह भी मायने रखता है कि आपने नींद कितनी देर ली और उसकी क्वालिटी कितनी अच्छी थी. कई बार बेकार क्वालिटी की वजह से दिमाग ठीक तरह से काम नहीं कर पाता है. इसकी वजह से सिर दर्द और बातें भूलने जैसी बीमारी होने लगती है. इसलिए आपको नींद की क्वालिटी पर भी ध्यान देने की जरूरत है.
अगर सुबह उठने के बाद भी शरीर में थकान और दिमाग में भारीपन महसूस हो. तो यह खराब स्लीप क्वालिटी का संकेत हो सकता है. इसका मतलब है कि आप भले ही 8 घंटे बिस्तर पर रहे हों, लेकिन आपका दिमाग और शरीर उस दौरान अच्छी तरह आराम नहीं कर पाया. खराब नींद का असर अगले दिन आपकी एनर्जी और काम करने की क्षमता पर दिखाई दे सकता है. इसलिए सिर्फ ज्यादा घंटे सोना ही अच्छी नींद की गारंटी नहीं है.
अगर आपको रात में अच्छी और गहरी नींद चाहिए तो सोने के आसपास कॉफी, चाय, एनर्जी ड्रिंक या कैफीन वाली चीजों से बचना बेहतर है. कैफीन शरीर में कई घंटों तक रह सकता है और कुछ लोगों में रात की नींद आने में परेशानी हो सकती है. इसलिए कोशिश करें कि सोने से कम से कम 3 घंटे पहले कैफीन वाली चीजें न लें.
रोज बदलता स्लीप शेड्यूल भी बिगाड़ सकता है नींद
कभी रात 10 बजे सोना और कभी 2 बजे तक जागना आपकी बॉडी क्लॉक को इफेक्ट कर सकता है. इसलिए रोज लगभग एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालें. वीकेंड पर भी सोने और उठने का समय बहुत ज्यादा बदलने से बचें. एक ही टाइम बनाएं और नींद को बेहतर करें.
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सोने से पहले मोबाइल से बनाएं दूरी
रात में बिस्तर पर जाने के बाद मोबाइल चलाना भी आपकी स्लीप रूटीन को बिगाड़ सकता है. सोशल मीडिया, वीडियो और लगातार स्क्रीन का इस्तेमाल करना आपके दिमाग को एक्टिव रखते हैं और सोने का समय आगे खिसक सकता है. इसलिए कोशिश करें कि सोने से पहले मोबाइल और दूसरी चीजों से दूरी बनाएं और अपना ख्याल रखें.
कैसे समझें कि आपकी नींद की क्वालिटी खराब है?
नींद पूरी लेने के बाद भी अगर बॉडी कई तरह के संकेत दे या परेशान करे तो दिक्कत हो सकती है. इसको लेकर एक्सपर्ट का कहना है कि नींद की क्वालिटी खराब होने पर शरीर कई तरह के संकेत देता है. इसे हमें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
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सुबह उठते ही थकान होना
दिनभर सुस्ती या नींद आना
दिमाग भारी होना
काम पर ध्यान न लगना
रात में बार-बार नींद टूटना
सिर दर्द होना
अच्छी नींद के लिए अपनाएं ये आदतें
जहां आप सोते हैं वहां लाइट का सिस्टम लाइट रखें और जब सुने जाएं तो अंधेरा करके सोने की कोशिश करें.
अगर आपकी अगले दिन छुट्टी है तो तब भी आपको अपनी नींद के टाइम पर ध्यान देना है. बिल्कुल भी लेट न करें और वक्त पर सोने की कोशिश करें.
मोबाइल को लाइट बंद करने के बाद बिल्कुल न देखें. इससे नींद की क्वालिटी इफेक्ट हो सकती है. ऐसे में आपको पहले ही दूरी बना लेनी चाहिए.
नींद का बिस्तर बेहतर करें और अगर वो ठीक नहीं है तो आपको नींद बार बार खुल सकती है. इससे आपकी नींद क्वालिटी इफेक्ट हो सकती है.