क्या हमेशा के लिए ठीक हो सकती है टाइप-1 डायबिटीज? जान लें मेडिकल साइंस का साफ जवाब

क्या आप भी सोचते हैं कि डायबिटीज टाइप-1 को दवाओं व अच्छी डाइट से ठीक किया जा सकता है? आइए NHS से जानते हैं क्या ये मुमकिन है या नहीं?

Type 1 Diabetes Curable Permanently

टाइप-1 डायबिटीज ठीक हो सकती है? (Image: Pexels)

डायबिटीज की बीमारी एक बेहद ही गंभीर बीमारी है, जिससे आज बड़ी संख्या में लोग जूझ रहे हैं. इस बीमारी के कारण शरीर अंदर से खोखला हो जाता है, क्योंकि जब यह बीमारी किसी को अपना शिकार बनाती है, तो मरीज तरह-तरह बीमारियों, जैसे दिल से जुड़ी बीमारी, किडनी से जुड़ी बीमारी आदि तरह-तरह की बीमारियों को रिस्क बढ़ाता है. आपने दो डायबिटीज के बारे में सुना होगा, टाइप 1 और टाइप 2, लेकिन टाइप 1 को लेकर अक्सर लोगों का सवाल रहता ह कि क्या ये ठीक हो सकता है? आइए जानते हैं इस सवाल को लेकर क्या कहता है मेडिकल साइंस?

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क्या डायबिटीज टाइप 1 से हमेशा के लिए छुटकारा मिल सकता है?

CDC के अनुसार, टाइप 1 डायबिटीज से हमेशा के लिए छुटकारा पाने का कोई पक्का इलाज फिलहाल मौजूद नहीं है. यानी कि अगर आप सोच रहे हैं कि कुछ आसान डाइट फॉलो करेंगे और दवाओं का सेवन करके इसे ठीक कर लेंगे, तो ऐसा नहीं हो सकता है. हालांकि, इसका मतलब यह भी नहीं कि टाइप 1 डायबिटीज के साथ सामान्य जीवन नहीं जिया जा सकता. बस जरूरी है सही इलाज और देखभाल कि, लोग लंबे समय तक स्वस्थ और एक्टिव जीवन जी सकते हैं. इसके साथ ही, ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने के लिए नियमित इंसुलिन, संतुलित डाइट, एक्सरसाइज और समय-समय पर शुगर की जांच जरूरी होती है, ताकि स्थिति खराब न हो सके. CDC के अनुसार, नई दवाओं, तकनीकों और इलाज पर लगातार रिसर्च जारी है, जिससे भविष्य में बेहतर विकल्प मिलने की उम्मीद है.

डायबिटीज की बीमारी कब शरीर में पैदा होती है?

अगर आप भी डायबिटीज से शिकार हो गए हैं और आपको इस बीमारी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, तो आइए आपको बताते हैं कि आखिर ये बीमारी है क्या? NIH के अनुसार, डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जो तब होती है, जब खून में ग्लूकोज का लेवल बढ़ने लगता है. ये ग्लूकोज आपके शरीर में एनर्जी पैदा करती है.

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इंसुलिन एक हार्मोन है जो पैंक्रियाज में बनता है. यह ग्लूकोज को आपकी कोशिकाओं (सेल्स) तक पहुंचाने में मदद करता है ताकि उसका इस्तेमाल एनर्जी के लिए सही तरीके से किया जा सके. लेकिन डायबिटीज की स्थिति में आपका शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता है/ बनाना बंद कर देता है या फिर इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता है. इस समस्या के कारण ग्लूकोज आपके खून में ही रहा है और आपकी कोशिकाओं तक नहीं पहुंच पाता है. इस बीमारी का सबसे गंभीर असर, आंखों, किडनी, नसों और दिल को होता है, इसके अलावा कुछ तरह के कैंसर का भी खतरा बढ़ जाता है.

कैसे कंट्रोल में रख सकते हैं डायबिटीज टाइप-1

टाइम इन रेंज

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‘टाइम इन रेंज’ का मतलब है कि दिनभर में आपका ब्लड शुगर कितनी देर तक आपकी टारगेट रेंज में रहता है. डायबिटीज वाले ज्यादातर लोग ‘टाइम इन रेंज’ के तौर पर 70% समय, यानी 24 घंटों में से 16 से 17 घंटे का लक्ष्य रखते हैं.

ब्लेड शुगर का ध्यान रखना

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डायबिटीज में ब्लड शुगर बहुत महत्वपूर्ण रोल निभाता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. हाई ब्लड शुगर और लो ब्लड शुगर दोनों ही मरीज के लिए खतरनाक हो सकते हैं. इसलिए जरूरी है कि ऐसी डाइट और एक्टिविटी की जाए, जिससे शुगर लेवल कंट्रोल में रहे.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

SOURCE: CDC, NIH

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लेखक के बारे में

Azhar Naim

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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