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World Asthma Day 2026: अस्थमा में शरीर देने लगता है ये 5 लक्षण, कभी ना करें इग्नोर करने की भूल

Asthma Symptoms: अस्थमा श्वसन संबंधी बीमारी है जो लोगों को अपना शिकार बनाती है. इसे शुरुआत में ही पहचानकर इलाज शुरू करना जरूरी होता है. ऐसे में यहां जानिए कैसे दिखते हैं अस्थमा के लक्षण.

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Written By: Seema Thakur Updated: May 5, 2026 09:37
Asthma Ke Lakshan: जानिए कैसे पहचानें अस्थमा के शुरुआती लक्षण.

World Asthma Day 2026: हर साल मई के दूसरे पहले मंगलवार को दुनियाभर में विश्व अस्थमा दिवस मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का मकसद अस्थमा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को इस बीमारी, इसके प्रभाव, लक्षणों और इलाज से अवगत कराना है. अक्सर देखा जाता है कि लोग अस्थमा के शुरुआती लक्षणों को आम दिक्कत समझकर नजरअंदाज कर देते हैं जिससे परेशानी बढ़ती जाती है. ऐसे में आप यह गलती ना करें. यहां जानिए कैसे दिखते हैं अस्थमा के शुरुआती लक्षण (Asthma Symptoms) और किस तरह अस्थमा का समय पर इलाज शुरू किया जा सकता है.

कैसे दिखते हैं अस्थमा के लक्षण | Early Symptoms Of Asthma

बार-बार सांस फूलना

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अस्थमा के शुरुआती लक्षणों में बार-बार सांस फूलने की दिक्कत शामिल है. थोड़ा सा भी चलने पर या सीढ़ियां चढ़ने पर व्यक्ति की सांस फूलने लगती है और व्यक्ति हांफने लगता है.

सीने में जकड़न

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अस्थमा के मरीजों को अक्सर ही ऐसा महसूस होता है जैसे उनके सीने में कुछ जकड़ रहा है. इस टाइटनेस के कारण सांस लेने में कठिनाई होने लगती है.

लगातार खांसी आना

सूखी खांसी आना या रातभ में ठंडी हवा के संपर्क में आते ही खांसी आना अस्थमा का लक्षण (Asthma Ka Lakshan) हो सकता है. यह खांसी आम दवाओं से ठीक नहीं होती है.

सांस लेते हुए सीटी जैसी आवाज

सांस लेते समय व्हीजिंग होना या कहें सीटी जैसी आवाज आना अस्थमा का संकेत हो सकता है. इसमें सांस लेने के समय ऐसा लगता है जैसे घरघराहट सी होने लगी है. मुंह से इस तरह की आवाज आना सामान्य नहीं है.

जल्दी थकना

अस्थमा का एक शुरुआती लक्षण यह भी है कि व्यक्ति थोड़ा भी काम करता है तो उसे थकान होने लगती है. अगर आप जल्दी थक जाते हैं और कमजोरी होने लगती है तो यह अस्थमा का चेतावनी संकेत हो सकता है.

किन कारणों से होता है अस्थमा

एलर्जी – एलर्जी के कारण अस्थमा की दिक्कत पनपती है. धूल, मिट्टी, परागकण या पालतू जानवरों के बाल या फिर फंगस से एलर्जी पैदा होती है. यह एलर्जी श्वसन नलियों में सूजन को बढ़ाती है और अस्थमा को ट्रिगर करती है.

जेनेटिक कारण – अगर परिवार में किसी को अस्थमा रहा हो तो व्यक्ति को भी हो सकता है.

रेस्पिरेटरी इंफेक्शन – श्वसन नली के इंफेक्शन या श्वसन तंत्र के किसी हिस्से में हुए बार-बार इंफेक्शंस से अस्थमा हो सकता है.

ठंडी हवा और मौसम – अचानक से ठंडे मौसम या ठंडी हवाओं के संपर्क में आने पर सांस लेने में दिक्कत होना शुरू हो जाती है जो आगे चलकर अस्थमा का कारण बन सकती है.

धूम्रपान – सिगरेट या सैकंड हैंड स्मोकिंग से अस्थमा हो सकता है. सिगरेट का धुआं फेफड़ों को कमजोर करने लगता है.

अस्थमा से कैसे बचें

  • जिन ट्रिगर्स के कारण सांस लेने में दिक्कत होती है उन ट्रिगर्स से बचकर रहें.
  • वायु प्रदूषण से बचने की कोशिश करें.
  • धूम्रपान करने से बचें.
  • इंफेक्शंस से बचने की कोशिश करें
  • स्ट्रेस को मैनेज करें.
  • डॉक्टर से संपर्क करके सही दवाएं ही लें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

First published on: May 05, 2026 09:34 AM

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