World Asthma Day 2026: अस्थमा में शरीर देने लगता है ये 5 लक्षण, कभी ना करें इग्नोर करने की भूल

Asthma Symptoms: अस्थमा श्वसन संबंधी बीमारी है जो लोगों को अपना शिकार बनाती है. इसे शुरुआत में ही पहचानकर इलाज शुरू करना जरूरी होता है. ऐसे में यहां जानिए कैसे दिखते हैं अस्थमा के लक्षण.

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Asthma Ke Lakshan: जानिए कैसे पहचानें अस्थमा के शुरुआती लक्षण.

World Asthma Day 2026: हर साल मई के दूसरे पहले मंगलवार को दुनियाभर में विश्व अस्थमा दिवस मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का मकसद अस्थमा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को इस बीमारी, इसके प्रभाव, लक्षणों और इलाज से अवगत कराना है. अक्सर देखा जाता है कि लोग अस्थमा के शुरुआती लक्षणों को आम दिक्कत समझकर नजरअंदाज कर देते हैं जिससे परेशानी बढ़ती जाती है. ऐसे में आप यह गलती ना करें. यहां जानिए कैसे दिखते हैं अस्थमा के शुरुआती लक्षण (Asthma Symptoms) और किस तरह अस्थमा का समय पर इलाज शुरू किया जा सकता है.

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कैसे दिखते हैं अस्थमा के लक्षण | Early Symptoms Of Asthma

बार-बार सांस फूलना

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अस्थमा के शुरुआती लक्षणों में बार-बार सांस फूलने की दिक्कत शामिल है. थोड़ा सा भी चलने पर या सीढ़ियां चढ़ने पर व्यक्ति की सांस फूलने लगती है और व्यक्ति हांफने लगता है.

सीने में जकड़न

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अस्थमा के मरीजों को अक्सर ही ऐसा महसूस होता है जैसे उनके सीने में कुछ जकड़ रहा है. इस टाइटनेस के कारण सांस लेने में कठिनाई होने लगती है.

लगातार खांसी आना

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सूखी खांसी आना या रातभ में ठंडी हवा के संपर्क में आते ही खांसी आना अस्थमा का लक्षण (Asthma Ka Lakshan) हो सकता है. यह खांसी आम दवाओं से ठीक नहीं होती है.

सांस लेते हुए सीटी जैसी आवाज

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सांस लेते समय व्हीजिंग होना या कहें सीटी जैसी आवाज आना अस्थमा का संकेत हो सकता है. इसमें सांस लेने के समय ऐसा लगता है जैसे घरघराहट सी होने लगी है. मुंह से इस तरह की आवाज आना सामान्य नहीं है.

जल्दी थकना

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अस्थमा का एक शुरुआती लक्षण यह भी है कि व्यक्ति थोड़ा भी काम करता है तो उसे थकान होने लगती है. अगर आप जल्दी थक जाते हैं और कमजोरी होने लगती है तो यह अस्थमा का चेतावनी संकेत हो सकता है.

किन कारणों से होता है अस्थमा

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एलर्जी – एलर्जी के कारण अस्थमा की दिक्कत पनपती है. धूल, मिट्टी, परागकण या पालतू जानवरों के बाल या फिर फंगस से एलर्जी पैदा होती है. यह एलर्जी श्वसन नलियों में सूजन को बढ़ाती है और अस्थमा को ट्रिगर करती है.

जेनेटिक कारण – अगर परिवार में किसी को अस्थमा रहा हो तो व्यक्ति को भी हो सकता है.

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रेस्पिरेटरी इंफेक्शन – श्वसन नली के इंफेक्शन या श्वसन तंत्र के किसी हिस्से में हुए बार-बार इंफेक्शंस से अस्थमा हो सकता है.

ठंडी हवा और मौसम – अचानक से ठंडे मौसम या ठंडी हवाओं के संपर्क में आने पर सांस लेने में दिक्कत होना शुरू हो जाती है जो आगे चलकर अस्थमा का कारण बन सकती है.

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धूम्रपान – सिगरेट या सैकंड हैंड स्मोकिंग से अस्थमा हो सकता है. सिगरेट का धुआं फेफड़ों को कमजोर करने लगता है.

अस्थमा से कैसे बचें

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  • जिन ट्रिगर्स के कारण सांस लेने में दिक्कत होती है उन ट्रिगर्स से बचकर रहें.
  • वायु प्रदूषण से बचने की कोशिश करें.
  • धूम्रपान करने से बचें.
  • इंफेक्शंस से बचने की कोशिश करें
  • स्ट्रेस को मैनेज करें.
  • डॉक्टर से संपर्क करके सही दवाएं ही लें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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