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इस देश ने लगाया जंक फूड Ads पर बैन, बच्चों की सेहत के लिए उठाया बड़ा कदम, रात 9 बजे से पहले नहीं दिखेगा कोई विज्ञापन

Junk Food Advertising Ban: जंक फूड देखकर बच्चों का जंक फूड खाने का मन भी करता है, इसीलिए इस देश ने जंक फूड्स के विज्ञापनों पर बैन लगा दिया है. अब रात 9 बजे से पहले टीवी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर जंक फूड के विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे.

Author Written By: Seema Thakur Updated: Jan 6, 2026 19:08
Junk food AD ban
किस देश ने जंक फूड पर प्रतिबंध लगा दिया है?

Ban on Daytime Junk Food Advertising: जंक फूड यानी बाहर से लिया गया वो खाना जिसमें तेल, मसाले और प्रोसेस्ड इंग्रीडिएंट्स होते हैं. जंक फूड्स में घर के खाने की तुलना में एडेड शुगर, सॉल्ट और प्रीजर्वेटिव्स भी ज्यादा होते हैं जो सेहत को खराब करने का काम करते हैं. आयदिन ऐसी खबरें भी आ रही हैं कि जंक फूड खाने पर किसी की आंतें चिपक गईं तो किसी के ऑर्गन फेल हो गए. ऐसे में ब्रिटेन सरकार ने बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए जंक फूड को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है. अब यूके में रात 9 बजे से पहले टीवी या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर जंक फूड के विज्ञापन (Junk Food Ads) नहीं दिखाए जाएंगे.

क्यों लगाया गया है जंक फूड विज्ञापनों पर बैन

ब्रिटेन सरकार ने बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए दिन के समय जंक फूड विज्ञापनों पर बैन लगा दिया है. बच्चे टीवी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर जंक फूड देखते हैं और इन ऐड्स को देखकर ही उनका ये चीजें खाने का मन करता है और वे माता-पिता से जिद्द करके जंक फूड खाते हैं. जंक फूड वयस्कों की सेहत को बिगाड़ते हैं तो भला बच्चे इसकी चपेट में आने से कैसे बचेंगे. इसीलिए जंक फूड विज्ञापनों को लेकर यह बड़ा फैसला लिया गया है.

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इन फूड्स पर बढ़ाया गया टैक्स

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विज्ञापनों पर बैन से पहले ब्रिटेन में प्री-पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट्स जैसे रेडी टू ड्रिंक कॉफी, मिल्कशेक्स और स्वीट योगर्ट ड्रिंक्स पर टैक्स बढ़ा दिया था. इसके अलावा, चिली ने पूरी तरह जंक फूड विज्ञापनों पर बैन लगा दिया है, मेक्सिको ने शुगरी ड्रिंक्स पर टैक्स लगाया है और स्कूल में जंक फूड पर बैन लगाया है. लेकिन, भारत ने जंक फूड या जंक फूड के विज्ञापनों पर किसी तरह का बैन नहीं लगाया है. FSSAI ने स्कूल के आस-पास जंक फूड के प्रचार को रोकने के लिए कदम उठाने का प्रस्ताव जरूर रखा है लेकिन देशभर में किसी तरह के नियम लागू नहीं किए गए हैं.

बच्चों के लिए जंक फूड क्यों खतरनाक है

  • जंक फूड का जरूरत से ज्यादा सेवन किया जाए तो बच्चों में कम उम्र में मोटापा (Obesity) देखा जाता है. मोटापा आगे चलकर डायबिटीज, जोड़ों की दिक्कतों और दिल की दिक्कतों की वजह बनता है.
  • शुगरी ड्रिंक्स पीते रहने पर बच्चों का शुगर स्पाइक होता है. इससे छोटी उम्र में ही बच्चे टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) के शिकार हो सकते हैं.
  • बच्चों को दिल की बीमारियां हो सकती हैं. फैटी फूड्स कॉलेस्ट्रोल को बढ़ाते हैं और अच्छे कॉलेस्ट्रोल को कम करते हैं.
  • बच्चों में पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ जाती हैं. खराब पाचन क्रोनिक दिक्कतों का खतरा बनता है. इससे कब्ज हो सकती है, आंतों की दिक्कतें हो सकती हैं और बवासीर जैसे रोगों की संभावना बढ़ जाती है.
  • जंक फूड शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक तौर पर भी बच्चों को प्रभावित करता है. बच्चों की मेमोरी कम हो सकती है और स्कूल में परफोर्मेंस लगातार गिर सकती है.
  • शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है. इससे शरीर कीटाणुओं से नहीं लड़ पाता और लगातार रोगों का शिकार होता रहता है.
  • दांतों से जुड़ी दिक्कतें होने लगती हैं. कम उम्र में ही बच्चों के दांत कमजोर होकर गिरने लगते हैं.
  • बच्चों की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और हड्डियों के रोग बच्चों को घेर लेते हैं.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

First published on: Jan 06, 2026 07:06 PM

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