Prostate Badhne Ke Upay: पुरुषों की प्रोस्टेट ग्रंथि (Prostate Gland) का सूजना या मोटा हो जाना एनलार्ज्ड प्रोस्टेट कहलाता है जिसे बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लाजिया भी कहते हैं. इस दिक्कत में प्रोस्टेट के अंदर नॉन-कैंसरस ग्रोथ पनपने लगती है. यह ज्यादातर बढ़ती उम्र के पुरुषों को होता है. प्रोस्टेट का आकार बढ़ने पर यूरेथरा दब जाता है जिससे पेशाब करने से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं. प्रोस्टेट की इन्हीं दिक्कतों को दूर करने का तरीका बता रहे हैं योगगुरु बाबा रामदेव और आयुर्वेदिक एक्सपर्ट आचार्य बालकृष्ण. यहां जानिए प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना (Enlarged Prostate) किस तरह कंट्रोल किया जा सकता है और किस तरह प्रोस्टेट ठीक होता है.
कैसे ठीक होगी प्रोस्टेट ग्रंथि
बाबा रामदेव ने बताया कि प्रोस्टेट का वजन आमतौर पर 20 ग्राम होता है, यह बढ़कर 30 ग्राम, 40 ग्राम या 50 ग्राम भी हो सकता है. उम्र बढ़ने पर ज्यादातर प्रोस्टेट के बढ़ने की समस्या होती है. इससे प्रोस्टेट कैंसर (Prostate Cancer) तक की संभावना बढ़ जाती है. इसपर बाबा रामदेव बताते हैं कि इसका स्थायी समाधान है नियमित रूप से कपालभाति प्राणायाम करना. जिनका प्रोस्टेट 50 से 100 ग्राम तक बढ़ गया है उनके लिए भी कपालभाति प्राणायाम करना लाभकारी होता है.
आचार्य बालकृष्ण की सलाह है कि प्रोस्टेट ग्लैंड बढ़ जाने पर कपालभाति प्राणायाम के अलावा गोमुखासन और उष्ट्रासन जरूर करना चाहिए. इसके अलावा मंडूकासन जरूर करें. बक्रासन भी किया जा सकता है.
प्रोस्टेट के लिए एक्यूप्रेशर
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जिन्हें प्रोस्टेट की समस्या है उनके लिए बाबा रामदेव (Baba Ramdev) ने एक एक्यूप्रेशर पॉइंट बताया है. बाबा रामदेव का कहना है कि हथेली के बीच के हिस्से को दबाने पर प्रोस्टेट में लाभ मिलता है और प्रोस्टेट कंट्रोल में आ सकता है.
यह आयुर्वेदिक औषधि आएगी काम
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जिन लोगों का प्रोस्टेट बढ़ जाता है उन्हें बार-बार पेशाब लगने लगता है. बड़ी उम्र के पुरुषों में रात के समय बार-बार पेशाब आने की दिक्कत हो जाती है. इससे नींद भी खराब होती है. ऐसे में बाबा रामदेव का कहना है कि इस समस्या को कम करने के लिए चंद्रप्रभावटी और गोक्षुरादि गुग्गुल का प्रयोग किया जा सकता है. ये ऐसी आयुर्वेदिक औषधियां हैं जो प्रोस्टेट की दिक्कत में आराम दिलाती हैं. वहीं, आचार्य बालकृष्ण बताते हैं कि कांचनार गुग्गलु और वृद्धिवाटिका वटी का सेवन बेहद फायदेमंद साबित होता है.
इस सब्जी का जूस दिखाएगा असर
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प्रोस्टेट की समस्या में लौकी का जूस भी पिया जा सकता है. बाबा रामदेव की सलाह है कि लौकी के जूस में 7 तुलसी के पत्ते और 5 काली मिर्च मिलाकर पी लें. इस बात का खास ध्यान रखें कि लौकी का जूस कड़वा ना हो.
खजूर भी आएगा काम
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खजूर एक ऐसा सूखा मेवा है जिसे आचार्य बालकृष्ण (Acharya Balkrishna) प्रोस्टेट के लिए भी बेहद फायदेमंद बता रहे हैं. आचार्य बालकृष्ण का कहना है कि प्रोस्टेट ग्रंथि की समस्या या मूत्र संबंधी समस्या में 4 से 5 खजूर चबाकर खाएं. अगर मौसम गर्मियों का हो तो खजूर को रात के समय पानी में भिगोकर रखने के बाद अगली सुबह खा सकते हैं. खजूर का नियमित रूप से सेवन करने पर प्रोस्टेट की समस्या दूर होती है.
प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ने के क्या लक्षण हैं
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प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ने का पहला लक्षण (Enlarged Prostate Symptoms) है कि प्रोस्टेट का आकार बड़ा नजर आने लगता है और प्रोस्टेट भारी हो जाता है.
बार-बार पेशाब लगने लगता है.
रात के समय खासतौर से पेशाब ज्यादा आता है.
पेशाब की कोशिश करते हुए पेशाब ठीक तरह से नहीं आता है.
पेशाब रुक-रुककर आता है और पेशाब की धार धीमी होती है.
ऐसा महसूस होता है जैसे ब्लैडर पूरी तरह से खाली नहीं हुआ है.
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन हो सकता है, पेशाब में खून नजर आ सकता है या पेट के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.