AIIMS के डॉक्टरों ने बताया फैटी लिवर कैसे होगा ठीक, इस तरह Fatty Liver हो सकता है रिवर्स

How To Reverse Fatty Liver: फैटी लिवर पर चर्बी क्यों जमा होती है, इसके कुछ सामान्य लक्षण क्या हैं, किन लोगों के लिवर पर फैट जम सकता है और फैटी लिवर को किस तरह रिवर्स किया जा सकता है यह बता रही है AIIMS के डॉक्टरों की टीम.

Fatty Liver Symptoms

फैटी लिवर को इस तरह रिवर्स किया जा सकता है.

Fatty Liver Reverse: AIIMS, दिल्ली में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी एंड HNU डिपार्टमेंट ने पब्लिक लेक्चर और पैनल डिस्कशन का आयोजन किया था. डिस्कशन का टॉपिक था फैटी लिवर से बचाव और मैनेजमेंट. स्पीकर्स और पैनलिस्ट की टीम में डॉ. (प्रो.) प्रमोद गर्ग, डॉ. (प्रो.) गोविंदा मखारिया, डॉ. (प्रो.) शालीमाल, डॉ. दीपक गुंजन, डॉ. समग्र अग्रवाल और डॉ. साग्निक बिसवास थे. डिस्कशन में फैटी लिवर क्या है, क्यों होता है, इसके क्या लक्षण (Fatty Liver Symptoms) हैं और इसे रिवर्स करने के लिए क्या किया जा सकता है पर बात हुई. आइए AIIMS के डॉक्टरों से समझते हैं फैटी लिवर को ठीक करने के तरीके.

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फैटी लिवर क्या है

फैटी लिवर यानी लिवर पर जमा चर्बी. डॉक्टर बताते हैं कि आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में हर 10 में 6 व्यक्ति फैटी लिवर के मरीज हैं, यानी 60 से 70 प्रतिशत लोगों को फैटी लिवर की दिक्कत है लेकिन उन्हें पता ही नहीं होता है और जांच करवाने पर इसकी पुष्टि होती है. लिवर में फैट कैसे जमता है –

  • जिन लोगों को मोटापा है, डायबिटीज है, ब्लड प्रेशर की दिक्कत है, जो बैठे-बैठे काम करते हैं और फिजिकल काम नहीं करते उनमें फैटी लिवर की दिक्कत हो सकती है.
  • एल्कोहल का सेवन भी फैटी लिवर के सबसे बड़ा कारण बनता है. डॉक्टर बताते हैं कि एल्कोहल की कोई सेफ लिमिट नहीं है, एल्कोहल कितना भी लिया जाए फैटी लिवर का कारण बन सकता है.
  • स्ट्रेस और कम नींद, अनहेल्दी डाइट, फिजिकल एक्टिविटी की कमी फैटी लिवर को जनरेट कर सकता है.
  • ऐसी कुछ दवाएं हैं जो मोटापे को बढ़ाती हैं और मोटापा फैटी लिवर की वजह बनता है.
  • माता-पिता को फैटी लिवर था तो बच्चों को फैटी लिवर होने की संभावना रहती है.

फैटी लिवर के सबसे शुरुआती लक्षण कौन से हैं

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फैटी लिवर के सटीक लक्षण बाद की स्टेजेस में दिखते हैं जबकि शुरुआती लक्षण बहुत क्लियर नहीं होते हैं. काम करने का मन ना करना, कमजोरी आना, थकान महसूस करना, लिवर के ऊपरी हिस्से में दर्द महसूस होना या खाने का मन ना करना शुरुआती स्टेज में नजर आने वाले लक्षण हैं. वजन ज्यादा होना, गर्दन में फैट जमा होना और खर्राटे आना भी फैटी लिवर का लक्षण है.

फैटी लिवर में कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं

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फैटी लिवर में फैट सिर्फ लिवर पर इकट्ठा हो रहा है लेकिन, फैटी लिवर सिर्फ लिवर को ही प्रभावित नहीं करता बल्कि शरीर के अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचाता है. कुछ मरीजों में खर्राटे आने की दिक्कत होती है, दिल की दिक्कतें हो सकती हैं, डायबिटीज (Diabetes) का शिकार हो जाना, किडनी डैमेज होना, महिलाओं में पॉलिसिस्टिक ओवरी डिजीज, हड्डियों का कमजोर होना और शरीर में कैंसर की संभावना भी फैटी लिवर में बढ़ जाती है.

क्या फैटी लिवर रिवर्स हो सकता है

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फैटी लिवर के मरीजों का सबसे बड़ा सवाल रहता है कि क्या फैटी लिवर को रिवर्स किया जा सकता है या नहीं. डॉक्टर बताते हैं कि फैटी लिवर के कारणों पर नजर डाली जाए तो जेनेटिक्स यानी आनुवांशिकता को छोड़कर बाकी सभी कारणों पर काम किया जा सकता है. अगर हम पहचान लें कि हमारे लिवर पर फैट क्यों जमा हो रहा है यानी फैटी लिवर क्यों बन रहा है तो निश्चित तौर पर फैटी लिवर को रिवर्स भी किया जा सकता है.

लिवर में हेपेटाइटिस से सूजन होती है, सूजन चर्बी से शुरू होती है, फिर लिवर में जलन होती है और लिवर के सिकुड़ने यानी सिरोसिस की स्टेज आती है. अगर लिवर में सिकुड़न की शुरुआत हो गई है तब भी इसे रिवर्स किया जा सकता है. डॉक्टर बताते हैं कि अक्सर मरीजों को लगता है कि फैटी लिवर होने पर उनका लिवर खराब (Liver Damage) हो गया है, लेकिन अगर 100 लोगों को फैटी लिवर है तो 20 साल बाद मात्र 5 को ही लिवर सिरोसिस होता है या उनमें से 2 या 3 को ही लिवर से पीलिया होगा या लिवर खराब होगा और 1 या 2 लोगों में ही लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत होगी. ऐसे में 100 में से जो 95 लोग हैं वे बाकी की समस्याओं से दोचार होने लगते हैं. इसीलिए सिर्फ लिवर पर ही फोकस्ड नहीं रहना चाहिए बल्कि इसके सारे फैक्टर्स को समझकर इसे रिवर्स करना और बाकी बीमारियों से बचना जरूरी है.

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कैसे होगा फैटी लिवर रिवर्स

डॉक्टर की मानें तो फैटी लिवर रिवर्स तभी होगा जब हम अपने दिल और लाइफस्टाइल को अच्छा रखेंगे. अमेरिकन हार्ट एसोलिएशन ने ऐसी चीजों के बारे में बताया है जिससे फैटी लिवर को रिवर्स किया जा सकता है.

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  1. बेहतर खाना जरूरी है. आजकल लोग बाहर से खाना लेते हैं जो बेहद तला हुआ या मीठा होता है. इसके लिए हमारा शरीर बना ही नहीं है. लोग नॉर्मल खाना नहीं खाना चाहते. इससे बड़ों में ही नहीं बल्कि बच्चों में भी यह समस्या बन रही है. इसीलिए जितना हो सके उतना स्नैक्स से दूरी बनाना जरूरी है.
  2. खुद को एक्टिव रखना जरूरी है. एक जगह बैठकर काम करने की स्थिति से बाहर निकलने और खुद को एक्टिव रखने की कोशिश करना जरूरी है. आपको बस एक हफ्ते में 150 मिनट यानी 5 दिन में केवल आधा घंटा एक्टिव रहना है. आपको एक्टिविटी के लिए जिम जाने की भी जरूरत नहीं है बल्कि आप घर पर ही एक्सरसाइज कर सकते हैं.
  3. एल्कोहल और तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाना और अपनी जिंदगी से इसे पूरी तरह हटाना जरूरी है.
  4. मोटापा फैटी लिवर होने की एक बड़ी वजह बनता है. मीठा, जंक फूड और अनहेल्दी शुगरी ड्रिंक्स के सेवन के बाद हमेशा लेटे रहना मोटापे को बढ़ाता है. इसीलिए वेट कंट्रोल करना जरूरी है.
  5. फैटी लिवर की जांच के बाद डॉक्टर की मदद से अपना कॉलेस्ट्रोल, हाई ब्लड शुगर और हाई ब्लड प्रेशर मैनेज करना जरूरी है. अगर आपको ये दिक्कतें नहीं हैं तो इनसे बचे रहने की कोशिश करनी है और अगर ये दिक्कतें हैं तो इनके इलाज पर जोर देना जरूरी है.
  6. अपनी नींद पूरी करने पर ध्यान देना है और स्ट्रेस मैनेज करना है. लाइफस्टाइल बेहतर होगा तो फैटी लिवर भी ठीक होने लगेगा. फैटी लिवर एक क्रोनिक बीमारी है और फैटी लिवर को लेकर बैठे रहने के बजाय फैटी लिवर क्यों हुआ इसपर ध्यान देना जरूरी है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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