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गले की खराश को न समझें मामूली! इतने दिन से ज्यादा बनी रहे तो हो सकता है ‘कैंसर’ का संकेत

गले में खराश होना एक आम समस्या है, लेकिन यही आम सी दिखने वाली समस्या अगर लंबे समय तक बनी रहे तो स्थिति कैंसर की ओर ले जा सकती है. आइए जानते हैं कितने दिनों से ज्यादा गले की खराश को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

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Cancer Early Warning Symptoms: आज के दौर ऐसा बन चला है कि लोग अपनी सेहत को ऐसे नजरअंदाज करते हैं, जैसे वह सबसे स्वस्थ हो. लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है शरीर में दिखने वाले कुछ बदलावों को हम आप समझते हैं, वह हकीकत में बड़ी बीमारी की ओर इशारा कर रही होती है. इसलिए जरूरी है कि वक्त रहते सही जानकारी हासिल कर लें. ऐसे ही एक समस्या के बारे में हम आपको इस स्टोरी में बताएंगे, जो कि है लंबे वक्त से गले में खराश की समस्या. वैसे तो यह दिखने में आम सी लगती है, लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर यह लंबे समय तक बनी रहे तो इसे हल्के में लेना बिल्कुल सही नहीं है. लगातार रहने वाली गले की खराश कुछ मामलों में सिर और गर्दन (Head and Neck) के कैंसर का शुरुआती संकेत भी हो सकती है.

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कितने दिन से ज्यादा गले में खराश को न करें इग्नोर?

बदलते मौसम में गले में खराश की समस्या हो सकती है, जिसका बड़ा कारण फ्लू या वायरल संक्रमण हो सकता है, लेकिन अगर गले में खराश लगातार 2 हफ्तों से ज्यादा बनी रहे, तो यह आम बात नहीं है और तुरंत डॉक्टर से जांच जरूरी है. इतना ही नहीं, अगर इसके साथ आवाज का बैठना, आवाज भारी होना, मुंह के अंदर ऐसा घाव जो लंबे समय तक न भरे, खाना निगलने में दर्द या परेशानी और गर्दन में गांठ या सूजन जैसी समस्याएं भी दिखाई दें, तो इन्हें गलती से भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ये सभी लक्षण सिर और गर्दन के कैंसर से जुड़े हो सकते हैं. कई एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कई मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं, जब कैंसर काफी आगे बढ़ चुका होता है, क्योंकि वे शुरुआती संकेतों को आम समस्या समझकर अनदेखा करते रहते हैं.

किन कारणों से बढ़ता है हेड एंड नेक कैंसर?

जानकारी के अनुसार, सिर और गर्दन का कैंसर तब विकसित होता है, जब इस हिस्से की कोशिकाओं (Cells) में असामान्य बदलाव आने लगते हैं और वे बिना नियंत्रण के तेजी से बढ़ने लगती हैं. भारत में सिर और गर्दन के कैंसर के सबसे बड़े कारणों में से एक है तंबाकू और शराब का सेवन. बड़ी मात्रा में बीड़ी पीना, सिगरेट, गुटखा, खैनी, पान मसाला और शराब का ज्यादा सेवन इस कैंसर के खतरे को काफी बढ़ा देता है. इतना ही नहीं, खराब ओरल हेल्थ, दांतों और मसूड़ों की ठीक से सफाई न करना और परिवार में कोई कैंसर का इतिहास खतरे को बढ़ाता है. अगर आपके परिवार में कभी कैंसर का इतिहास रहा है और आप धूम्रपान-शराब का सेवन करते है, तो आपको ज्यादा सावधानी की जरूरत है.

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कैसे बचा सकते हैं अपनी जान?

हम ऐसा नहीं कहते कि आपके गले में लंबे वक्त से बन रहे खराश के पीछे कैंसर ही कारण हो सकता है. किन सही कारण जानने के लिए समय पर जांच कराना जरूरी है, ताकि स्थिति गंभीर न हो जाए. अब आते हैं आखिर आप कैसे अपने आप को इस बीमारी से बचा सकते हैं. हेड एंड नेक कैंसर का समय रहते पता चल जाए तो इसका इलाज सफल होने की संभावना काफी बढ़ जाती है. इसलिए शरीर में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव पर ध्यान देना जरूरी है. अगर गले की खराश, आवाज में बदलाव या मुंह का घाव लंबे समय तक ठीक न हो, तो बिना देरी किए ईएनटी (ENT) डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. इसके अलावा बचाव के लिए तंबाकू और शराब से दूरी बनाना सबसे जरूरी कदम है और साथ ही रोजाना दांतों और मुंह की अच्छी तरह सफाई करें, साफ-हेल्दी खाना लें, ताजे फल और हरी सब्जियां अपनी डाइट में शामिल करें और नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें. आपकी अच्छी आदत आपको बड़े खतरे से बचा सकती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

First published on: Jul 30, 2026 02:37 PM

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About the Author

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. वह ट्रेनी के रूप में ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखते आए हैं. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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