हर 30-60 मिनट में उठना क्यों जरूरी? लंबे समय तक बैठने पर शरीर में क्या होता है, NIH की रिसर्च से जानिए

अगर आप घंटों बैठकर काम करते हैं तो यह जरूरी है कि आप हर तीसरे मिनट में उठना चाहिए. अगर ऐसा नहीं करेंगे तो परेशानी पैदा हो सकती है और आपको कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. 

Why is it important to get up every 60 minute

लंबे समय तक लगातार बैठने पर शरीर में क्या होता है? Image Credit- Freepik

विज्ञापन

आजकल ऑफिस का काम, पढ़ाई, मोबाइल और टीवी की वजह से कई लोग दिन का बड़ा हिस्सा बैठे-बैठे गुजार देते हैं. समस्या सिर्फ यह नहीं है कि हम कितना व्यायाम करते हैं, बल्कि यह भी है कि हम लगातार कितनी देर तक बैठे रहते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन और नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कोई लंबे वक्त तक बैठा रहता है तो उसे कई तरह की दिक्कतें होने लगती हैं. रिसर्च में बताया गया है कि दिल की बीमारी, टाइप 2 डायबिटीज और हेल्थ से जुड़ी परेशानियां होने लगती हैं. लगातार बैठे रहने से शरीर का सर्कुलेशन कम होने लगता है और फैट जमने लगता है. इसलिए डॉक्टर्स हर 30 मिनट में उठने की सलाह देते हैं. 

इसे भी पढ़ें- डाइट सही फिर भी नहीं घट रही पेट की चर्बी? कहीं ‘कोर्टिसोल बेली’ तो नहीं बन रही वजह

विज्ञापन

लंबे समय तक लगातार बैठने पर शरीर में क्या होता है?

जब हम लंबे समय तक बिना उठे बैठे रहते हैं तो पैरों और शरीर का मेटाबॉलिज्म सुस्त पड़ जाता है. फिजिकल एक्टिविटी न होने की वजह से फैट और कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है. इससे ब्लड सर्कुलेशन इफेक्ट होता है, जिससे आगे चलकर दिल की बीमारी होने का खतरा दोगुना बढ़ जाता है.

ब्लड शुगर पर असर होना 

रिसर्च में पाया गया है कि लंबे समय तक बैठने और हर 30 मिनट में उठने का तरीका अलग अलग था. लगातार बैठने की वजह से भूख कम लगती है और वजन बढ़ने लगता है. इससे ब्लड शुगर का लेवल ऊपर नीचे होता रहता है. 

पैरों के ब्लड सर्कुलेशन में बदलाव 

लगातार बैठे रहने से पैरों का ब्लड सर्कुलेशन कम हो सकता है. रिसर्च में पाया गया है कि 4 घंटे लगातार बैठने के दौरान पैरों की सुपरफिशियल फेमोरल आर्टरी में ब्लड सर्कुलेशन कम हुआ, जबकि ब्रेक लेने वालों में कमी देखी गई. 

विज्ञापन

कितनी देर में उठना चाहिए?

हर 60 मिनट में उठने से कई तरह के फायदे मिल सकते हैं. यह हर इंसान के ब्रेक लेने का तरीका अलग हो सकता है. इसलिए वक्त 60 से बढ़कर ज्यादा भी हो सकता है. बस आपको लगातार कुछ घंटों तक नहीं बैठना है. उठने के लिए आप चाय या पानी पीने के लिए ब्रेक ले सकते हैं. बाहर जाकर कुछ खा सकते हैं या अपने दोस्त के साथ टहलने का प्लान बना सकते हैं.

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

विज्ञापन

Source- NIH

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ