क्या आप भी रोजाना खाते हैं रोटी-चावल? एक्सपर्ट ने बताया किन गलतियों की वजह से बन सकते हैं अनहेल्दी

Rice And Wheat Eating Side Effects: अगर आप रोजाना चावल या रोटी खाते हैं तो यह लेख जरूर पढ़ें, क्योंकि यहां पर हम आपको कुछ ऐसी गलतियों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है.

Rozana Gehu or Chawal Khane Ke Nuksan

एक्सपर्ट ने बताया किन गलतियों की वजह से हो सकता है अनहेल्दी. Image Credit- Shutterstock

Rozana Gehu or Chawal Khane Ke Nuksan: भारतीय थाली में चावल या रोटी हमेशा शामिल रहते हैं, जिसके साथ कुछ ना कुछ सर्व किया जाता है. रोज सब्जी तो बदलती है, लेकिन रोटी या चावल जस के तस रहते हैं. हालांकि, गेहूं की रोटी या चावल खाना हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी का कहना है कि हर रोज गेंहू की रोटी या चावल खाना हेल्थ के लिए नुकसानदायक हो सकता है. उन्होंने यह जानकारी सोशल मीडिया पर एक वीडियो के माध्यम से साझा की है. इस वीडियो में उन्होंने बताया है कि आप जिस खाने के हेल्दी मानकर खा रहे हैं वो जाने-अनजाने में हमें कई बीमारियों की ओर धकेल रहा है. हम खाते वक्त कुछ चीजें ऐसी कर रहे हैं जो असर उल्टा करने का काम कर रही हैं. बेहतर होगा कि आप इन चीजों पर वक्त रहते ध्यान दें और खाने में सही तरह रोटी या चावल शामिल करें.

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क्या रोज आटा-चावल का सेवन अनहेल्दी माना जाता है? | Rice And Wheat Eating Side Effects

  • इन दोनों चीजों में भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होती है, जिससे वजन बढ़ने का खतरा रहता है. साथ ही, इन चीजों में सेलेनियम, मैग्नीशियम और जिंक जैसे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी होती है जिससे बाल झड़ने और थकान महसूस होने लगती है. इन दोनों चीजों का लगातार सेवन करने से पोषक तत्व असंतुलन बढ़ जाता है.
  • इनके सेवन से पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है, क्योंकि कई बार एक ही तरह का फाइबर मिलने से आंत को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जो कब्ज और एसिडिटी का कारण बन सकता है. साथ ही, मैदे वाली रोटी या पॉलिश चावल में फाइबर कम होता है, जिससे कब्ज, गैस और एसिडिटी हो सकती है.
  • सफेद चावल और रिफाइंड गेहूं का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है, जिससे डायबिटीज का रिस्क बढ़ सकता है. एक्सपर्ट का कहना है कि रोजाना इनका सेवन करना उन लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है, जिन्हें पहले से शुगर की समस्या है. इसलिए उनका सीमित रूप से सेवन करें.
  • रोजाना एक ही तरह का अनाज खाने से शरीर के अंदर एंटीऑक्सीडेंट की कमी हो जाती है. एक्सपर्ट का कहना है कि शरीर को अलग अनाज ना मिलने की वजह से बीमारियों से लड़ने वाला सुरक्षा कवच कमजोर हो जाता है और बीमारी होने लगती है.
  • रोजाना एक ही तरह का खाना खाने की वजह से इंसान बोर हो जाता है और उसे अनहेल्दी खाने की क्रेविंग्स होती हैं. अपनी भूख को मिटाने और कुछ नया ट्राई करने की वजह से इंसान मीठा या तला-भुना खाता है. इससे वजन बढ़ना शुरू हो जाता है.

इसे भी पढ़ें- डायबिटीज बिना दवा कैसे कंट्रोल करें? पद्मश्री डॉक्टर मोहन ने बताए 4 नेचुरल तरीके

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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