क्या आप भी रोजाना खाते हैं रोटी-चावल? एक्सपर्ट ने बताया किन गलतियों की वजह से बन सकते हैं अनहेल्दी
Rice And Wheat Eating Side Effects: अगर आप रोजाना चावल या रोटी खाते हैं तो यह लेख जरूर पढ़ें, क्योंकि यहां पर हम आपको कुछ ऐसी गलतियों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है.
Edited By : Shadma Muskan|Updated: Jan 25, 2026 16:55
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एक्सपर्ट ने बताया किन गलतियों की वजह से हो सकता है अनहेल्दी. Image Credit- Shutterstock
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Rozana Gehu or Chawal Khane Ke Nuksan: भारतीय थाली में चावल या रोटी हमेशा शामिल रहते हैं, जिसके साथ कुछ ना कुछ सर्व किया जाता है. रोज सब्जी तो बदलती है, लेकिन रोटी या चावल जस के तस रहते हैं. हालांकि, गेहूं की रोटी या चावल खाना हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी का कहना है कि हर रोज गेंहू की रोटी या चावल खाना हेल्थ के लिए नुकसानदायक हो सकता है. उन्होंने यह जानकारी सोशल मीडिया पर एक वीडियो के माध्यम से साझा की है. इस वीडियो में उन्होंने बताया है कि आप जिस खाने के हेल्दी मानकर खा रहे हैं वो जाने-अनजाने में हमें कई बीमारियों की ओर धकेल रहा है. हम खाते वक्त कुछ चीजें ऐसी कर रहे हैं जो असर उल्टा करने का काम कर रही हैं. बेहतर होगा कि आप इन चीजों पर वक्त रहते ध्यान दें और खाने में सही तरह रोटी या चावल शामिल करें.
क्या रोज आटा-चावल का सेवन अनहेल्दी माना जाता है? | Rice And Wheat Eating Side Effects
इन दोनों चीजों में भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होती है, जिससे वजन बढ़ने का खतरा रहता है. साथ ही, इन चीजों में सेलेनियम, मैग्नीशियम और जिंक जैसे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी होती है जिससे बाल झड़ने और थकान महसूस होने लगती है. इन दोनों चीजों का लगातार सेवन करने से पोषक तत्व असंतुलन बढ़ जाता है.
इनके सेवन से पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है, क्योंकि कई बार एक ही तरह का फाइबर मिलने से आंत को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जो कब्ज और एसिडिटी का कारण बन सकता है. साथ ही, मैदे वाली रोटी या पॉलिश चावल में फाइबर कम होता है, जिससे कब्ज, गैस और एसिडिटी हो सकती है.
सफेद चावल और रिफाइंड गेहूं का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है, जिससे डायबिटीज का रिस्क बढ़ सकता है. एक्सपर्ट का कहना है कि रोजाना इनका सेवन करना उन लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है, जिन्हें पहले से शुगर की समस्या है. इसलिए उनका सीमित रूप से सेवन करें.
रोजाना एक ही तरह का अनाज खाने से शरीर के अंदर एंटीऑक्सीडेंट की कमी हो जाती है. एक्सपर्ट का कहना है कि शरीर को अलग अनाज ना मिलने की वजह से बीमारियों से लड़ने वाला सुरक्षा कवच कमजोर हो जाता है और बीमारी होने लगती है.
रोजाना एक ही तरह का खाना खाने की वजह से इंसान बोर हो जाता है और उसे अनहेल्दी खाने की क्रेविंग्स होती हैं. अपनी भूख को मिटाने और कुछ नया ट्राई करने की वजह से इंसान मीठा या तला-भुना खाता है. इससे वजन बढ़ना शुरू हो जाता है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Rozana Gehu or Chawal Khane Ke Nuksan: भारतीय थाली में चावल या रोटी हमेशा शामिल रहते हैं, जिसके साथ कुछ ना कुछ सर्व किया जाता है. रोज सब्जी तो बदलती है, लेकिन रोटी या चावल जस के तस रहते हैं. हालांकि, गेहूं की रोटी या चावल खाना हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी का कहना है कि हर रोज गेंहू की रोटी या चावल खाना हेल्थ के लिए नुकसानदायक हो सकता है. उन्होंने यह जानकारी सोशल मीडिया पर एक वीडियो के माध्यम से साझा की है. इस वीडियो में उन्होंने बताया है कि आप जिस खाने के हेल्दी मानकर खा रहे हैं वो जाने-अनजाने में हमें कई बीमारियों की ओर धकेल रहा है. हम खाते वक्त कुछ चीजें ऐसी कर रहे हैं जो असर उल्टा करने का काम कर रही हैं. बेहतर होगा कि आप इन चीजों पर वक्त रहते ध्यान दें और खाने में सही तरह रोटी या चावल शामिल करें.
क्या रोज आटा-चावल का सेवन अनहेल्दी माना जाता है? | Rice And Wheat Eating Side Effects
इन दोनों चीजों में भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होती है, जिससे वजन बढ़ने का खतरा रहता है. साथ ही, इन चीजों में सेलेनियम, मैग्नीशियम और जिंक जैसे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी होती है जिससे बाल झड़ने और थकान महसूस होने लगती है. इन दोनों चीजों का लगातार सेवन करने से पोषक तत्व असंतुलन बढ़ जाता है.
इनके सेवन से पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है, क्योंकि कई बार एक ही तरह का फाइबर मिलने से आंत को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जो कब्ज और एसिडिटी का कारण बन सकता है. साथ ही, मैदे वाली रोटी या पॉलिश चावल में फाइबर कम होता है, जिससे कब्ज, गैस और एसिडिटी हो सकती है.
सफेद चावल और रिफाइंड गेहूं का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है, जिससे डायबिटीज का रिस्क बढ़ सकता है. एक्सपर्ट का कहना है कि रोजाना इनका सेवन करना उन लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है, जिन्हें पहले से शुगर की समस्या है. इसलिए उनका सीमित रूप से सेवन करें.
रोजाना एक ही तरह का अनाज खाने से शरीर के अंदर एंटीऑक्सीडेंट की कमी हो जाती है. एक्सपर्ट का कहना है कि शरीर को अलग अनाज ना मिलने की वजह से बीमारियों से लड़ने वाला सुरक्षा कवच कमजोर हो जाता है और बीमारी होने लगती है.
रोजाना एक ही तरह का खाना खाने की वजह से इंसान बोर हो जाता है और उसे अनहेल्दी खाने की क्रेविंग्स होती हैं. अपनी भूख को मिटाने और कुछ नया ट्राई करने की वजह से इंसान मीठा या तला-भुना खाता है. इससे वजन बढ़ना शुरू हो जाता है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.