Bina Dawai Sugar Kaise Control Kare: डायबिटीज आज के समय की सबसे गंभीर और लंबे समय तक रहने वाली बीमारियों में से एक है. भारत में इसके मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. गलत लाइफस्टाइल, तली-भुनी और मीठी चीजों का ज्यादा सेवन, कम फिजिकल एक्टिविटी, मोटापा और लगातार बना रहने वाला तनाव इसके मुख्य कारण माने जाते हैं.
इसमें सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि टाइप 2 डायबिटीज, जो पहले उम्रदराज लोगों में देखा जाता था, वह अब युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है. अगर समय रहते इस बीमारी को कंट्रोल न किया जाए, तो यह दिल, किडनी, आंखों और नसों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है. ऐसे में पद्मश्री डॉक्टर मोहन ने इस गंभीर समस्या से राहत पाने के लिए कुछ आसान और नेचुरल उपाय बताए हैं, जो आपकी सेहत को खराब होने से बचा सकते हैं.
क्या बिना दवाओं के शुगर कंट्रोल हो सकती है?
अक्सर यह माना जाता है कि डायबिटीज होने के बाद जिंदगीभर दवाइयों पर निर्भर रहना पड़ेगा. कई एक्सपर्ट्स का मनाना है कि शुरुआती स्टेज में कई मरीज बिना दवाओं के भी शुगर को कंट्रोल कर सकते हैं. इसके लिए जरूरी है सही खानपान, रोजाना एक्टिव रहना, तनाव को कम करना और पर्याप्त नींद लेना जरूरी है.
हालांकि यह हर मरीज पर लागू नहीं होता, लेकिन सही समय पर की गई लाइफस्टाइल में सुधार की कोशिश दवाओं की जरूरत को टाल या कम जरूर कर सकती है. पद्मश्री से सम्मानित और देश के जाने-माने डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. वी. मोहन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर कुछ आसान नेचुरल उपाय बताएं, जिसे अपनाकर आप अपने शुगर लेवल को कंट्रोल कर सकते हैं.
डायबिटीज में असरदार माने जाने वाले घरेलू उपाय
प्राकृतिक चीजों का सही तरीके से इस्तेमाल डायबिटीज मैनेजमेंट में मददगार हो सकता है. जैसे मेथी (Fenugreek) के दाने, जिन्हें रातभर पानी में भिगोकर रखें और अगली सुबह खाली उस पानी को पिएं. सॉल्युबल फाइबर से भरपूर यह पानी पाचन को धीमा करता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करने में मदद करता है.
इसी तरह करेला डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. हफ्ते में दो से तीन बार करेले का ताजा जूस पीने से ब्लड शुगर लेवल संतुलित रखने में मदद मिल सकती है. करेले में मौजूद चारेंटिन, पॉलीपेप्टाइड-पी और अन्य बायोएक्टिव तत्व शरीर में इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाते हैं और कोशिकाओं में ग्लूकोज के उपयोग को बढ़ाते हैं. इससे अचानक बढ़ने वाला शुगर भी कंट्रोल में रहता है.
नीम के पत्ते आयुर्वेद में खून को साफ करने के लिए अच्छे माने जाते हैं और शुगर कंट्रोल के लिए बेहद उपयोगी माने जाते हैं. सुबह खाली पेट 5 से 10 ताजे नीम के पत्ते चबाने से ब्लड शुगर कम करने में मदद मिल सकती है. नीम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-डायबिटिक गुण इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारते हैं और शरीर में शुगर के अवशोषण को धीमा करते हैं.
दालचीनी एक आम मसाला होते हुए भी आपके शुगर को कंट्रोल कर सकता है. रोजाना आधा चम्मच दालचीनी का पाउडर लेने से फास्टिंग शुगर और इंसुलिन रेजिस्टेंस में सुधार लाया जा सकता है. दालचीनी को आप गुनगुने पानी के साथ, चाय में या भोजन में मिलाकर ले सकते हैं.
इसके साथ-साथ रोजाना हल्की एक्सरसाइज, संतुलित डाइट, मीठे और प्रोसेस्ड फूड से दूरी, तनाव कम करना और पूरी नींद लेना डायबिटीज को कंट्रोल करने में बहुत जरूरी होते हैं.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.