Kali Haldi vs Yellow Haldi: किचन में हल्दी का इस्तेमाल रोजाना किया जाता है, लेकिन पीले रंग की हल्दी का जिसे औषधि माना जाता है. आमतौर पर इसका इस्तेमाल खाना बनाने के लिए किया जाता है जिसे कुछ लोग इसे पानी में डालकर पीते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि पिछले कुछ सालों में पिछले कुछ समय से नीली हल्दी भी चर्चा में है. यह ऊपर से दिखने में काली होती है और अंदर से नीली निकलती है. हालांकि, कुछ लोगों को लगता है कि पीली हल्दी इस्तेमाल करना बेस्ट है, क्योंकि ज्यादातर घरों में इसका इस्तेमाल किया जाता है. बहुत सारे लोगों को इसका सही जवाब नहीं पता है कि पीली हल्दी और नीली हल्दी में कौन सी ज्यादा फायदेमंद है. आइए आसान हिंदी में दोनों का पूरा फर्क और सही जवाब जानते हैं.
इसे भी पढ़ें- रोज 4 भीगे खजूर खाने से क्या होगा? फायदे जान तुरंत बना लेंगे आदत
पीली हल्दी क्या है?
पीली हल्दी सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली सामग्री है, जो लगभग हर घर में पाई जाती है. यह शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीजन जैसे तत्वों से भरपूर होती है, जिसका सेवन करने से शरीर को कई तरह के फायदे मिलते हैं.
फायदे
- इम्यूनिटी मजबूत करना
- सूजन और दर्द कम करना
- पाचन सुधारना
- घाव भरने में मदद करना
- सर्दी-खांसी में असरदार होना
नीली हल्दी क्या है?
नीली हल्दी का इस्तेमाल बहुत कम किया जाता है, जिसे खाने में कम डाला जाता है. कुछ लोगों को नीली हल्दी के बारे में पता भी नहीं है, क्योंकि यह दिखने में काली होती है और अंदर से नीले रंग की निकलती है. हालांकि, पहाड़ों में नीले रंग की हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है.
फायदे
- जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द में फायदेमंद
- एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होना
- स्किन प्रॉब्लम्स में मददगार होना
- पारंपरिक आयुर्वेद में अहम होना
हेल्थ के लिए कौन सा पाउडर है बेस्ट?
वैसे को दोनों हल्दी फायदेमंद मानी जाती है, लेकिन ज्यादा पीली हल्दी इस्तेमाल की जाती है. रोजाना इसे खाने से किसी भी तरह का नुकसान नहीं होता और फायदा दोगुना मिलता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, पीली हल्दी का रोजाना इस्तेमाल करना अच्छा माना जाता है. इसे ज्यादातर रिसर्च में साबित किया गया है, जबकि नीली हल्दी का इस्तेमाल डॉक्टर या आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की सलाह से ही करना चाहिए.
हल्दी का सेवन कैसे करें?
पीली हल्दी को दूध में या फिर सब्जी बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके साथ किसी भी तरह के मसाले को मिलाया जा सकता है. वहीं, नीली हल्दी का इस्तेमाल रोजाना करना सही नहीं है, क्योंकि इसके नुकसान शरीर को हो सकते हैं.
इसे भी पढ़ें- क्या किसी गंभीर बीमारी का संकेत होता है नाइटफॉल? जानिए क्यों इससे परेशान हो जाते हैं पुरुष
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Kali Haldi vs Yellow Haldi: किचन में हल्दी का इस्तेमाल रोजाना किया जाता है, लेकिन पीले रंग की हल्दी का जिसे औषधि माना जाता है. आमतौर पर इसका इस्तेमाल खाना बनाने के लिए किया जाता है जिसे कुछ लोग इसे पानी में डालकर पीते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि पिछले कुछ सालों में पिछले कुछ समय से नीली हल्दी भी चर्चा में है. यह ऊपर से दिखने में काली होती है और अंदर से नीली निकलती है. हालांकि, कुछ लोगों को लगता है कि पीली हल्दी इस्तेमाल करना बेस्ट है, क्योंकि ज्यादातर घरों में इसका इस्तेमाल किया जाता है. बहुत सारे लोगों को इसका सही जवाब नहीं पता है कि पीली हल्दी और नीली हल्दी में कौन सी ज्यादा फायदेमंद है. आइए आसान हिंदी में दोनों का पूरा फर्क और सही जवाब जानते हैं.
इसे भी पढ़ें- रोज 4 भीगे खजूर खाने से क्या होगा? फायदे जान तुरंत बना लेंगे आदत
पीली हल्दी क्या है?
पीली हल्दी सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली सामग्री है, जो लगभग हर घर में पाई जाती है. यह शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीजन जैसे तत्वों से भरपूर होती है, जिसका सेवन करने से शरीर को कई तरह के फायदे मिलते हैं.
फायदे
- इम्यूनिटी मजबूत करना
- सूजन और दर्द कम करना
- पाचन सुधारना
- घाव भरने में मदद करना
- सर्दी-खांसी में असरदार होना
नीली हल्दी क्या है?
नीली हल्दी का इस्तेमाल बहुत कम किया जाता है, जिसे खाने में कम डाला जाता है. कुछ लोगों को नीली हल्दी के बारे में पता भी नहीं है, क्योंकि यह दिखने में काली होती है और अंदर से नीले रंग की निकलती है. हालांकि, पहाड़ों में नीले रंग की हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है.
फायदे
- जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द में फायदेमंद
- एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होना
- स्किन प्रॉब्लम्स में मददगार होना
- पारंपरिक आयुर्वेद में अहम होना
हेल्थ के लिए कौन सा पाउडर है बेस्ट?
वैसे को दोनों हल्दी फायदेमंद मानी जाती है, लेकिन ज्यादा पीली हल्दी इस्तेमाल की जाती है. रोजाना इसे खाने से किसी भी तरह का नुकसान नहीं होता और फायदा दोगुना मिलता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, पीली हल्दी का रोजाना इस्तेमाल करना अच्छा माना जाता है. इसे ज्यादातर रिसर्च में साबित किया गया है, जबकि नीली हल्दी का इस्तेमाल डॉक्टर या आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की सलाह से ही करना चाहिए.
हल्दी का सेवन कैसे करें?
पीली हल्दी को दूध में या फिर सब्जी बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके साथ किसी भी तरह के मसाले को मिलाया जा सकता है. वहीं, नीली हल्दी का इस्तेमाल रोजाना करना सही नहीं है, क्योंकि इसके नुकसान शरीर को हो सकते हैं.
इसे भी पढ़ें- क्या किसी गंभीर बीमारी का संकेत होता है नाइटफॉल? जानिए क्यों इससे परेशान हो जाते हैं पुरुष
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.