Peela Bukhar Ke Lakshan: कोरोना वायरस के बाद भारत में अब नए वायरस ने दस्तक दी है. हाल ही में मुंबई एयरपोर्ट पर एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है, जो पीले बुखार से पीड़ित था. बताया जा रहा है कि उसने फेक येलो फीवर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाया और अंदर चला गया. इसके बाद से ही पीले बुखार को लेकर अलर्ट जारी है. बता दें, यह एक गंभीर वायरल बीमारी है जिसको लेकर भारत सरकार की हेल्थ एजेंसी चौकन्नी हैं. ऐसे में आपके लिए भी इसके लक्षण जानना जरूरी हो जाते हैं. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं, जिसे आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
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क्या है येलो फीवर?
Yellow Fever एक गंभीर वायरल बीमारी है जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलती है. यह बीमारी मुख्य रूप से अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में पाई जाती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्रा के कारण अन्य देशों में भी इसका खतरा बना रहता है. भारत में अभी यह बीमारी व्यापक रूप से मौजूद नहीं है, फिर भी स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क रहती हैं क्योंकि विदेश यात्रा से संक्रमण आने की संभावना रहती है.
पीला बुखार नाम क्यों पड़ा?
Yellow Fever का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि इस बीमारी में कई मरीजों की त्वचा और आंखें पीली पड़ जाती हैं, जो लिवर पर असर का संकेत है. यह वायरस शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है.
Yellow Fever कैसे फैलता है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की जानकारी के मुताबिक, Yellow Fever वायरस संक्रमित एडीज और हेमोगॉगस प्रजाति के मच्छरों के काटने से फैलता है. यह इंसान से इंसान के अंदर नहीं फैलता है.
- संक्रमित मच्छर किसी इंसान को काटता है और वायरस बॉडी के अंदर फैल जाता है.
- संक्रमित इंसान को काटने के बाद वही मच्छर अन्य लोगों में भी वायरस फैला सकता है.
Yellow Fever के शुरुआती 5 लक्षण
Yellow Fever के लक्षण आमतौर पर संक्रमण होने के 6 दिन बाद दिखाई देते हैं. हालांकि, शुरुआत में यह सामान्य वायरल बुखार जैसा लग सकता है तो आप इसकी पहचान इन संकेतों से कर सकते हैं.
- तेज बुखार होना
- सिर दर्द और शरीर दर्द होना
- कमजोरी और थकान महसूस होना
- मतली और उल्टी होना
- आंखों का लाल होना
Yellow Fever से बचाव कैसे करें?
- इस बीमारी वाले मच्छरों से बचने के लिए फुल स्लीव कपड़े पहनें.
- मच्छरदानी और रिपेलेंट का इस्तेमाल करें.
- घर के आसपास पानी जमा ना होने दें.
- बुखार होने पर बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Peela Bukhar Ke Lakshan: कोरोना वायरस के बाद भारत में अब नए वायरस ने दस्तक दी है. हाल ही में मुंबई एयरपोर्ट पर एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है, जो पीले बुखार से पीड़ित था. बताया जा रहा है कि उसने फेक येलो फीवर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाया और अंदर चला गया. इसके बाद से ही पीले बुखार को लेकर अलर्ट जारी है. बता दें, यह एक गंभीर वायरल बीमारी है जिसको लेकर भारत सरकार की हेल्थ एजेंसी चौकन्नी हैं. ऐसे में आपके लिए भी इसके लक्षण जानना जरूरी हो जाते हैं. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं, जिसे आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
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क्या है येलो फीवर?
Yellow Fever एक गंभीर वायरल बीमारी है जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलती है. यह बीमारी मुख्य रूप से अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में पाई जाती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्रा के कारण अन्य देशों में भी इसका खतरा बना रहता है. भारत में अभी यह बीमारी व्यापक रूप से मौजूद नहीं है, फिर भी स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क रहती हैं क्योंकि विदेश यात्रा से संक्रमण आने की संभावना रहती है.
पीला बुखार नाम क्यों पड़ा?
Yellow Fever का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि इस बीमारी में कई मरीजों की त्वचा और आंखें पीली पड़ जाती हैं, जो लिवर पर असर का संकेत है. यह वायरस शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है.
Yellow Fever कैसे फैलता है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की जानकारी के मुताबिक, Yellow Fever वायरस संक्रमित एडीज और हेमोगॉगस प्रजाति के मच्छरों के काटने से फैलता है. यह इंसान से इंसान के अंदर नहीं फैलता है.
- संक्रमित मच्छर किसी इंसान को काटता है और वायरस बॉडी के अंदर फैल जाता है.
- संक्रमित इंसान को काटने के बाद वही मच्छर अन्य लोगों में भी वायरस फैला सकता है.
Yellow Fever के शुरुआती 5 लक्षण
Yellow Fever के लक्षण आमतौर पर संक्रमण होने के 6 दिन बाद दिखाई देते हैं. हालांकि, शुरुआत में यह सामान्य वायरल बुखार जैसा लग सकता है तो आप इसकी पहचान इन संकेतों से कर सकते हैं.
- तेज बुखार होना
- सिर दर्द और शरीर दर्द होना
- कमजोरी और थकान महसूस होना
- मतली और उल्टी होना
- आंखों का लाल होना
Yellow Fever से बचाव कैसे करें?
- इस बीमारी वाले मच्छरों से बचने के लिए फुल स्लीव कपड़े पहनें.
- मच्छरदानी और रिपेलेंट का इस्तेमाल करें.
- घर के आसपास पानी जमा ना होने दें.
- बुखार होने पर बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.