फार्ट को जबरदस्ती रोकते हैं? शरीर को नजर आने लगेंगे ये 6 बड़े नुकसान

Paad Ko Kaise Control Kaise: जब खाना आंतों में टूटता है तो बैक्टीरिया कुछ गैस बनाते हैं और यह शरीर से बाहर निकल जाता है. यह एक तरह का नेचुरल प्रोसेस है, लेकिन पब्लिक प्लेस या ऑफिस जैसी जगहों पर इसे कंट्रोल करना जरूरी हो जाता है.

Fart Control Side Effects

फार्ट रोकने के 6 बड़े नुकसान. Image Credit- Shutterstock

Fart Control Side Effects: पाद आना बहुत ही नॉर्मल बात है, क्योंकि यह एक तरह का नेचुरल प्रोसेस है और इस प्रोसेस से हर इंसान गुजरता है. पाद आना बहुत जरूरी है क्योंकि जब पेट में गैस बनती है तो इसका बाहर निकलना जरूरी होता है. अगर ऐसा नहीं होता तो पेट में दर्द जैसी समस्या होना शुरू हो जाती है. बता दें कि जब खाना आंतों में टूटता है तो बैक्टीरिया कुछ गैस बनाने का काम करते हैं. यह गैस शरीर से बाहर निकलती है, जिसे हम पाद या फ्लैटुलेंस कहते हैं. कुछ लोग इसे फार्ट के नाम से भी जानते हैं, लेकिन कई लोग शर्म या असहजता होने की वजह से गैस को जबरदस्ती रोक लेते हैं. उन्हें ऐसा करना बहुत नॉर्मल लगता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है?

विज्ञापन
विज्ञापन

फार्ट क्या होता है?

फार्ट (Fart) या पाद, यह पाचन प्रक्रिया के दौरान होने वाला नेचुरल प्रोसेस है. खाना खाने के बाद आंतों की बनी गैस गुदे (Anus) के रास्ते बाहर निकल जाती है. यह पूरा प्रोसेस नेचुरल तरीके से होता है, जो एक स्वाभाविक शारीरिक प्रक्रिया है.

फार्ट रोकने के 6 बड़े नुकसान

पेट में दर्द होना- अगर आप पाद रोकते हैं तो गैस वापस आंतों में जमा होने लगती है और एक वक्त के बाद पेट में दबाव ज्यादा पड़ने लगता है. ऐसा करने से पेट में मरोड़ या दर्द महसूस हो सकता है.
पेट फूलना- कई बार पेट फूलने की समस्या शुरू हो जाती है. गैस बाहर ना निकलने की वजह से अंदर ही जमा होने लगती है. इससे पेट और सख्त हो जाता है और पेट भरा हुआ लगता है.
एसिडिटी होना- गैस जमा होने की वजह से पाचन तंत्र पर काफी असर पड़ता है. इससे सीने में जलन और एसिडिटी की समस्या बढ़ जाती है. ऐसा आपके साथ भी हो सकता है अगर आप पाद को रोकते हैं.
सिरदर्द होना- कुछ लोगों में ज्यादा गैस बनने और उसे रोकने से सिरदर्द या बेचैनी भी हो सकती है. यह शरीर में बढ़े हुए दबाव का असर हो सकता है.
बदहजमी होना- पाद रोकने से पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं करता और इससे अपच, डकार और उल्टी जैसा महसूस हो सकता है.
आंतों पर असर होना- बार-बार गैस रोकने की आदत से आंतों पर दबाव पड़ सकता है. हालांकि, इससे कोई बड़ी बीमारी सीधे नहीं होती, लेकिन लगातार ऐसा करना असहजता और पाचन गड़बड़ी को बढ़ा सकता है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ