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फार्ट को जबरदस्ती रोकते हैं? शरीर को नजर आने लगेंगे ये 6 बड़े नुकसान

Paad Ko Kaise Control Kaise: जब खाना आंतों में टूटता है तो बैक्टीरिया कुछ गैस बनाते हैं और यह शरीर से बाहर निकल जाता है. यह एक तरह का नेचुरल प्रोसेस है, लेकिन पब्लिक प्लेस या ऑफिस जैसी जगहों पर इसे कंट्रोल करना जरूरी हो जाता है.

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Edited By : Shadma Muskan Updated: Feb 12, 2026 17:31
Fart Control Side Effects
फार्ट रोकने के 6 बड़े नुकसान. Image Credit- Shutterstock

Fart Control Side Effects: पाद आना बहुत ही नॉर्मल बात है, क्योंकि यह एक तरह का नेचुरल प्रोसेस है और इस प्रोसेस से हर इंसान गुजरता है. पाद आना बहुत जरूरी है क्योंकि जब पेट में गैस बनती है तो इसका बाहर निकलना जरूरी होता है. अगर ऐसा नहीं होता तो पेट में दर्द जैसी समस्या होना शुरू हो जाती है. बता दें कि जब खाना आंतों में टूटता है तो बैक्टीरिया कुछ गैस बनाने का काम करते हैं. यह गैस शरीर से बाहर निकलती है, जिसे हम पाद या फ्लैटुलेंस कहते हैं. कुछ लोग इसे फार्ट के नाम से भी जानते हैं, लेकिन कई लोग शर्म या असहजता होने की वजह से गैस को जबरदस्ती रोक लेते हैं. उन्हें ऐसा करना बहुत नॉर्मल लगता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है?

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फार्ट क्या होता है?

फार्ट (Fart) या पाद, यह पाचन प्रक्रिया के दौरान होने वाला नेचुरल प्रोसेस है. खाना खाने के बाद आंतों की बनी गैस गुदे (Anus) के रास्ते बाहर निकल जाती है. यह पूरा प्रोसेस नेचुरल तरीके से होता है, जो एक स्वाभाविक शारीरिक प्रक्रिया है.

फार्ट रोकने के 6 बड़े नुकसान

पेट में दर्द होना- अगर आप पाद रोकते हैं तो गैस वापस आंतों में जमा होने लगती है और एक वक्त के बाद पेट में दबाव ज्यादा पड़ने लगता है. ऐसा करने से पेट में मरोड़ या दर्द महसूस हो सकता है.
पेट फूलना- कई बार पेट फूलने की समस्या शुरू हो जाती है. गैस बाहर ना निकलने की वजह से अंदर ही जमा होने लगती है. इससे पेट और सख्त हो जाता है और पेट भरा हुआ लगता है.
एसिडिटी होना- गैस जमा होने की वजह से पाचन तंत्र पर काफी असर पड़ता है. इससे सीने में जलन और एसिडिटी की समस्या बढ़ जाती है. ऐसा आपके साथ भी हो सकता है अगर आप पाद को रोकते हैं.
सिरदर्द होना- कुछ लोगों में ज्यादा गैस बनने और उसे रोकने से सिरदर्द या बेचैनी भी हो सकती है. यह शरीर में बढ़े हुए दबाव का असर हो सकता है.
बदहजमी होना- पाद रोकने से पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं करता और इससे अपच, डकार और उल्टी जैसा महसूस हो सकता है.
आंतों पर असर होना- बार-बार गैस रोकने की आदत से आंतों पर दबाव पड़ सकता है. हालांकि, इससे कोई बड़ी बीमारी सीधे नहीं होती, लेकिन लगातार ऐसा करना असहजता और पाचन गड़बड़ी को बढ़ा सकता है.

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First published on: Feb 12, 2026 05:31 PM

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