खाना भी बन सकता है ऑफिस में स्ट्रेस की वजह! कहीं आप भी तो न्यूरो-इंफ्लेमेशन के शिकार नहीं?
Office Stress Causes: हर समय थकान महसूस होने या ऑफिस के चलते स्ट्रेस होने के पीछे असल वजह आपका खानपान भी हो सकता है. ऐसे में यहां जानिए क्या है न्यूरो-इंफ्लेमेशन और इससे कैसे बच सकते हैं.

Brain Inflammation: ऑफिस में अक्सर ही तनाव होने लगता है तो शरीर भी थका हुआ महसूस करता है, किसी काम में मन नहीं लगता और छोटी-छोटी बातें भी हम भूलने लगते हैं. लेकिन, अगर काम बहुत ज्यादा ना भी हो और फिर भी इस तरह थकान हो तो यह आपके खानपान के चलते भी हो सकता है. अगर खानपान सही ना हो तो यह दिमाग में अक्यूट-इंफ्लेमेशन की वजह बन सकता है जिससे हर समय थकान और भूलने की दिक्कत हो सकती है. ऐसे में यहां जानिए क्या है न्यूरो-इंफ्लेमेशन और इस स्थिति में खाने की किन चीजों से परहेज करना जरूरी है.
क्या है न्यूरो-इंफ्लेमेशन
2 / 7न्यूरो-इंफ्लेमशन एक ऐसी कंडीशन है जिसमें सेंट्रल नर्वस सिस्टम में इम्यून रिस्पोंस के कारण दिमाग में सूजन हो जाती है. यह न्यूरो-इंफ्लेमेशन दिमाग के टिशूज को प्रभावित करता है जो खराब खाने, क्रोनिक स्ट्रेस या खराब गट के कारण प्रभावित होता है. इससे याद्दाश्त से जुड़ी दिक्कतें भी हो सकती हैं.
खानपान का क्या है रोल
3 / 7ज्यादातर लोगों की डाइट आजकल अल्ट्राप्रोसेस्ड फूड्स से भरपूर होती है. इसके अलावा शुगर फूड्स का जरूरत से ज्यादा सेवन, ट्रांस फैट और लो फाइबर वाली डाइट दिमाग की इंफ्लेमेशन को बढ़ाने का काम करते हैं.
हो सकता है ब्रेन फोग
4 / 7जब खानपान खराब होता है तो गट इंबैलेंस्ड होने लगता है. इससे इंफ्लेमेशन होने लगती है जिससे ब्रेन फोग, थकान और फोकस में कमी जैसी दिक्कतें होने लगती है.
खराब डाइट से न्यूरो-इंफ्लेमेशन होने के लक्षण
5 / 7खराब डाइट के कारण अगर न्यूरो-इंफ्लेमेशन होती है तो हर समय थकान महसूस होने लगती है, व्यक्ति चीजें भूलने लगता है, इरिटेशन ज्यादा होती है, ध्यानकेंद्रित करने में दिक्कत आती है और मोटिवेशन की कमी महसूस होती है.
किन दिक्कतों से बढ़ जाती है परेशानी
6 / 7अगर नींद कम ली जाए, लाइफस्टाइल एक्टिव ना हो, व्यक्ति खाना ना खाए या हाई कैफीन वाले फूड्स लिए जाएं तो इससे दिक्कतें बढ़ सकती हैं.
इन चीजों को खाने से करें परहेज
7 / 7न्यूरो-इंफ्लेमेशन के लक्षण नजर आने लगे हैं तो खानपान से अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स को निकाल दें. खुद को हाइड्रेटेड रखने की कोशिश करें और एंटी-इंफ्लेमेटरी फल, सब्जियों और सूखे मेवों को अपने खानपान का हिस्सा बनाएं. यह भी पढ़ें – Oral Cancer Signs: मुंह का छाला कब बन सकता है कैंसर? ओनकोलॉजिस्ट डॉ. पुनीत गुप्ता ने बताए मुंह के कैंसर के लक्षण अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.









