Brain Inflammation: ऑफिस में अक्सर ही तनाव होने लगता है तो शरीर भी थका हुआ महसूस करता है, किसी काम में मन नहीं लगता और छोटी-छोटी बातें भी हम भूलने लगते हैं. लेकिन, अगर काम बहुत ज्यादा ना भी हो और फिर भी इस तरह थकान हो तो यह आपके खानपान के चलते भी हो सकता है. अगर खानपान सही ना हो तो यह दिमाग में अक्यूट-इंफ्लेमेशन की वजह बन सकता है जिससे हर समय थकान और भूलने की दिक्कत हो सकती है. ऐसे में यहां जानिए क्या है न्यूरो-इंफ्लेमेशन और इस स्थिति में खाने की किन चीजों से परहेज करना जरूरी है.
क्या है न्यूरो-इंफ्लेमेशन

2 / 7
न्यूरो-इंफ्लेमशन एक ऐसी कंडीशन है जिसमें सेंट्रल नर्वस सिस्टम में इम्यून रिस्पोंस के कारण दिमाग में सूजन हो जाती है. यह न्यूरो-इंफ्लेमेशन दिमाग के टिशूज को प्रभावित करता है जो खराब खाने, क्रोनिक स्ट्रेस या खराब गट के कारण प्रभावित होता है. इससे याद्दाश्त से जुड़ी दिक्कतें भी हो सकती हैं.
खानपान का क्या है रोल

3 / 7
ज्यादातर लोगों की डाइट आजकल अल्ट्राप्रोसेस्ड फूड्स से भरपूर होती है. इसके अलावा शुगर फूड्स का जरूरत से ज्यादा सेवन, ट्रांस फैट और लो फाइबर वाली डाइट दिमाग की इंफ्लेमेशन को बढ़ाने का काम करते हैं.
हो सकता है ब्रेन फोग

4 / 7
जब खानपान खराब होता है तो गट इंबैलेंस्ड होने लगता है. इससे इंफ्लेमेशन होने लगती है जिससे ब्रेन फोग, थकान और फोकस में कमी जैसी दिक्कतें होने लगती है.
खराब डाइट से न्यूरो-इंफ्लेमेशन होने के लक्षण

5 / 7
खराब डाइट के कारण अगर न्यूरो-इंफ्लेमेशन होती है तो हर समय थकान महसूस होने लगती है, व्यक्ति चीजें भूलने लगता है, इरिटेशन ज्यादा होती है, ध्यानकेंद्रित करने में दिक्कत आती है और मोटिवेशन की कमी महसूस होती है.
किन दिक्कतों से बढ़ जाती है परेशानी

6 / 7
अगर नींद कम ली जाए, लाइफस्टाइल एक्टिव ना हो, व्यक्ति खाना ना खाए या हाई कैफीन वाले फूड्स लिए जाएं तो इससे दिक्कतें बढ़ सकती हैं.