इंटरनेट की लत भी सेहत के लिए खतरनाक, दिमाग पर कैसे डालती असर? पढ़ें ये रिसर्च

इंटरनेट हमारे सोचने के, रहने के तरीके भी बदल रहा। इसके अलावा कई ऐसी भी चीजें हैं जिनमें इंटरनेट की दखल-अंदाजी हो रही है। एक सर्वे में कहा गया है कि इंटरनेट की लत से हमारे दिमाग पर भी गहरा असर हो रहा है और यह हमारे खाने की आदत को भी प्रभावित कर रहा है।

Internet Addiction Disorder Symptoms

इंटरनेट की लत Image Credit: Freepik

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Internet Addiction Disorder Symptoms: आज जिस हाथ में स्मार्टफोन है वहां इंटरनेट की पहुंच है। आज ज्यादातर काम इंटरनेट के जरिए हो रहे हैं। इंटरनेट ने हमारे काम को तो आसान कर ही दिया है लेकिन यह हमारे जीने के तरीके को भी बदल रहा है। इंटरनेट हमारे सोचने के, रहने के तरीके भी बदल रहा है। इसके अलावा कई ऐसी भी चीजें हैं जिनमें इंटरनेट की दखल-अंदाजी हो रही है। एक सर्वे में कहा गया है कि इंटरनेट की लत से हमारे दिमाग पर भी गहरा असर हो रहा है और यह हमारे खाने की आदत को भी प्रभावित कर रहा है।

उम्मीद से ज्यादा खतरनाक है इंटरनेट

पहली बार नहीं है जब इंटरनेट की लत को लेकर बातें हो रही हैं। हम सब जानते हैं कि लंबे समय तक मोबाइल, सोशल मीडिया और इंटरनेट पर समय बिताना हमारे के लिए हानिकारक है, बावजूद इसके हम संभल नहीं रहे हैं। यह कितना ज्यादा नुकसानदायक है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि हमारे शरीर को भी प्रभावित कर रहा है।

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खाने की बदल रही आदत

हालिया सर्वे में कहा गया है कि इंटरनेट की लत हमारे नींद को प्रभावित करता है, खाने की आदत को बदल रहा है और इसके अलावा यह हमारे दिमाग को भी प्रभावित कर रहा है जिससे सोचने की क्षमता प्रभावित हो रही है। इंटरनेट की लत से लोगों में सोचने की क्षमता खत्म हो रही है। हम कोई निर्णय ढंग से नहीं ले पाते हैं। इंटरनेट का सबसे ज्यादा प्रभाव बच्चों और किशोरों के विकासशील मस्तिष्क पर पड़ रहा है।

नशे की लत वाले व्यवहार को बढ़ावा

इस सर्वे को PLOS मेंटल हेल्थ की मदद से द गार्जियन में प्रकाशित किया गया है। रिपोर्ट कहती है कि इंटरनेट की लत दिमाग के भीतर कई नर्व नेटवर्क को महत्वपूर्ण रूप से असर कर रही है। स्टडी का उद्देश्य यह पता लगाना था कि इंटरनेट की लत युवा लोगों में ब्रेन केमिकल सांइस को कैसे प्रभावित करती है, जिससे ऐसे बदलाव आते हैं जो ज्यादा नशे की लत वाले व्यवहार को बढ़ावा दे सकते हैं।

FMRI स्कैनिंग की ली गई मदद  

इस शोध में 2013 और 2023 के बीच किए गए 12 पिछली रिसर्च के डाटा को भी शामिल किया गया है। इसमें 10 से 19 साल की आयु के 237 किशोर शामिल थे, जिन्हें औपचारिक रूप से इंटरनेट की लत का निदान किया गया था। दिमागी हालत को जांचने के लिए कार्यात्मक चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (Functional Magnetic Resonance Imaging) का इस्तेमाल हुआ ताकि यह पता लगाया जा सके कि इंटरनेट की लत वाले लोगों में मस्तिष्क के विभिन्न क्षेत्र कैसे बातचीत करते हैं। स्टडी में पाया गया कि जिन प्रतिभागियों की ऑनलाइन ऑनलाइन उपस्थिति ज्यादा थी उनके कार्यकारी नियंत्रण नेटवर्क, एक्टिव सोच, स्मृति और निर्णय लेने के लिए जिम्मेदार ब्रेन एरिया की कार्यात्मक कनेक्टिविटी में कमी आई थी।

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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले लें। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है। 

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