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Diabetes in Children: बच्चों में भी बढ़ रहा डायबिटीज का खतरा? इन लक्षणों को भूल कर भी न करें नजरअंदाज

आज के वक्त में डायबिटीज की समस्या लोगों के बीच बहुत आम हो गई है, जिस वजह से उनका शरीर बहुत कमजोर हो जाता है और बीमारियों का घर बन जाता है. लेकिन अब यह समस्या बच्चों में भी देखनें को मिल रही है. आइए जानते हैं कुछ ऐसे लक्षण जो अगर बच्चों में दिखाई दें तो, आपको सावधान होने की जरूरत है.

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डायबिटीज (Diabetes) अब केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रही, बल्कि यह हर उम्र के लोगों को अपनी चपेट में ले रही है. चिंता की बात अब यह है कि छोटे बच्चे भी तेजी से इस रोग का शिकार बन रहे हैं. पहले जहां शुगर की समस्या ज्यादातर वयस्कों में देखी जाती थी, वहीं अब स्कूल जाने वाले बच्चों में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं. बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और बढ़ता मोटापा इस स्थिति को और गंभीर बना रहे हैं. समय रहते जागरूक होना बेहद जरूरी है, वरना यह बीमारी अपके बच्चों का भविष्य दवाइयों और बीमारियों में फंसा कर खराब कर सकती है. इस स्टोरी में हम आपको कुछ ऐसे संकेत बताएंगे, जिससे आप यह पता लगा सकेंगे कि कहीं आपके बच्चे तो शुगर की समस्या के करीब तो नहीं पहुंच गए. आइए जानते हैं.

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गलत खानपान और स्क्रीन टाइम बना बड़ी वजह

सामान्य जानकारी के अनुसार, बच्चों में डायबिटीज (Diabetes in Childrens) बढ़ने का सबसे बड़ा कारण जंक फूड, मिठाइयों और मीठे पेय पदार्थों का ज्यादा सेवन है. बच्चों के बीच फास्ट फूड और पैकेज्ड खाने की आदत बहुत आम होती है और खुद माता-पिता उनको यह सब चीजें देते हैं, लेकिन आपको शायद जानकारी न हो यह तमाम चीजें ब्लड शुगर को असंतुलित कर देती हैं. इसके साथ ही मोबाइल, टीवी और वीडियो गेम्स के कारण शारीरिक गतिविधि भी कम हो गई है, इस कारण शरीर की ऊर्जा खर्च नहीं होती है और शरीर में चर्बी बढ़ती है, जो आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज का रूप ले सकती है.

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ये लक्षण दिखें तो तुरंत हो जाएं सतर्क

अगर बच्चा बार-बार प्यास लगने की शिकायत करे, बार-बार पेशाब जाए, बहुत ज्यादा भूख लगे या अचानक वजन घटने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें. आंखों से धुंधला दिखना, थकान रहना और घाव का देर से भरना भी डायबिटीज के संकेत हो सकते हैं. कई बार यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआती लक्षण साफ नहीं होते, इस कारण माता-पिता इन चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं. हालांकि, अगर आप जागरूक रहेंगे, तो आपके बच्चे वक्त रहते इस समस्या से बच सकेंगे.

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टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज में क्या है अंतर

बच्चों में टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज दोनों देखी जा रही हैं. टाइप-1 डायबिटीज में शरीर का इम्यून सिस्टम अग्न्याशय (Pancreas) की इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा देता है, जिससे इंसुलिन बनना कम या बंद हो जाता है और ब्लड शुगर बढ़ने लगती है. वहीं टाइप-2 डायबिटीज में शरीर इंसुलिन तो बनाता है, लेकिन उसका सही उपयोग नहीं कर पाता. मोटापा, जंक फूड, कम शारीरिक गतिविधि और परिवार में डायबिटीज का इतिहास इसका खतरा बढ़ाते हैं.

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क्या है इसका उपाय?

बच्चों को इस बीमारी से बचाने के लिए सबसे जरूरी है कि आप उनको संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और आउटडोर खेलों के लिए प्रेरित करें. मीठे और तले हुए खाद्य पदार्थों से दूर रखें और अगर किसी बच्चे में लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें. समय पर जांच और उपचार से डायबिटीज को नियंत्रित किया जा सकता है और बच्चे को स्वस्थ भविष्य दिया जा सकता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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First published on: Feb 24, 2026 03:25 PM

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About the Author

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. वह ट्रेनी के रूप में ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखते आए हैं. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. वह ट्रेनी के रूप में ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखते आए हैं. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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