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क्या आपको भी दिखता है धुंधला ? ये गंभीर बीमारियां हो सकती हैं कारण

Blurred Vision: हमारी आंखें चेहरे का सबसे खूबूसरत अंग है। ऐसे में आंखों का ख्याल रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। लेकिन कुछ लोग लापरवाही इतनी करते हैं कि धीरे-धीरे हमारी आंखें कमजोर होने लगती हैं। आज के दौर में सभी की आईसाइट कमजोर हो रही है। इसके बाद हमें चश्में का इस्तेमाल करना पड़ता […]

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Blurred Vision: हमारी आंखें चेहरे का सबसे खूबूसरत अंग है। ऐसे में आंखों का ख्याल रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। लेकिन कुछ लोग लापरवाही इतनी करते हैं कि धीरे-धीरे हमारी आंखें कमजोर होने लगती हैं। आज के दौर में सभी की आईसाइट कमजोर हो रही है। इसके बाद हमें चश्में का इस्तेमाल करना पड़ता है।

आखों से धुंधला दिखने की परेशानी को बिलकुल भी अनदेखा नहीं करना चाहिए। बाद में यही आंखों के लिए कई दिक्कतें पैदा करता है। इस समस्या के चलते कॉर्निया, रेटिना में किसी भी तरह की परेशानी हो सकती है। चश्मे या लेंस का यूज करने वाले लोगों को धुंधला दिखने पर चश्मा या लेंस बदलने की टाइम पर जरूरत होती है।

आंखों से धुंधला दिखने के लक्षण

  • लाइट से होने वाली दिक्कत
  • आंखों में दर्द
  • बोलने में परेशानी होना
  • रेड आई साइट
  • सूखापन और आंखों से पानी आना
  • सिरदर्द और मतली, माइग्रेन की समस्या
  • आंखों के साथ-साथ एक आंख से कम दिखाई देना

धुंधला दिखने का कारण हो सकती हैं गंभीर बीमारियां

स्ट्रोक

दिमागी स्ट्रोक के कारण आंखों की रोशनी खराब हो सकती है। स्ट्रोक होने पर आंखों की रोशनी कम हो जाती है, बोलने में दिक्कत, एक हाथ में कमजोरी होना।

शुगर

शुगर की बीमारी से जूझ रहे लोगों को रेटिनोपैथी से जूझना पड़ता है। जिसमें शरीर में ब्लड शुगर की ज्यादा मात्रा रेटिना में मौजूद छोटी ब्लड वेसल्स को नुकसान के साथ ही नजर पर खराब असर दिखता है।

आंखों से जुड़ा संक्रमण

आंखों में संक्रमण होने से नजर विक होती है। क्योंकि इसमें कॉर्निया को नुकसान पहुंचता है। संक्रमण के चलते आंखों की रोशनी और नजर कम होती है।

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आईरिस रोग 

आईरिस आंखों के रंगीन हिस्से को कहते हैं, आंखों से जुड़े संक्रमण की वजह से सूजन होती है। इसके चलते धुंधलापन, कमजोर नजर और धूप में कम दिखता है।

माइग्रेन

माइग्रेन होने से आंखों पर असर पड़ता है, इसमें सिर दर्द के साथ कई परेशानियां हो जाती हैं। माइग्रेन होने वाले लोगों में धुंधलापन देखा गया है।

हाई बीपी

हाई बीपी से भी आखों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में धुंधलापन, नजर विक होना शामिल है।

आई ड्रॉप और मेडिसिन

कभी-कभी आंखों के डालने वाली दवाई और खाने वाली दवाओं से हो सकता है। जैसे एलर्जी, एंटी-हाइपरटेंसिव(लीवर की बीमारियां), और लगातार डिप्रेशन की दवाएं इसका कारण बन सकती हैं। किसी भी तरह की दवा या ड्रॉप का यूज करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

Disclaimer: इस लेख में बताई गई जानकारी और सुझाव को पाठक अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। News24 की ओर से किसी जानकारी और सूचना को लेकर कोई दावा नहीं किया जा रहा है।

First published on: Aug 27, 2023 12:33 PM

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