कब्ज को दूर रखता है फाइबर, जानिए किन सब्जियों, दालों और फलों में होता है भरपूर, पेट साफ करना हो जाएगा आसान

Constipation Home Remedies: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से जानिए फाइबर से भरपूर फूड्स कौन-कौन से हैं. इन फूड्स के सेवन से शरीर को फाइबर की भरपूर मात्रा मिलती है, पाचन अच्छा रहता है और कब्ज की दिक्कत से छुटकारा मिल सकता है.

Constipation Remedies

Kabj Ke Gharelu Upay: क्या खाने पर कब्ज दूर हो सकती है, जानिए यहां. AI Generated Image

Fiber Rich Foods: कब्ज पाचन और आंतों से जुड़ी एक समस्या है जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है. इसमें मल कड़ा हो जाता है और घंटों तक टॉयलेट में बैठे रहने के बाद भी मलत्याग नहीं हो पाता है और पेट में भारीपन महसूस होने लगता है सो अलग. ऐसे में कब्ज को दूर करने के लिए फाइबर से भरपूर फूड्स खाए जा सकते हैं. फाइबर की कमी कब्ज के मुख्य कारणों में शामिल है. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ऐसे कुछ फूड्स का जिक्र किया है जो फाइबर से भरपूर होते हैं और पाचन को खासतौर से अच्छा रखते हैं. आप भी अपने खाने की प्लेट में इन फूड्स को शामिल कर सकते हैं.

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फाइबर से भरपूर हैं ये फूड्स

साबुन अनाज – जौ, ब्राउन राइस, गेंहू
दालें – दालें और लेगुम्स जैसे राजमा और छोले
फल – सेब, नाशपानी, एप्रिकोट्स, बेरीज
सब्जियां – गाजर, ब्रोकली, हरी पत्तेदार सब्जियां
सूखे मेवे और बीज – बादाम, अखरोट, चिया सीड्स, अलसी के बीज.

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फाइबर एक जरूरी फूड कंपोनेंट है जो पाचन संबंधी दिक्कतों को दूर करता है. यह माइक्रोबायोम को फायदे देता है. माइक्रोबायोम डाइजेस्टिव ट्रैक में बैक्टीरिया के हेल्दी बैलेंस को सपोर्ट करता है. इससे गट मोटिलिटी में हेल्प मिलती है और आंतों में मसल्स कोंट्रेक्शन कोर्डिनेशन बेहतर होती है जिससे फूड अच्छे से पुश होकर शरीर से निकलता है.

फाइबर किस-किस तरह से फायदेमंद होता है

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  • फाइबर से भरपूर फूड्स खाने पर पाचन हेल्दी रहता है
  • हार्ट हेल्थ अच्छी रहने में मदद मिलती है
  • हेल्दी वेट मैनेज करने में मदद मिलती है
  • ब्लड शुगर लेवल्स कंट्रोल में रहने में मदद मिलती है.

कब्ज होने के क्या कारण हैं

राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान, यूएस (NIH) के अनुसार ऐसे कुछ कारण हैं जो कब्ज की वजह बन सकते हैं, जैसे – खानपान में फाइबर की कमी होना, खानपान का खराब होना, फ्लुइड जैसे पानी या जूस वगैरह ना लेना, कैफीन का जरूरत से ज्यादा सेवन करना, दवाओं के चलते, ज्यादा शराब पीने की वजह से, हाइपोथायराइड, न्यूरोपैथी या साइकोलॉजिकल इशूज होना.

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 अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है

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Source - FSSAI, NIH 

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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