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जन्म से 5 साल तक बच्चे को कब-कब लगता है कौन सा टीका? कहीं आपके बेबी का छूटा तो नहीं ये जरूरी वैक्सीन

Baby Vaccination Schedule 0 To 5 Years India: बच्चे के जन्म के बाद उसे सेहतमंद रहने के लिए कुछ जरूरी वैक्सीन लगानी पड़ती हैं, जिसके बिना वह कई गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकता है. इस स्टोरी में जानिए कितने वक्त में कौन सी वैक्सीन लगवाना जरूरी है.

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बच्चे के जन्म के बाद उसका शरीर वक्त के साथ धीरे-धीरे मजबूत होता जाता है, लेकिन शुरुआती सालों व महीनों में उसका इम्यून सिस्टम पूरी तरह विकसित नहीं होता है, जिस कारण खतरनाक बीमारियों का खतरा बना रहता है. ऐसी स्थिति पैदा न हो, इसके लिए कुछ जरूरी टीका लगवाना बेहद जरूरी माना जाता है. रिपोर्ट बताते हैं कि टीका न लगने के कारण बच्चे को भविष्य में गंभीर बीमारी पकड़ सकती है, जिससे उसकी हेल्थ बेहद खराब हो सकती है, इसलिए जरूरी है कि डॉक्टर की सलाह के अनुसार सही टीका वक्त पर लगाया जाए.

इसी कड़ी में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, साल 2025 में दुनिया के करीब 1.35 करोड़ बच्चों को एक भी वैक्सीन नहीं मिली है, जिन्हें जीरो डोज कहा जाता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि नियमित टीकाकरण से पोलियो, खसरा, टिटनेस, काली खांसी, निमोनिया और हेपेटाइटिस-बी जैसी कई गंभीर बीमारियों से बचाव हो पाता है.

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जन्म से 14 हफ्तों के बीच कौन-कौन सा टीका

बच्चे के जन्म के समय ही तीन अहम टीके लगाए जाते हैं. इनमें BCG टीबी से बचाव के लिए, OPV-0 पोलियो से सुरक्षा के लिए और Hepatitis-B Birth Dose लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए दी जाती है. इसके बाद 6 हफ्ते की उम्र में कई जरूरी वैक्सीन की डोज दी जाती हैं. इनमें OPV-1, पेंटावेलेंट-1 (Pentavalent-1), रोटावायरस वैक्सीन (RVV)-1, इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन की आंशिक खुराक (fIPV)-1, न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (PCV)-1 शामिल हैं. वहीं, 10 से 14 हफ्तों में OPV-2, पेंटावेलेंट-2, RVV-2 और OPV-3, पेंटावेलेंट-3, fIPV-2, RVV-3, PCV-2 टिका दिया जाता है. ये टीके बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं.

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9 महीने से 6 साल तक ये वैक्सीनेशन जरूरी

इन सबके अलावा जब बच्चा 9 महीने को हो जाता है, तब उसे और भी जरूरी टीका लगवाना होता है. 9 से 12 महीने के दौरान खसरा और रुबेला (MR)-1, जेई (JE)-1, PCV-बूस्टर (PCV-Booster) लगवाना जरूरी है. वहीं, 16 महीने से 24 महीने के दौरान MR-2, JE-2, डिप्थीरिया, परटुसिस और टिटनेस (DPT)-बूस्टर-1, OPV बूस्टर जरूरी है. इतना ही नहीं, 5 से 6 साल के बीच बच्चे को DPT-बूस्टर-2 लगवाने की सलाह दी जाती है.

एक जरूरी जानकारी

JE (Japanese Encephalitis/जापानी दिमागी बुखार) वैक्सीन सिर्फ उन जिलों में लगाई जाती है, जहां इस बीमारी का खतरा ज्यादा रहता है यानी जो क्षेत्र JE के लिए स्थानिक (Endemic) माने जाते हैं. बच्चे की वैक्सीन की जरूरत उसके रहने वाले क्षेत्र और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर तय की जाती है. भारत सरकार के National Center for Vector Borne Diseases Control के नियमों के अनुसार बच्चों को इसकी 2 खुराक (Doses) दी जाती हैं.

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एक नजर में देखें सभी टीके की जानकारी

उम्रलगने वाली वैक्सीन
जन्म के समयबेसिलस कैलमेट गुएरिन (BCG), ओरल पोलियो वैक्सीन (OPV)-0 खुराक, हेपेटाइटिस B जन्म खुराक (Hepatitis B Birth Dose)
6 हफ्तेOPV-1, पेंटावेलेंट-1 (Pentavalent-1), रोटावायरस वैक्सीन (RVV)-1, इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन की आंशिक खुराक (fIPV)-1, न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (PCV)-1*
10 हफ्तेOPV-2, पेंटावेलेंट-2 (Pentavalent-2), रोटावायरस वैक्सीन (RVV)-2
14 हफ्तेOPV-3, पेंटावेलेंट-3 (Pentavalent-3), fIPV-2, रोटावायरस वैक्सीन (RVV)-3, PCV-2*
9 से 12 महीनेखसरा और रुबेला (MR)-1, जेई (JE)-1**, PCV-बूस्टर (PCV-Booster)*
16 से 24 महीनेMR-2, JE-2**, डिप्थीरिया, परटुसिस और टिटनेस (DPT)-बूस्टर-1, OPV बूस्टर
5 से 6 सालDPT-बूस्टर-2

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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First published on: Aug 06, 2026 12:36 PM

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About the Author

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.

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