पीरियड्स में ये 5 दिक्कतें हों तो डॉक्टर के पास जाने में ना करें देरी, ज्यादातर महिलाएं कर देती हैं इग्नोर

Diseases That Affect Periods: पीरियड्स समय पर ना होने से लेकर पीरियड्स के बीच में स्पॉटिंग होना भी किसी गंभीर समस्या का लक्षण हो सकता है. ऐसे में यहां जानिए पीरिड्स से जुड़ी वो कौन सी दिक्कतें हैं जिन्हें कभी इग्नोर नहीं करना चाहिए.

Period Problems Cancer

कौन सी बीमारियां आपके पीरियड को प्रभावित कर सकती हैं?

Period Problems: महिलाओं में पीरियड्स होना एक आम बात है लेकिन महिलाएं अपने पीरियड्स की दिक्कतों को अक्सर ही आम समझकर इग्नोर कर देती हैं जो एक बड़ी गलती साबित होती है. पीरियड्स के दौरान होने वाली या पीरियड्स से जुड़ी ऐसी कई दिक्कतें हैं जो किसी बीमारी का लक्षण (Disease Symptom) भी हो सकती हैं. इसीलिए इन समस्याओं को आम समझकर इग्नोर नहीं करना चाहिए बल्कि इनकी जड़ तक जाकर परेशानी का पता लगाना जरूरी है. यहां जानिए पीरियड्स से जुड़ी ऐसी 5 दिक्कतें कौन सी हैं जिन्हें इग्नोर नहीं करना चाहिए.

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कभी इग्नोर ना करें ये दिक्कतें | Period Problems You Should Never Ignore

7 दिनों से ज्यादा पीरियड आना

अगर 7 दिनों से ज्यादा पीरियड्स आते हैं तो इस दिक्कत को नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से मिलना जरूरी है.

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स्पॉटिंग होना

अगर 2 पीरियड्स के बीच में स्पॉटिंग होती है या पीरियड्स खत्म होने के बाद और शुरू होने से पहले ब्लड नजर आता है तो यह किसी दिक्कत के चलते हो सकता है. यह नॉर्मल नहीं है.

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हैवी फ्लो

पीरियड्स अगर इतने ज्यादा हो रहे हैं कि हर घंटे पैड बदलना पड़े तो इसे इग्नोर ना करें. इतना हैवी फ्लो (Heavy Flow) सभी को नहीं होता है.

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बहुत ज्यादा दर्द

आपको पीरियड्स में अगर इतना दर्द होता है कि आपकी नॉर्मल डेली लाइफ ही रुक जाए तो इस दिक्कत को हल्के में ना लें.

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पीरियड मिस होना

प्रेग्नेंसी के अलावा अगर पीरिड्स कई महीनों तक नहीं आ रहे हैं तो यह स्ट्रेस के चलते नहीं है बल्कि इसका कारण पता लगाना जरूरी है.

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पीरियड्स की दिक्कतें किन बीमारियों का लक्षण हो सकती हैं

PCOS – पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम हार्मोनल इंबैलेंस, पीरियड्स ना होने, बहुत कम पीरियड्स होने या कभी-कभी पीरियड्स होने जैसी दिक्कतों की वजह हो सकता है.

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थायराइड डिसोर्डर – थाइराइड की दिक्कतों में पीरियड साइकिल बिगड़ सकती है. इसमें बहुत ज्यादा या बहुत कम पीरियड आ सकता है.

एंडोमेट्रिओसिस – गर्भाशय की दीवार पर नॉन-कैंसरस ग्रोथ होने लगती है जिस कारण हैवी पीरियड्स हो सकते हैं या पीरियड्स के दौरान जरूरत से ज्यादा दर्द महसूस हो सकता है.

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पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज – यह एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है जो रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स को प्रभावित करता है. इससे पेल्विक फ्लोर में दर्द होता है और पीरियड्स में एब्नॉर्मल ब्लीडिंग हो सकती है.

कैंसर – यूट्राइन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और ओवेरियन कैंसर सीधेतौर पर महिला के पीरियड को प्रभावित करते हैं. कैंसर के कारण स्पॉटिंग, दो पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग, हैवी फ्लो, इर्रेग्यूलर पीरियड्स, एब्नॉर्मल डिस्चार्च या बहुत ज्यादा दर्द जैसी दिक्कतें होने लगती हैं.

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HIV/AIDS – एचआईवी या एड्स होने पर पीरियड्स में बदलाव नजर आते हैं. पीरियड्स इर्रेग्यूलर हो सकते हैं या कई महीनों तक पीरियड ना आना या बहुत ज्यादा हैवी फ्लो होना भी इसका लक्षण हो सकता है.

इस बात का ध्यान रखें कि आपको किसी भी लक्षण को देखकर निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना है बल्कि गाइनोकोलॉजिस्ट की सलाह लेकर और जांच कराकर समस्या का पता लगाना है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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