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AI छीन रहा नौकरियां! Oracle के 20,000 कर्मचारियों पर गिरी गाज; दूसरी टेक कंपनियां भी छंटनी की तैयारी में

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर बढ़ते कदम अब नौकरियों पर भारी पड़ रहे हैं. Meta, Microsoft, Oracle, Disney और ASML जैसी दिग्गज कंपनियों ने कई हजार कर्मचारियों की छंटनी की है, जबकि ये कंपनियां मुनाफे में भी हैं.

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टेक इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. दुनिया की दिग्गज कंपनियां अब तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर शिफ्ट हो रही हैं. इसी बदलाव के चलते हजारों कर्मचारियों की नौकरियां जा रही हैं. टेक्नीकल वर्ल्ड की दिग्गज कंपनी ओरेकल ने पिछले कई सालों में सबसे बड़ी छंटनी का ऐलान किया है. कंपनी ने ग्लोबल लेवल पर 20,000 से 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. इस फैसले की जानकारी सुबह-सुबह ईमेल के जरिए दी गई. ये छंटनी अमेरिका, भारत, कनाडा और लैटिन अमेरिका में हुई है. इतने बड़े पैमाने पर हुई छंटनी ने बहस छेड़ दी है. लंबे समय से काम कर रहे और हाई स्किल वाले कर्मचारियों पर असर पड़ा है.

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कई कंपनियों में हो रही छंटनी

ओरेकल में 33 सालों से ज्यादा वक्त बिता चुकी सीनियर सिक्योरिटी प्रोफेशनल पेशेवर नीना लुईस को भी कंपनी के एआई (आरआईपी) अभियान के बीच 1 अप्रैल को बर्खास्त कर दिया गया. उन्होंने लिखा कि वो ओरेकल में 30 से ज्यादा सालों के बाद निकाले गए लगभग 30,000 लोगों में शामिल हैं, इससे उन्हें बड़ा झटका लगा है. ओरेकल में छंटनी कोई अकेली घटना नहीं है. पिछले एक महीने में ही मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, डिज्नी और ASML जैसी कंपनियों ने छंटनी का ऐलान किया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के हफ्तों में मेटा और माइक्रोसॉफ्ट में मिलाकर 20 हजार से ज्यादा नौकरियां खत्म कर दी गईं. ये ट्रेंड तकनीक, मनोरंजन और सेमीकंडक्टर कंपनियों में देखी जा रही है. ये सिर्फ घाटे में चल रही कंपनियों तक ही सीमित नहीं है. यहां तक ​​कि फायदा कमाने वाली कंपनियां भी कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं.

क्यों हो रही ज्यादा छंटनी?

कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भारी निवेश कर रही हैं. वो वर्कफ्लो को ऑटोमेट कर रही हैं. कंपनियां टीमों का पुनर्गठन कर रही हैं. उनका तर्क सीधा है- ज्यादा दक्षता, कम लागत, ज्यादा फायदा. ऑटोमेशन बढ़ने पर कर्मचारियों की संख्या अक्सर घट जाती है. छंटनी की घोषणाओं के बाद अक्सर शेयर की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जाती है. कम वेतन बिल बेहतर प्रोफिट का संकेत देते हैं. इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ता है. लेकिन ऑफिस के भीतर चिंता बढ़ रही है. रिपोर्ट से पता चलता है कि तकनीकी क्षेत्र के कर्मचारी अपनी नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. कई डिपार्टमेंट्स में भर्ती धीमी हो गई है. एआई गैजेट्स की बढ़ती क्षमता की वजह से नियमित कोडिंग, टेस्टिंग और मैनेजमेंट से जुड़े पदों पर दबाव बढ़ रहा है.

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First published on: Apr 27, 2026 08:50 PM

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About the Author

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.

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