Oracle Layoffs: क्या है वो ऑटोनोमस डेटाबेस जो निगल गया 12000 भारतीयों की नौकरियां, जानें

ओरेकल में 12000 भारतीयों की छंटनी कर दी गई है। इसके पीछे ऑटोनोमस डेटाबेस को जिम्‍मेदार बताया जा रहा है। क्या है वो ऑटोनोमस डेटाबेस जिसने हजारों नौकरियां छीन ली? क्या आपकी जॉब भी खतरे में है? तकनीक के इस बदलते चेहरे की पूरी कहानी यहां पढ़ें।

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यह खबर टेक जगत में किसी बड़े भूकंप से कम नहीं है। दिग्गज टेक कंपनी Oracle ने कथित तौर पर 12,000 भारतीय कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला किया है। लेकिन इस छंटनी के पीछे कोई आर्थिक मंदी नहीं, बल्कि एक सुपर-स्मार्ट तकनीक है, ऑटोनोमस डेटाबेस (Autonomous Database)। आइए समझते हैं कि यह तकनीक क्या है और इसने इंसानी नौकरियों पर संकट कैसे खड़ा कर दिया है।

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क्या है ऑटोनोमस डेटाबेस?

क्या है ऑटोनोमस डेटाबेस?2 / 6

सरल शब्दों में कहें तो, ऑटोनोमस डेटाबेस एक बिना ड्राइवर वाली कार की तरह है। जैसे टेस्ला की कार खुद सड़क देख सकती है, ब्रेक लगा सकती है और रास्ता बदल सकती है, वैसे ही यह डेटाबेस अपना ख्याल खुद रखता है। इसमें Machine Learning (ML) और Artificial Intelligence (AI) का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे यह तीन मुख्य काम खुद कर लेता है।

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कैसे काम करता है ये

कैसे काम करता है ये3 / 6

इसे चलाने के लिए किसी इंसान (डेटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर) की जरूरत नहीं होती। यह खुद ही डेटा को मैनेज और व्यवस्थित करता है। यह खुद ही साइबर हमलों को पहचानता है और बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सुरक्षा पैच (Security Patches) अपडेट कर लेता है। अगर सिस्टम में कोई खराबी आती है, तो यह उसे खुद ही ठीक कर लेता है, जिससे काम कभी रुकता नहीं (Zero Downtime)।

क्यों गई 12000 भारतीयों की नौकरी?

क्यों गई 12000 भारतीयों की नौकरी?4 / 6

अब आप सोच रहे होंगे कि तकनीक अच्छी है, तो नौकरियां क्यों गईं? इसके पीछे 3 कड़वे सच हैं: 1. इंसानी काम खत्म (No Manual Labor) पहले एक बड़ी कंपनी के डेटाबेस को संभालने के लिए सैकड़ों इंजीनियरों (DBAs) की ज़रूरत होती थी। वे दिन-रात पैचिंग, ट्यूनिंग और बैकअप का काम करते थे। ऑटोनोमस डेटाबेस यह सारा काम 99.9% सटीकता के साथ खुद कर रहा है। यानी, जो काम 100 लोग करते थे, अब वह एक सॉफ्टवेयर कर रहा है। 2. लागत में भारी कमी (Cost Cutting) कंपनियों के लिए कर्मचारियों को सैलरी देना, ऑफिस की जगह देना और अन्य खर्च उठाना महंगा पड़ता है। ओरेकल का यह क्लाउड-आधारित सिस्टम सस्ता है और 24x7 बिना थके काम करता है। 3. स्किल गैप का शिकार हुए भारतीय कर्मचारी भारत ओरेकल के लिए एक बड़ा बैक-एंड सपोर्ट हब रहा है। यहां के अधिकांश कर्मचारी पारंपरिक (Manual) डेटाबेस मैनेजमेंट में एक्सपर्ट थे। जैसे-जैसे तकनीक ऑटोनोमस हुई, पुराने स्किल्स की जरूरत खत्म हो गई।

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क्या AI सारी नौकरियां खा जाएगा?

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यह छंटनी एक चेतावनी है। ओरेकल के चेयरमैन लैरी एलिसन का मानना है कि भविष्य "सेल्फ-मैनेज्ड" सिस्टम का है। इसका मतलब यह नहीं कि आईटी में नौकरियां खत्म हो जाएंगी, बल्कि नौकरियों का स्वरूप (Nature) बदल जाएगा।

पुराना vs नया दौर

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पुराने दौर में डेटा एंट्री और मैनुअल मेंटेनेंस हुआ करता था । अब नए जमाने में AI मॉडल्स को ट्रेन करना, डेटा आर्किटेक्चर डिजाइन करना और साइबर सिक्योरिटी स्ट्रैटेजी बनाना आना चाह‍िए । ओरेकल की यह छंटनी साफ इशारा करती है कि अब केवल काम करना काफी नहीं है, बल्कि अपस्किल (Upskill) होना मजबूरी है। अगर आप आज की तकनीक के साथ खुद को नहीं बदलेंगे, तो ऑटोनोमस दुनिया में जगह बनाना मुश्किल होगा। अगर आप आईटी सेक्टर में हैं, तो Cloud Computing, AI और Data Science की ओर कदम बढ़ाना ही समझदारी है।

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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