त्वचा का रंग
हस्तरेखा और सामुद्रिक शास्त्र दोनों हाथ की त्वचा के रंग को विशेष महत्व दिया गया है, क्योंकि ये भाग्य और स्वभाव पर विशेष असर डालती है:
- जिनकी हाथ की पिछली हिस्सा का रंग गुलाबी होता है, वे आशावादी होने साथ भाग्यशाली भी होते हैं और मुश्किलों का सामना डटकर करते हैं.
- जब यह सफेद या फीकी होती है, तो यह शांत स्वभाव के साथ कमजोर सेहत की ओर भी इशारा करती है.
- पीली त्वचा लिवर या पाचन तंत्र की गड़बड़ी की ओर इशारा करती है. इन्हें आवश्यक रूप से खानपान पर ध्यान देना चाहिए.
- जिनकी त्वचा सांवली और गहरे रंग की होती है, वे लोग मेहनती होते हैं. उन्हें कड़ी मेहनत के साथ धैर्य और व्यावहारिक दृष्टिकोण भी मिलता है.
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बनावट का खेल
किसी के हाथ के पिछले हिस्से की बनावट कोमल होती है, किसी की खुरदुरी और कठोर और किसी के ये भाग नस से भरे होते हैं. आइए जानते इनका मतलब:
- यदि हाथ के पिछले हिस्से की बनावट मुलायम और कोमल है, तो ऐसे लोग सुख-सुविधाओं में जी रहे होते हैं. ये लोग क्रिएटिव भी होते हैं.
- जिनकी बनावट खुरदरी और कठोर होती है, वे लोग जीवन में संघर्ष और मेहनत से आगे बढ़ते हैं. ये लोग हार न मानने वाले और दृढ़ निश्चयी होते हैं.
- जिनके हाथ के पिछले हिस्से में नसें खूब उभरी हुई होती हैं, वे लोग सक्रिय और मानसिक रूप से सतर्क होने के साथ थोड़े तनावग्रस्त भी हो सकते हैं.
ये भी जानें
जिन लोगों के हाथ के पिछले हिस्से पर छोटे-छोटे बाल न हों और त्वचा चिकनी हो, वे राजसी सुख भोगते हैं. वहीं अगर रोएं ज्यादा हों तो मेहनत ज्यादा करनी पड़ती है. मांसल और भरे हुए हाथ धन, ऐश्वर्य और उदारता का संकेत देते हैं. ऐसे लोग दान-पुण्य भी अच्छा करते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी अंक ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.