अंतरिक्ष और ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने की दिशा में NASA ने एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने अत्याधुनिक तकनीक से लैस Nancy Grace Roman Space Telescope को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेज दिया है. यह टेलीस्कोप ब्रह्मांड के उन पहलुओं का अध्ययन करेगा, जिनके बारे में वैज्ञानिकों के सामने अब भी कई सवाल अनसुलझे हैं. तो चलिए जानते हैं कि NASA का ये रोमन टेलीस्कोप इतना खास क्यों है और यह बाकियों से अलग कैसे है?
कैसे काम करेगा NASA का ये नया टेलीस्कोप?
मिली जानकारी के अनुसार, नासा का Nancy Grace Roman Space Telescope अपनी यात्रा शुरू कर चुका है. 30 अगस्त 2026 को SpaceX के Falcon Heavy रॉकेट से लॉन्च किया गया यह टेलीस्कोप आने वाले सालों में ब्रह्मांड के ऐसे हिस्सों की तस्वीरें जुटाएगा, जिन्हें समझना वैज्ञानिकों के लिए अब तक बड़ी चुनौती रहा है. इसकी इमेजिंग क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी एक हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीर को पूरी तरह देखने के लिए करीब 5 लाख 4K टीवी स्क्रीन की जरूरत पड़ सकती है.
यह टेलीस्कोप बाकियों से अलग कैसे है?
ज्यादातर स्पेस टेलीस्कोप एक समय में आसमान के बहुत छोटे हिस्से को ही देख पाते हैं. लेकिन रोमन स्पेस टेलीस्कोप इस मामले में काफी अलग है. यह एक ही तस्वीर में हबल टेलीस्कोप के मुकाबले करीब 100 गुना ज्यादा बड़े हिस्से को कैद कर सकता है. इसकी वजह से वैज्ञानिकों के लिए अंतरिक्ष के विशाल हिस्से का अध्ययन करना काफी तेज और आसान हो जाएगा. अनुमान है कि जिस काम को पूरा करने में हबल को करीब एक हजार साल लग सकते थे, उसे रोमन टेलीस्कोप महज कुछ सालों में ही पूरा कर सकता है. रोमन टेलीस्कोप का मकसद डार्क एनर्जी का रहस्य समझना है, जो ब्रह्मांड को लगातार फैला रही है.
300 मेगापिक्सल का लगा है कैमरा
रोमन टेलीस्कोप की सबसे खास तकनीकों में इसका वाइड फील्ड इंस्ट्रूमेंट शामिल है. इसे अंतरिक्ष में भेजा गया अब तक का सबसे बड़ा इन्फ्रारेड कैमरा माना जा रहा है. इसमें कुल 18 डिटेक्टर लगाए गए हैं और हर एक डिटेक्टर में करीब 1 करोड़ 68 लाख पिक्सल मौजूद हैं. इन सभी डिटेक्टरों की क्षमता को मिलाने पर कैमरा एक तस्वीर में करीब 300 मेगापिक्सल का रिजॉल्यूशन मिलेगा. यह क्षमता आज इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर स्मार्टफोन कैमरों से कई गुना ज्यादा है.
एक तस्वीर के लिए क्यों पड़ेगी 37 टीवी की जरूरत?
अब सवाल उठता है कि रोमन स्पेस टेलीस्कोप से ली गई एक तस्वीर को देखने के लिए आखिर 37 4K टीवी की जरूरत क्यों होगी? इसकी वजह तस्वीर का बहुत ज्यादा हाई रिजॉल्यूशन होना शामिल है. सामान्य 4K टीवी की स्क्रीन पर लगभग 83 लाख पिक्सल होते हैं, जबकि रोमन की एक तस्वीर करीब 30 करोड़ पिक्सल की होगी. यानी इसकी डिटेल एक साधारण टीवी की क्षमता से कई गुना ज्यादा होगी.
नासा के अनुसार, तस्वीर को उसके वास्तविक रिजॉल्यूशन और पूरी बारीकी के साथ प्रदर्शित करने के लिए करीब 37 4K टीवी की स्क्रीन को जोड़ना पड़ेगा. तभी इस बड़ी तस्वीर के हर हिस्से और उसमें मौजूद हर एक छोटी जानकारी को आसानी से देखा जा सकेगा.
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हर दिन धरती पर पहुंचेगा 1.4 टेराबाइट डेटा
रोमन स्पेस टेलीस्कोप सिर्फ शानदार तस्वीरें ही नहीं खींचेगा, बल्कि हर दिन भारी मात्रा में वैज्ञानिक डेटा भी धरती पर भेजेगा. अनुमान के मुताबिक, यह टेलीस्कोप हर रोज लगभग 1.4 टेराबाइट डेटा पृथ्वी तक पहुंचाएगा. इसकी एक खास बात यह भी है कि रोमन से जुटाया गया डेटा आम लोगों के लिए भी मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा. इसका इस्तेमाल वैज्ञानिकों के साथ-साथ रिसर्चर्स, छात्रों और अंतरिक्ष में रुचि रखने वाले लोग भी कर सकेंगे.
मिशन के शुरुआती पांच सालों में रोमन करीब एक अरब आकाशगंगाओं (Galaxies) का अध्ययन करेगा. इससे वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड की संरचना और उसके विकास को समझने में मदद मिलेगी और अंतरिक्ष का अब तक का सबसे विस्तृत नक्शा तैयार करने की दिशा में बड़ी प्रगति होगी.