थोक महंगाई दर क्या है और यह कैसे तय होती है? अगस्त में उछलकर 8 महीने में सबसे ज्यादा

थोक महंगाई दर अगस्त में बढ़कर 9.92% के साथ 8 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. सरकार ने आज ताजा आंकड़े जारी किए. जानिए आखिर क्या होती है थोक महंगाई दर (WPI) और यह कैसे तय की जाती है. आम आदमी की जेब पर पड़ने वाले असर और 100 रुपये के सामान के 109 रुपये होने का पूरा गणित समझें.

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थोक महंगाई दर अगस्त में बढ़कर 9.92% के साथ 8 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. Credit: AI

देश में महंगाई को लेकर नए आंकड़े सामने आ चुके हैं. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा 14 सितंबर को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त महीने में थोक महंगाई दर बढ़कर 9.92 फीसदी पर पहुंच गई है. इससे ठीक पहले, जुलाई में यह दर 9.78 फीसदी दर्ज की गई थी. इस ताजा बढ़ोतरी के साथ ही थोक महंगाई अब पिछले 8 महीनों के उच्चतम स्तर पर आ खड़ी हुई है. अगस्त में थोक कीमतों में आई तेजी के पीछे तीन बड़े कारण रहे. पहला, खाद्य उत्पादों की थोक कीमतों में लगातार तेजी आई है. दूसरा, ईंधन और बिजली के खर्च में बड़ा उछाल देखा गया और कारखानों में तैयार होने वाले सामान महंगे होने से भी महंगाई का ग्राफ ऊपर चढ़ा है.

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क्या होती है थोक महंगाई दर और कैसे होती है तय?

थोक महंगाई दर का सीधा मतलब उस मूल्य वृद्धि से है जो थोक बाजार यानी होलसेल लेवल पर दर्ज की जाती है. यह वह दर है जिस पर बड़े कारोबारी, थोक व्यापारी या फैक्ट्रियां आपस में सामान खरीदती-बेचती हैं. इसे तय करने के लिए सरकार थोक मूल्य सूचकांक (WPI) की एक निश्चित बास्केट तैयार करती है. इस बास्केट में जरूरी वस्तुएं जैसे फल, सब्जियां, अनाज, ईंधन-बिजली और मैन्युफैक्चर्ड गुड्स शामिल होते हैं. इनके थोक मूल्यों में पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले आए बदलाव को प्रतिशत में मापा जाता है, जिससे मौजूदा थोक महंगाई दर तय होती है.

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आम उपभोक्ता की जेब पर इसका क्या असर पड़ता है?

इसे बहुत सरल गणित से समझा जा सकता है. पिछले साल इसी महीने जिस थोक सामान की कीमत 100 रुपये थी, उसी सामान के लिए अब थोक स्तर पर करीब 109 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं. जब थोक मंडी या फैक्ट्री स्तर पर सामान महंगा होता है, तो आगे चलकर खुदरा विक्रेता भी उस अतिरिक्त लागत को आम खरीदारों पर डाल देते हैं. यानी थोक में बढ़ी महंगाई आने वाले दिनों में आम उपभोक्ता की थाली और महीने के घरेलू बजट पर सीधा दबाव बढ़ाती है.

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साल 2026 की शुरुआत में 1.81% थी महंगाई दर

साल 2026 में थोक महंगाई के मोर्चे पर बड़ा उछाल देखने को मिला है. जनवरी से लेकर अगस्त 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, थोक महंगाई दर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. जहां साल की शुरुआत में यह दर 2 फीसदी से भी नीचे थी, वहीं अगस्त तक आते-आते यह लगभग 10 फीसदी के स्तर को छूने लगी. साल 2026 की शुरुआत में जनवरी महीने में थोक महंगाई दर 1.81% दर्ज की गई थी. इसके बाद फरवरी में इसमें हल्की बढ़ोतरी हुई और यह 2.13% पर पहुंची. मार्च महीने से कीमतों पर दबाव बढ़ता दिखा और यह आंकड़ा बढ़कर 3.88% पर पहुंच गया.

अप्रैल में आया सबसे बड़ा उछाल

मार्च के बाद अप्रैल महीने में थोक महंगाई में जोरदार तेजी देखने को मिली. मार्च के 3.88% के मुकाबले अप्रैल में यह दर सीधे उछलकर 8.26% दर्ज की गई. इसके बाद मई में भी तेजी का रुख बना रहा और आंकड़ा 9.68% पर पहुंच गया. जून में महंगाई दर बढ़कर 9.87% तक पहुंच गई. जुलाई में मामूली राहत दिखी और यह घटकर 9.78% दर्ज हुई. अगस्त में एक बार फिर उछाल आया और यह 9.92% के साथ साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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