Arif Khan
आरिफ खान मंसूरी को डिजिटल मीडिया में करीब 15 वर्षों का अनुभव है . वर्तमान में न्यूज24 की डिजिटल विंग में कार्यरत हैं. इससे पहले देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं.
Read More---विज्ञापन---
महाराष्ट्र में नगर पालिका और नगर पंचायत चुनाव के बाद हुए BMC सहित 29 महानगर पालिका चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का जादू चला है. देवेंद्र और रविंद्र की जोड़ी बीएमसी चुनाव में भी हिट साबित हुई है. सबसे अहम है बृहन्मुंबई महानगरपालिका के चुनाव में भाजपा का चला जादू. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चौहान की सटीक रणनीति की बदौलत मुंबई में भाजपा का मेयर बनाने का सपना पूरा हुआ.
महानगरपालिका चुनावों के नतीजों से यह साफ हो गया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जो ‘विकसित महाराष्ट्र’ के विचार को वोटर्स के सामने रखा, उसे पूरा समर्थन मिला. इसी के साथ अर्बन वोटर्स की नब्ज को बखूबी समझने वाले भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण का विचारधारा के साथ खड़े रहने के आह्वान को भी वोटर्स ने पॉजिटिव रेस्पोंस दिया. इसके नतीजे बीएमसी चुनाव में दिखे. पिछले वर्ष जनवरी में रविंद्र चव्हाण ने जब भाजपा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी, तब उन्होंने राज्य में डेढ़ करोड़ प्राथमिक सदस्यों का लक्ष्य पूरा किया था.

भाजपा अक्सर नीतियां बनाकर जमीन पर लागू करने में विश्वास रखती है. पार्टी के लिए चुनावी रणनीति, प्रचार-प्रसार और टिकट बंटवारा, सभाओं की योजना के साथ-साथ विपक्ष की ताकत और कमजोरियों को परखने की क्षमता भाजपा के लिए देवेंद्र फडणवीस और रविंद्र चव्हाण के पास साफ दिखाई देती है. राजनीतिक पंडितों की माने तो सरकार और भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश संगठन के बीच बेहतर समन्वय भी जीत के पीछे बड़ी वजह है. जिसे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने बखूबी ने निभाया है.
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की पहचान जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं के रूप में होती है. चुनाव के दौरान विपक्ष ने चव्हाण के पहनावे पर भी सवाल खड़े किए. उनके बयानों और पहनावे को लेकर हुई व्यक्तिगत आलोचनाओं से रविंद्र चव्हाण बिल्कुल भी विचलित नहीं हुए. उलटे उन्होंने विपक्ष को जनता को गैरजरूरी मुद्दों में उलझाकर रखने वाला बताया और जीत का रास्ता और आसान कर दिया. विपक्ष द्वारा की गई व्यक्तिगत टिप्पणी की जनता की नजर में कोई खास कीमत नहीं है, यह भी इन चुनावों से साफ हो गया.

अपने 25 वर्षों के राजनीतिक सफर में रविंद्र चव्हाण हर आलोचना के बाद और एक कदम आगे बढ़ते ही दिखाई दिए हैं. लगातार संघर्ष करते हुए सफलता हासिल करने वाले रविंद्र चव्हाण जैसे नेता को महाराष्ट्र की जनता ने अभी पूरी तरह से देखा या समझा नहीं है और न ही राजनीतिक विश्लेषकों ने उनका गहराई से अध्ययन किया है. भाजपा की जीत के साथ यह स्पष्ट हो गया कि रविंद्र चव्हाण, महाराष्ट्र की राजनीति में एक परिपक्व और अनुभवी नेता के रूप में उभरे हैं.

देवेंद्र फडणवीस, रविंद्र चव्हाण की ताकतों से भली-भांति परिचित हैं. पार्टी के लिए 24 घंटे समर्पित अध्यक्ष के रूप में उनका महत्व फडणवीस अच्छी तरह जानते हैं. शहरी महाराष्ट्र की राजनीति का चव्हाण का अनुभव और उनकी हमेशा ‘चुनाव के लिए तैयार’ वाली कार्यशैली को भी देवेंद्र फडणवीस पहचानते हैं. इसके अलावा, ढाई वर्षों तक सार्वजनिक बांधकाम मंत्री के रूप में काम करते हुए रविंद्र चव्हाण ने पूरे महाराष्ट्र का दौरा किया और विभाग के जरिए विकास कार्य करते हुए जिन कार्यकर्ताओं और लोगों को पहचाना और जोड़ा, वे आज भाजपा के लिए बेहद उपयोगी साबित हुए हैं.
न्यूज 24 पर पढ़ें Explainer, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।