हिंदी न्यूज़/एंटरटेनमेंट/'I Am Always Ready Sweetie...', जंग के सवाल पर Indira Gandhi को Sam Bahadur ने दिया था यह जवाब
एंटरटेनमेंट
‘I Am Always Ready Sweetie…’, जंग के सवाल पर Indira Gandhi को Sam Bahadur ने दिया था यह जवाब
Sam Bahadur Real Story: 1 दिसंबर को विक्की कौशल (Vicky Kaushal) की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'सैम बहादुर' रिलीज होने जा रही है, लेकिन क्या आप रियल सैम मानेकशॉ के बारे में जानते हैं, जिन्होंने जंग के सवाल पर इंदिरा गांधी को 'स्वीटी' कह कर जवाब दिया था।
Sam Bahadur Real Story (Image Credit - Social Mdia)
Share :
Sam Bahadur Real Story: विक्की कौशल (Vicky Kaushal) इन दिनों अपनी मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘सैम बहादुर’ (Sam Bahadur) को लेकर सुर्खियों में हैं, जिसकी रिलीज को लेकर फैंस काफी एक्साइटेड हैं। यह फिल्म 1 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। मेघना गुलजार (Meghna Gulzar) के निर्देशन में बनी इस फिल्म की एडवांस बुकिंग भी काफी तेजी से हो रही है। फिल्म के अब तक 57 हजार 888 टिकटों की सेल हो चुकी है, जिसके हिसाब से 1.82 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है। ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि फिल्म अच्छी ओपनिंग कर सकती है।
फिल्म में विक्की कौशल लेफ्टिनेंट कर्नल सैम मानेकशॉ (Marshal Sam Manekshaw) की मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। उनका लुक्स फैंस को खूब पसंद आ रहा है, लेकिन क्या आप मार्शल सैम मानेकशॉ के बारे में या उनकी असली कहानी के बारे में जानते हैं। बताया जाता है कि जब लोग देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Former Prime Minister Indira Gandhi) के सामने जाने में भी खौफ खाते थे तब सैम बहादुर उनके सवालों का तपाक से जवाब दिया करते थे।
‘सैम बहादुर’ एक भारतीय सेना के एक ऐसा जाबाज योद्धा थे, जो दुश्मनों की सात गोलियां खाकर भी जिंदा रहे थे और दुश्मन को मुंह तोड़ जवाब भी दिया था। सैम बहादुर का पूरा नाम सैम होर्मूसजी फ्रामजी जमशेदजी मानेकशॉ (Sam Hormusji Framji Jamshedji Manekshaw) था। सैम मानेकशॉ को साल 1971 में पाकिस्तान के साथ हुई जंग का हीरो कहा जाता है। बताया जाता है कि साल 1942 में बर्मा मोर्चे पर उनको 7 गोलियां लगी थीं।
लेकिन उसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और खुद घायल होते हुए भी दूसरे घायल जवान को अपने कंधे पर उठा कर बेस तक ले गए थे। बताया जाता है कि डॉक्टरों को उनके जिंदा रहने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन साल गोलियां खाने के बाद भी वो जिंदा रहे। 3 अप्रैल 1914 को अमृतसर में जन्मे सैम बहादुर उर्फ सैम मानेकशॉ का निधन 27 जून 2008 को वेलिंग्टन में हुआ था।
कहा जाता है कि जब 1971 के दौर में लोग देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सामने कांपते थे, तब सैम बहादुर खुलकर अपनी बात उनके सामने रखते थे। ऐसा ही कुछ साल 1971 में पाकिस्तान के साथ जंग के दौरान हुआ था। बताया जाता है कि इंदिरा गांधी ने उन्हें पाकिस्तान पर कार्रवाई करने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया था।
उन्होंने इंदिरा के सामने साफ कहा था कि उनकी सेना अभी जंग के लिए तैयार नहीं है। इसके बाद इंदिरा ने उनको जंग के लिए तैयारी करने का आदेश दिया और कुछ समय बाद जब फिर उनसे सवाल किया तब इसका जवाब देते हुए सैम बहादुर ने कहा था, ‘I’m Always Ready Sweetie..’।
Sam Bahadur Real Story: विक्की कौशल (Vicky Kaushal) इन दिनों अपनी मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘सैम बहादुर’ (Sam Bahadur) को लेकर सुर्खियों में हैं, जिसकी रिलीज को लेकर फैंस काफी एक्साइटेड हैं। यह फिल्म 1 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। मेघना गुलजार (Meghna Gulzar) के निर्देशन में बनी इस फिल्म की एडवांस बुकिंग भी काफी तेजी से हो रही है। फिल्म के अब तक 57 हजार 888 टिकटों की सेल हो चुकी है, जिसके हिसाब से 1.82 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है। ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि फिल्म अच्छी ओपनिंग कर सकती है।
फिल्म में विक्की कौशल लेफ्टिनेंट कर्नल सैम मानेकशॉ (Marshal Sam Manekshaw) की मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। उनका लुक्स फैंस को खूब पसंद आ रहा है, लेकिन क्या आप मार्शल सैम मानेकशॉ के बारे में या उनकी असली कहानी के बारे में जानते हैं। बताया जाता है कि जब लोग देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Former Prime Minister Indira Gandhi) के सामने जाने में भी खौफ खाते थे तब सैम बहादुर उनके सवालों का तपाक से जवाब दिया करते थे।
‘सैम बहादुर’ एक भारतीय सेना के एक ऐसा जाबाज योद्धा थे, जो दुश्मनों की सात गोलियां खाकर भी जिंदा रहे थे और दुश्मन को मुंह तोड़ जवाब भी दिया था। सैम बहादुर का पूरा नाम सैम होर्मूसजी फ्रामजी जमशेदजी मानेकशॉ (Sam Hormusji Framji Jamshedji Manekshaw) था। सैम मानेकशॉ को साल 1971 में पाकिस्तान के साथ हुई जंग का हीरो कहा जाता है। बताया जाता है कि साल 1942 में बर्मा मोर्चे पर उनको 7 गोलियां लगी थीं।
लेकिन उसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और खुद घायल होते हुए भी दूसरे घायल जवान को अपने कंधे पर उठा कर बेस तक ले गए थे। बताया जाता है कि डॉक्टरों को उनके जिंदा रहने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन साल गोलियां खाने के बाद भी वो जिंदा रहे। 3 अप्रैल 1914 को अमृतसर में जन्मे सैम बहादुर उर्फ सैम मानेकशॉ का निधन 27 जून 2008 को वेलिंग्टन में हुआ था।
कहा जाता है कि जब 1971 के दौर में लोग देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सामने कांपते थे, तब सैम बहादुर खुलकर अपनी बात उनके सामने रखते थे। ऐसा ही कुछ साल 1971 में पाकिस्तान के साथ जंग के दौरान हुआ था। बताया जाता है कि इंदिरा गांधी ने उन्हें पाकिस्तान पर कार्रवाई करने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया था।
उन्होंने इंदिरा के सामने साफ कहा था कि उनकी सेना अभी जंग के लिए तैयार नहीं है। इसके बाद इंदिरा ने उनको जंग के लिए तैयारी करने का आदेश दिया और कुछ समय बाद जब फिर उनसे सवाल किया तब इसका जवाब देते हुए सैम बहादुर ने कहा था, ‘I’m Always Ready Sweetie..’।