Udaipur Files Case: कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जो आसानी से रिलीज हो जाती हैं, लेकिन कुछ को लेकर विवाद इतना बढ़ जाता है कि उन फिल्मों की रिलीज पर भी रोक लग जाती है। इन दिनों फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ ऐसे ही दौर से गुजर रही है। इस बीच अब ‘उदयपुर फाइल्स’ का मामला सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट को भेज दिया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इंकार किया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, कन्हैया लाल के मर्डर पर आधारित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ के मामले को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट को भेज दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली HC से कहा है कि वो सोमवार को सुनवाई करे और सभी पक्षों को कहा कि वो अपनी बात हाईकोर्ट के सामने रखें। इस बीच ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इंकार कर दिया है।
फिल्म में बदलाव की मांग
बता दें कि जमीयत के प्रेजिडेंट अरशद मदनी ने फिल्म पर रोक की मांग की थी। वहीं, केंद्र सरकार की कमेटी की ओर से सुझाए गए 6 बदलाव के साथ फिल्म को रिलीज करने की भा बात सामने आई है। बताते चलें कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी समेत अन्य लोगों का आरोप है कि फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ मुस्लिम समुदाय को बदनाम करती है।
अरशद मदनी के वकील ने दी दलील
दरअसल, मौलाना अरशद मदनी के सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने अपनी दलील में कहा कि सीबीएफसी की जिस समिति ने फिल्म को पास किया है, उस समिति के कई सदस्य एक ही सत्तारूढ़ राजनीतिक दल के थे और यही वजह है कि उन्होंने फिल्म को मंजूरी दी। हालांकि, इस पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि सभी सरकारों में ऐसा होता है और उनकी नियुक्तियों को चुनौती नहीं दी जा सकती है। अब देखने वाली बात ये होगी कि हाईकोर्ट इस मामले पर क्या कहती है? और फिल्म को रिलीज किया जाएगा या नहीं ये भी बड़ा सवाल है।