प्रोपेगेंडा या रिसर्च… जानिए The Kerala Story 2 की 5 खास बातें

The Kerala Story 2 facts: विपुल शाह की फिल्म ‘द केरल स्टोरी: गोज बियोंड’ को सिनेमाघरों में रिलीज किया जा चुका है. इसे 27 फरवरी को रिलीज किया गया था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास परफॉर्म नहीं कर रही है. ऐसे में चलिए बताते हैं इसकी खासियत के बारे में.

The Kerala Story goes Beyond

5 वजहें क्यों देखनी चाहिए The Kerala Story 2? (File Photo)

The Kerala Story 2 Reasons to watch: विपुल शाह की फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार परफॉर्म करके गई थी. फिल्म का कलेक्शन करीब 250 करोड़ रहा था. ऐसे में अब इसके दो साल बाद फिल्म का सीक्वल रिलीज किया गया है, जिसे पहले पार्ट के जैसा रिस्पांस नहीं मिल रहा है. सैकनिल्क की रिपोर्ट की मानें तो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 9 दिन में महज 26.1 करोड़ का कलेक्शन कर पाई है.

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‘द केरल स्टोरी 2’ में ऐश्वर्या ओजा, उल्का गुप्ता, अदिति भाटिया, पूर्वा पराग , सुमित गहलावत, अर्जन सिंह , युक्तम और अलका अमीन जैसे कलाकार अहम रोल में हैं. ऐसे में इस फिल्म की खासियत के बारे में बता रहे हैं कि इसे क्यों देखना चाहिए.

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रिसर्च और ट्विस्ट

विपुल अमृतलाल शाह ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ का शानदार तरीके से निर्माण किया है. फिल्म में कई सीन्स ऐसे हैं, जिसे देखने के बाद रिसर्च का आभास हो जाता है. इसमें कुछ ट्विस्ट भी देखने के लिए मिलते हैं, जो संकेत देते हैं कि कहानी केवल एजेंडा आधारित नहीं है बल्कि फैक्ट्स पर भी जोर दिया गया है. लेकिन कई जगह कमजोर कड़ियां भी देखने के लिए मिलती हैं, जो निराश करती हैं लेकिन फैक्ट्स हैरान करने वाले होते हैं.

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जागरूकता पर गंभीरता की करती है बात

इसके साथ ही फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ जागरूकता पर गंभीरता की बात भी करती है. फिल्म सिर्फ एक धर्म को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश नहीं करती. फिल्म में ये भी दिखाया जाता है कि समुदाय में अच्छे और बुरे लोग होते हैं. फिल्म दलित समाज, बेटियों पर अत्यधिक सख्ती करने वाले लोगों पर भी समाज की जिम्मेदारियों पर सवाल उठाती है. बच्चों की परवरिश और जागरूकता पर यह गंभीरता से बात करती है.

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एक्टिंग कहानी को आकार देती है

‘द केरल स्टोरी 2’ में ऐश्वर्या ओजा, उल्का गुप्ता, अदिति भाटिया, पूर्वा पराग , सुमित गहलावत, अर्जन सिंह , युक्तम और अलका अमीन जैसे कलाकारों ने अहम रोल प्ले किया है. फिल्म में कलाकारों का अभिनय कहानियों को आकार देता है. कलाकारों की एक्टिंग ईमानदार लगती है और कई बार दर्शक को असहज भी करता है. लेकिन बाद में ये ठीक हो जाता है.

कमाल का डायरेक्शन

फिल्म का निर्देशन कामाख्या नारायण सिंह ने किया है, जिनकी तारीफ तो बनती है. फेक्ट पर आधारित फिल्मों को बनाना आसान नहीं होता है. उन्होंने मूवी में संतुलन बनाए रखने के लिए फेक्ट्स पर भी काम किया. इमोशन और संतुलन बनाए रखा.

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बैकग्राउंड स्कोर

वहीं, फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ का बैकग्राउंड स्कोर कहानी के साथ मेल खाता है. ये ना तों फिल्म के सीन्स पर हावी होता है और ना ही लाउड होता है. इसकी वजह से फिल्म की हर कड़ी कमाल लगती हैं.

हालांकि, फिल्म की कुछ खामियां भी हैं. दर्शक अगर अपने नजरिए देखेंगे तो सवाल उठ सकते हैं कि ये कितनी राजनीतिक रूप से संतुलित है. कहानी की शुरुआत जब होती तो भी ये कुछ हद तक आनुमानित लग सकती है. ऐसी कई चीजें हैं, जहां पर फिल्म में कमी लगती है लेकिन कुल मिलाकर सच्ची घटना से प्रेरित इस फिल्म को देख सकते हैं.

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