NEET UG 2026 Result Update: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी री-टेस्ट 2026 के नतीजे घोषित कर दिए हैं, जिसमें 11.21 लाख उम्मीदवार पास हुए हैं. इस परीक्षा में पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर टॉप किया है. हालांकि, रिजल्ट आने के बाद देश के कई हिस्सों से अंकों में बड़ी गड़बड़ी के आरोप सामने आ रहे हैं. महाराष्ट्र के बीड और यूपी के कानपुर से आए मामलों में छात्रों का दावा है कि आंसर की के हिसाब से उन्हें 500 से 700 से ज्यादा अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन फाइनल रिजल्ट में उन्हें बेहद कम नंबर दिए गए हैं. छात्रों का आरोप है कि एनटीए पोर्टल पर अपलोड की गई ओएमआर (OMR) शीट उनसे मेल नहीं खाती है.
कानपुर की छात्रा का बड़ा दावा
अंकों में हेरफेर का एक चर्चित मामला कानपुर से सामने आया है, जहां छात्रा आर्या सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी ओएमआर शीट में 609 अंक दिख रहे थे, लेकिन पोर्टल पर पहले 540 और फिर कुछ ही घंटों में घटकर केवल 167 अंक दिखाए जाने लगे. छात्रा का कहना है कि शुरुआत में पोर्टल पर प्रश्नों का क्रम गलत अपलोड किया गया था, जिसे आपत्ति के बाद सुधारा तो गया लेकिन उनके अंक बहुत कम कर दिए गए. छात्रा ने इस संबंध में शिक्षा मंत्रालय और एनटीए में शिकायत दर्ज कराई है. छात्रा का कहना है कि अगर इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की जाती है, तो वह राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से गुहार लगाएंगी.
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एजेंसियों का जवाब और कानूनी चेतावनी
छात्रों के इन गंभीर आरोपों पर एनटीए ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी गड़बड़ियों का खंडन किया है. एजेंसी का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई दस्तावेज और ओएमआर शीट पूरी तरह से नकली या एआई (AI) की मदद से तैयार किए गए हैं. फोरेंसिक जांच में पाया गया कि वायरल तस्वीरों में बहुत ज्यादा रिजॉल्यूशन, बदली हुई स्याही और अंगूठे के गलत निशान जैसी डिजिटल छेड़छाड़ की गई थी. एनटीए ने स्पष्ट किया है कि मूल रिकॉर्ड पूरी तरह से सुरक्षित हैं और फर्जी दस्तावेज शेयर करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से केवल असली ओएमआर शीट पर ही भरोसा करने की अपील की है.
NEET UG 2026 Result Update: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी री-टेस्ट 2026 के नतीजे घोषित कर दिए हैं, जिसमें 11.21 लाख उम्मीदवार पास हुए हैं. इस परीक्षा में पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर टॉप किया है. हालांकि, रिजल्ट आने के बाद देश के कई हिस्सों से अंकों में बड़ी गड़बड़ी के आरोप सामने आ रहे हैं. महाराष्ट्र के बीड और यूपी के कानपुर से आए मामलों में छात्रों का दावा है कि आंसर की के हिसाब से उन्हें 500 से 700 से ज्यादा अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन फाइनल रिजल्ट में उन्हें बेहद कम नंबर दिए गए हैं. छात्रों का आरोप है कि एनटीए पोर्टल पर अपलोड की गई ओएमआर (OMR) शीट उनसे मेल नहीं खाती है.
कानपुर की छात्रा का बड़ा दावा
अंकों में हेरफेर का एक चर्चित मामला कानपुर से सामने आया है, जहां छात्रा आर्या सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी ओएमआर शीट में 609 अंक दिख रहे थे, लेकिन पोर्टल पर पहले 540 और फिर कुछ ही घंटों में घटकर केवल 167 अंक दिखाए जाने लगे. छात्रा का कहना है कि शुरुआत में पोर्टल पर प्रश्नों का क्रम गलत अपलोड किया गया था, जिसे आपत्ति के बाद सुधारा तो गया लेकिन उनके अंक बहुत कम कर दिए गए. छात्रा ने इस संबंध में शिक्षा मंत्रालय और एनटीए में शिकायत दर्ज कराई है. छात्रा का कहना है कि अगर इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की जाती है, तो वह राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से गुहार लगाएंगी.
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एजेंसियों का जवाब और कानूनी चेतावनी
छात्रों के इन गंभीर आरोपों पर एनटीए ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी गड़बड़ियों का खंडन किया है. एजेंसी का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई दस्तावेज और ओएमआर शीट पूरी तरह से नकली या एआई (AI) की मदद से तैयार किए गए हैं. फोरेंसिक जांच में पाया गया कि वायरल तस्वीरों में बहुत ज्यादा रिजॉल्यूशन, बदली हुई स्याही और अंगूठे के गलत निशान जैसी डिजिटल छेड़छाड़ की गई थी. एनटीए ने स्पष्ट किया है कि मूल रिकॉर्ड पूरी तरह से सुरक्षित हैं और फर्जी दस्तावेज शेयर करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से केवल असली ओएमआर शीट पर ही भरोसा करने की अपील की है.