NEET-PG Exam 2026: रविवार, 30 अगस्त 2026 को जयपुर के 2 सेंटर्स पर तकनीकी खराबी के कारण NEET-PG 2026 परीक्षा में रुकावट आई, जिससे कई कैंडिडेट्स पेपर पूरा नहीं कर पाए. इस घटना के बाद सीतापुरा में सेंटर्स के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ और छात्रओं ने कंप्यूटर-बेस्ड इंतेजाम के लिए किए गए इंतेजाम पर सवाल उठाए.
अब कब होगी परीक्षा?
परीक्षा आयोजित करने वाले नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने प्रभावित कैंडिडेट्स के लिए दोबारा परीक्षा कराने का ऐलान किया है. ये परीक्षा 5 सितंबर को दोपहर 3 बजे जयपुर में होगी. सिर्फ वो छात्र ही इसमें शामिल हो सकेंगे जिनकी परीक्षा तकनीकी खराबी से प्रभावित हुई थी.
बिजली जाने से परीक्षा रुकी
NBEMS के नोटिस के मुताबिक, सीतापुरा में दो iON डिजिटल जोन सेंटरों — iDZ सीतापुरा, TC नंबर 41682 और 41683 पर यह रुकावट आई. बोर्ड ने कहा कि बिजली जाने (इंटरनल पावर फेलियर) के कारण उम्मीदवार परीक्षा पूरी नहीं कर पाए और इस समस्या के लिए परीक्षा आयोजित करने में शामिल तकनीकी पार्टनर, TCS लिमिटेड को जिम्मेदार ठहराया. NBEMS ने तकनीकी पार्टनर और परीक्षा केंद्रों पर जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए रखने के लिए जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय करने के लिए एक जरूरी मीटिंग भी बुलाई है. दोबारा परीक्षा के सेंटर और बदले हुए एडमिट कार्ड के बारे में जानकारी अलग से दी जाएगी.
कैंडिडेट्स ने उठाए सवाल
एग्जाम सेंटर्स के बाहर विरोध करने वाले कई उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान उनके कंप्यूटर बार-बार बंद हो रहे थे. कुछ ने दावा किया कि सिस्टम 6 या 7 बार बंद हुए, जबकि दूसरों ने कहा कि रुकावटें और भी ज्यादा बार हुईं. उम्मीदवारों ने कहा कि कंप्यूटर रीस्टार्ट होने के बाद, सिस्टम के दोबारा फेल होने से पहले केवल कुछ ही सवाल दिखाई दिए. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि सेंटर के कर्मचारियों ने बार-बार आ रही तकनीकी खराबियों के बारे में कोई साफ जानकारी नहीं दी.
कुछ परीक्षार्थियों ने परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई और दावा किया कि सिस्टम में खराबी आने से पहले कुछ स्क्रीन पर सवाल दिखाई दिए थे. उन्होंने निष्पक्ष जांच और इस बात का भरोसा मांगा कि तकनीकी खराबी के कारण किसी भी उम्मीदवार को नुकसान नहीं होगा. इस बीच, NBEMS ने कहा कि NEET-PG परीक्षा देश भर के 1,111 सेंटरों पर सक्सेसफुली आयोजित की गई, जिसमें 2.6 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स शामिल हुए. बोर्ड ने हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया और प्रभावित उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा की व्यवस्था की पुष्टि की.