---विज्ञापन---

शिक्षा angle-right

UP Free Education Scheme: गरीब परिवारों के लिए वरदान बनी यूपी सरकार की यह स्कीम! बच्चों को मिलेगी मुफ्त पढ़ाई, रहना और खाना, जानें कैसे कराएं बच्चे का एडमिशन

UP Free Education Scheme: यूपी के सर्वोदय स्कूलों में गरीब बच्चों को रहना, खाना और पढ़ाई बिल्कुल मुफ्त मिल रही है. बेहतर नतीजों के कारण इस सरकारी आवासीय योजना में एडमिशन की मांग तेजी से बढ़ी है.

---विज्ञापन---

मुख्य बातें:

  • यूपी के 58 जिलों में कुल 101 सर्वोदय स्कूल चल रहे हैं, जिनमें 69 लड़कों और 32 लड़कियों के लिए हैं.
  • कक्षा 6 से 12वीं तक हॉस्टल, खाना, ड्रेस और पढ़ाई का सारा सामान बिल्कुल मुफ्त दिया जाता है.
  • होनहार छात्रों को मेडिकल और इंजीनियरिंग की परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग दी जाती है.
  • लड़कियों के लिए मिर्जापुर में एक विशेष कोचिंग सेंटर भी बनाया गया है.
  • पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए अनुभवी रिटायर्ड शिक्षकों को भी काम पर रखा गया है.

UP Free Education Scheme: उत्तर प्रदेश सरकार समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्ग के बच्चों को मुफ्त और बेहतरीन शिक्षा देने के लिए जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय योजना चला रही है. उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इन आवासीय स्कूलों में रहना, खाना, ड्रेस, किताबें और स्टेशनरी सब कुछ पूरी तरह मुफ्त मिलता है. इसके साथ ही 11वीं और 12वीं के छात्रों को नीट (NEET), जेईई (JEE) और सीयूईटी (CUET) जैसी बड़ी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग भी दी जाती है. इस योजना का मुख्य मकसद गरीब परिवारों के होनहार बच्चों के रास्ते से पैसे की तंगी को हटाकर उन्हें आगे बढ़ने का पूरा अवसर देना है.

---विज्ञापन---

इस योजना का लाभ उठाने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?

इस बेहतरीन योजना का लाभ उठाने के लिए छात्र का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है. इसके साथ ही बच्चे का पांचवीं क्लास पास होना आवश्यक है क्योंकि इसमें कक्षा 6 से 12वीं तक की पढ़ाई होती है. परिवार की सालाना कमाई ग्रामीण इलाकों में 46,080 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 56,460 रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.

स्कूलों में सीटों का आरक्षण किस तरह तय किया गया है?

इन स्कूलों में समाज के हर पिछड़े वर्ग का पूरा ध्यान रखा गया है. कुल सीटों में से सबसे ज्यादा हिस्सा अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के बच्चों के लिए सुरक्षित है. इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और सामान्य वर्ग के गरीब बच्चों को भी तय नियमों के मुताबिक दाखिला दिया जाता है, जिसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में मौजूद है.

---विज्ञापन---
कैटेगरी (वर्ग)आरक्षित सीटें (प्रतिशत में)
अनुसूचित जाति और जनजाति (SC/ST)60 प्रतिशत
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)25 प्रतिशत
सामान्य वर्ग (आर्थिक रूप से कमजोर)15 प्रतिशत

इन सरकारी स्कूलों में बच्चों को क्या आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं?

सर्वोदय विद्यालयों में प्राइवेट स्कूलों जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं. हर स्कूल में कंप्यूटर लैब, साइंस लैब, टैबलेट लैब, स्मार्ट क्लासरूम, बड़ी लाइब्रेरी, खेल का मैदान और इंटरनेट की सुविधा मौजूद है. यहां की पढ़ाई का स्तर सीबीएसई (CBSE) और यूपी बोर्ड के मानकों के अनुसार होता है, जिससे बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास बेहतर तरीके से हो सके.

एडमिशन पाने की पूरी प्रक्रिया क्या है?

इन स्कूलों में एडमिशन लेने के लिए पेरेंट्स को ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होता है. फॉर्म भरने के बाद उसका प्रिंटआउट जरूरी दस्तावेजों के साथ संबंधित स्कूल में जमा करना पड़ता है. इसके बाद राज्य स्तर पर एक प्रवेश परीक्षा (एंट्रेंस एग्जाम) आयोजित की जाती है और उसमें आने वाले नंबरों के आधार पर ही मेरिट लिस्ट तैयार कर बच्चों का चयन होता है.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: Lucknow Weather Today: लखनऊ में आज ठंडी हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट, जानें आपके इलाके का हाल

पिछले कुछ सालों में इस योजना का प्रदर्शन कैसा रहा है?

साल 2017 से 2026 के बीच इस योजना में काफी बड़ा सुधार हुआ है. साल 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में इन स्कूलों के 10वीं के 99.2 प्रतिशत और 12वीं के 99 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं. लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सत्र 2026-27 में करीब 10,790 सीटों के लिए 68,000 से ज्यादा आवेदन मिले हैं.

---विज्ञापन---

निष्कर्ष:

उत्तर प्रदेश सरकार की यह योजना गरीब बच्चों के भविष्य को संवारने में एक बड़ा कदम साबित हो रही है. मुफ्त पढ़ाई और हॉस्टल की सुविधा देकर सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी ऊंचे सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला दिया है.

---विज्ञापन---

Frequently Asked Questions

Ans. हां, कुल 101 स्कूलों में से 32 स्कूल पूरी तरह लड़कियों के लिए हैं और मिर्जापुर में उनके लिए खास कोचिंग सेंटर भी है.
Ans. एडमिशन के लिए उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है.
Ans. हां, सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए 15 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं.
Ans. इन स्कूलों में कक्षा 6 से लेकर कक्षा 12वीं तक की पूरी पढ़ाई मुफ्त और आवासीय माध्यम से कराई जाती है.
Ans. नहीं, आवेदन से लेकर परीक्षा और फिर स्कूल की पढ़ाई तक पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है.
First published on: Jul 06, 2026 01:14 PM

End of Article

About the Author

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.

Read More

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola