भारत की शिक्षा व्यवस्था में कई संस्थान मिसाल पेश कर चुके हैं, लेकिन लखनऊ का सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) एक ऐसा नाम है जिसने न केवल देश, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। छात्रों की संख्या, शिक्षा की गुणवत्ता, वैश्विक दृष्टिकोण और शांति के सिद्धांतों पर आधारित यह स्कूल गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दुनिया के सबसे बड़े स्कूल के रूप में शामिल है। इसकी शुरुआत 65 साल पहले महज 5 छात्रों से हुई थी, और आज यह लाखों परिवारों की पहली पसंद बन चुका है।
दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल बना CMS
लखनऊ स्थित सिटी मॉन्टेसरी स्कूल के कुल 21 कैंपसों में करीब 61,000 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के नाम दर्ज होने के बाद 2023-24 में Guinness World Records ने CMS को World’s Largest School घोषित किया गया था। इसके सभी कैंपस उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित हैं, जिसे ‘नवाबों का शहर’ भी कहा जाता है।
1959 में केवल 5 छात्रों के साथ हुई थी शुरुआत
सिटी मॉन्टेसरी स्कूल की स्थापना वर्ष 1959 में डॉ. जगदीश गांधी और डॉ. भारती गांधी ने की थी। उस समय सिर्फ 5 छात्रों से इसकी शुरुआत हुई थी। आज यह संस्थान 4,500 से अधिक शिक्षक और स्टाफ के साथ एक विशाल शैक्षणिक व्यवस्था का संचालन कर रहा है। यह स्कूल CISCE (Council for the Indian School Certificate Examinations) से मान्यता प्राप्त है।
21 कैंपस, 1000 क्लासरूम और 3700 कंप्यूटर
CMS के 21 कैंपस में पढ़ाई को चार चरणों में विभाजित किया गया है – Pre-primary, Primary, Sub Juniors और Juniors। स्कूल के पूरे नेटवर्क में 1000 से ज्यादा क्लासरूम हैं और यहां 3,700 से ज्यादा कंप्यूटर लगाए गए हैं, जो स्कूल की डिजिटल शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
कई बार मिल चुका है वर्ल्ड रिकॉर्ड
सिटी मॉन्टेसरी स्कूल को पहली बार Guinness World Record का खिताब 1999 में मिला था। इसके बाद 2010, 2019 और अब 2023-24 में इसे फिर से यह खिताब मिला चुका है। हर बार यह स्कूल अपनी छात्र संख्या और एजुकेशनल मैनेजमेंट की गुणवत्ता के कारण वैश्विक पहचान बनाता रहा है।
नामचीन हस्तियां रह चुकी हैं छात्र
सिटी मॉन्टेसरी से पढ़ाई कर देश-विदेश में कई लोग ऊंचे पदों पर पहुंचे हैं। इनमें IAS, IFS और PCS अधिकारी तक शामिल हैं। साथ ही भाजपा के प्रवक्ता और सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली, और सोशल मीडिया से मशहूर हुईं उर्फी जावेद भी इसी स्कूल की छात्रा रह चुकी हैं।
शिक्षा के साथ शांति और संस्कार
सिटी मॉन्टेसरी स्कूल केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों को वैश्विक सोच, मानवीय मूल्य और लीडरशिप की क्षमता भी प्रदान करता है। स्कूल संयुक्त राष्ट्र के Global Peace Agenda से भी जुड़ा हुआ है और हर साल राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करता है।
सिटी मॉन्टेसरी स्कूल एक ऐसा उदाहरण है जो यह साबित करता है कि समर्पण, दृष्टिकोण और गुणवत्ता के बल पर एक छोटी सी शुरुआत भी वैश्विक मंच तक पहुंच सकती है। यह स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में भारत की शान है और आने वाले वर्षों में और भी ऊंचाइयों को छूने की क्षमता रखता है।
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