बिहार में भोजपुर जिले में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को लेकर काफी विवाद हो रहा है. इस एनकाउंटर को स्थानीय लोग फर्जी बता रहे हैं, वहीं प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में शामिल पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. लगातार बढ़ते दबाव और गंभीर आरोपों के बीच पुलिस ने आखिरकार अपने ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है. शाहपुर थाने में दर्ज FIR में जगदीशपुर के SDPO राजेश कुमार शर्मा और शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार सहित तीन से चार अन्य पुलिसकर्मियों को नामजद किया गया है.
मामला इतना बढ़ गया था कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस पर बयान देना पड़ा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, 'राज्य में कोई समस्या सामने आती है तो सरकार तुरंत चिंतित होकर आगे बढ़ती है. जानकारी मिलने के बाद सरकार ने तुरंत न्यायिक जांच का आदेश दिया. आयोग का गठन किया गया. पीड़ित परिवार को न्याय मिलनी चाहिए, जो गलत था उस पर कार्रवाई हो.
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भरत तिवारी के परिजनों के खिलाफ FIR ली गई वापस
इस मामले में पिछले कई दिनों से भोजपुर पुलिस लगातार विवाद का सामना करते आ रही है. भरत तिवारी के परिवारवालों के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर भी पुलिस पर निशाना साधा जा रहा था. अब उस एफआईआर को वापस ले लिया गया. भरत तिवारी की मां आशा देवी ने जानकारी दी है. भोजपुर के SP राज ने भरत तिवारी के पिता और भाई के खिलाफ दर्ज मामला को वापस किया है. एसपी ने ही मामला वापस होने की जानकारी आशा देवी को दी है. बता दें, एनकाउंटर के बाद पुलिस ने भरत तिवारी के परिवारवालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी.
परिजनों से मिलने पहुंचे एसपी
भोजपुर के एसपी राज पहली बार भरत तिवारी के घर पहुंच कर उनका हाल जाना. साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा भी दिया. उन्होंने परिवार से मिलकर कहा कि मैं आपकी बातें सुनाने आया हूं आपको जो भी कहना है, मुझे खुलकर बताएं. वहीं, उन्होंने कहा कि भरोसा रखें कार्रवाई होगी.
यह भी पढ़ें : भरत तिवारी मौत मामले में बड़ा एक्शन, SDPO-SHO समेत कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज
राज्य विधि आयोग की टीम पहुंची
इस मामले में बिहार राज्य विधि आयोग की टीम शाहपुर पहुंची हैं. सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा मामले की जांच का नेतृत्व कर रहे हैं. न्यायाधीश के साथ में DIG सत्य प्रकाश, DM तनय सुल्तानिया, SP राज समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी मौके पर मौजूद थे. जांच टीम ने इस दौरान भरत के परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया.
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एनकाउंटर की जगह भी गई टीम
परिवार से मिलने के बाद जांच टीम उस जगह भी गई, जहां एनकाउंटर हुआ था. हर बिंदु पर अधिकारियों से बातचीत की गई. जांच टीम के साथ भारी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था.
बिहार में भोजपुर जिले में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को लेकर काफी विवाद हो रहा है. इस एनकाउंटर को स्थानीय लोग फर्जी बता रहे हैं, वहीं प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में शामिल पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. लगातार बढ़ते दबाव और गंभीर आरोपों के बीच पुलिस ने आखिरकार अपने ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है. शाहपुर थाने में दर्ज FIR में जगदीशपुर के SDPO राजेश कुमार शर्मा और शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार सहित तीन से चार अन्य पुलिसकर्मियों को नामजद किया गया है.
मामला इतना बढ़ गया था कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस पर बयान देना पड़ा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, ‘राज्य में कोई समस्या सामने आती है तो सरकार तुरंत चिंतित होकर आगे बढ़ती है. जानकारी मिलने के बाद सरकार ने तुरंत न्यायिक जांच का आदेश दिया. आयोग का गठन किया गया. पीड़ित परिवार को न्याय मिलनी चाहिए, जो गलत था उस पर कार्रवाई हो.
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भरत तिवारी के परिजनों के खिलाफ FIR ली गई वापस
इस मामले में पिछले कई दिनों से भोजपुर पुलिस लगातार विवाद का सामना करते आ रही है. भरत तिवारी के परिवारवालों के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर भी पुलिस पर निशाना साधा जा रहा था. अब उस एफआईआर को वापस ले लिया गया. भरत तिवारी की मां आशा देवी ने जानकारी दी है. भोजपुर के SP राज ने भरत तिवारी के पिता और भाई के खिलाफ दर्ज मामला को वापस किया है. एसपी ने ही मामला वापस होने की जानकारी आशा देवी को दी है. बता दें, एनकाउंटर के बाद पुलिस ने भरत तिवारी के परिवारवालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी.
परिजनों से मिलने पहुंचे एसपी
भोजपुर के एसपी राज पहली बार भरत तिवारी के घर पहुंच कर उनका हाल जाना. साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा भी दिया. उन्होंने परिवार से मिलकर कहा कि मैं आपकी बातें सुनाने आया हूं आपको जो भी कहना है, मुझे खुलकर बताएं. वहीं, उन्होंने कहा कि भरोसा रखें कार्रवाई होगी.
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राज्य विधि आयोग की टीम पहुंची
इस मामले में बिहार राज्य विधि आयोग की टीम शाहपुर पहुंची हैं. सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा मामले की जांच का नेतृत्व कर रहे हैं. न्यायाधीश के साथ में DIG सत्य प्रकाश, DM तनय सुल्तानिया, SP राज समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी मौके पर मौजूद थे. जांच टीम ने इस दौरान भरत के परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया.
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एनकाउंटर की जगह भी गई टीम
परिवार से मिलने के बाद जांच टीम उस जगह भी गई, जहां एनकाउंटर हुआ था. हर बिंदु पर अधिकारियों से बातचीत की गई. जांच टीम के साथ भारी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था.