'नाबालिग युवती का हाथ खींचना यौन उत्पीड़न नहीं', मद्रास HC का पॉक्सो केस में बड़ा फैसला

Tamil Nadu News: प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस यानी पॉक्सो के मामले दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को मद्रास हाईकोर्ट ने ये कहते हुए जमानत दे दी है कि सीटी बजाना और नाबालिग लड़की का हाथ खींचना यौन उत्पीड़न नहीं है, हालांकि इसे हैरासमेंट कहा जा सकता है.

Madras High Court

(Photo-X and AI Image)

Madras High Court News: मद्रास हाई कोर्ट ने प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (POCSO) एक्ट के तहत दोषी पाए गए एक शख्स को जमानत दे दी है, और कहा है कि उसके खिलाफ आरोपों की गहरी न्यायिक जांच की जरूरत है. कोर्ट ने कहा कि मौजूद सबूतों के आधार पर, सीटी बजाने पर जवाब न देने पर नाबालिग लड़की का हाथ खींचने के आरोपी के कथित काम को अपने आप सेक्सुअल असॉल्ट नहीं माना जा सकता, इसे उत्पीड़न कहा जा सकता है.

विज्ञापन

अदालत ने माना हैरेसमेंट का मामला

जस्टिस एम निर्मल कुमार ने ये बात एक पिटीशन पर सुनवाई करते हुए कही, जिसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत ट्रायल कोर्ट की तरफ से दी गई सजा को सस्पेंड करने की मांग की गई थी. जज ने कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद सबूतों से पता चलता है कि आरोपी ने लड़की को सीटी बजाई थी और बाद में जब उसने उसे नजरअंदाज किया तो उसका हाथ पकड़ लिया. कोर्ट ने कहा कि ऐसा बिहेवियर, पहली नजर में, हैरेसमेंट माना जा सकता है, लेकिन इसे तुरंत सेक्सुअल इरादे से किया गया नहीं माना जाना चाहिए. कोर्ट ने ये भी कहा कि अपील के दौरान ट्रायल कोर्ट के नतीजों पर फिर से विचार किया जाना चाहिए.

विज्ञापन

कब हुई थी वारदात?

आरोपी को पहले POCSO एक्ट के सेक्शन 8 के तहत दोषी ठहराया गया था और 3 साल की सजा सुनाई गई थी. प्रॉसिक्यूशन के मुताबिर, ये वारदात तब हुई जब लड़की उस रेजिडेंशियल कंपाउंड के गेट से गुजर रही थी जहां दोनों परिवार रहते थे. आरोपी ने कथित तौर पर बालकनी से उसे सीटी बजाई और बाद में जब उसने उसे नजरअंदाज किया तो उसका हाथ खींचने के लिए नीचे आया.

बचाव पक्ष का तर्क

डिफेंस ने तर्क दिया कि आरोपी और लड़की के पिता के बीच पहले हुए झगड़े की वजह से ये केस बनाया गया था. उसने दावा किया कि दोनों परिवारों के बीच मारपीट के बाद क्रिमिनल कंप्लेंट फाइल की गई थी. इसमें शामिल कानूनी मुद्दों और अपील की सुनवाई में वक्त लगने की संभावना को देखते हुए, हाई कोर्ट ने अपील का फैसला होने तक जेल की सजा सस्पेंड कर दी. कोर्ट ने आरोपी को 5000 र के बॉन्ड और 2 श्योरिटी देने पर बेल पर रिहा करने का भी आदेश दिया.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ