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कौन थे बिहार के भरत तिवारी? पुलिस की गोली लगने से मौत और अब मचा बवाल, 3 पुलिसकर्मी भी सस्पेंड

Bharat Tiwari Encounter: घटना ने बिहार की सियासत में जबरदस्त उबाल ला दिया है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसे 'जाति आधारित फर्जी एनकाउंटर' करार देते हुए सरकार के दोहरे रवैए पर तीखा हमला बोला है. वहीं, पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार से मिलकर इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने का भरोसा दिया है.

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बिहार के भोजपुर जिले का बिलौटी गांव इन दिनों एक ऐसे सियासी भूचाल का केंद्र बन गया है, जिसने राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. 17 जून 2026 को शाहपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले 28 वर्षीय युवक भरत भूषण तिवारी की पुलिस की गोली से हुई मौत ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है. पुलिस जहां इसे एक आत्मरक्षा में की गई मुठभेड़ बता रही है, वहीं परिजनों और विपक्षी दलों का आरोप है कि यह एक सोची-समझी हत्या है.

सोशल मीडिया पर ‘लाइव’ किया वीडियो


विवाद की शुरुआत 15 जून से हुई, जब भरत तिवारी ने फेसबुक पर कुछ विवादित पोस्ट किए और जगदीशपुर के एसडीएम को कथित तौर पर धमकी दी. अगले दिन, सोशल मीडिया पर उसकी हथियार के साथ तस्वीरें वायरल होने के बाद जब पुलिस उसके घर पहुंची, तो भरत ने फेसबुक लाइव शुरू कर दिया. भरत ने आरोप लगाया कि प्रशासन उसका एनकाउंटर करने की साजिश रच रहा है. 17 जून की सुबह पुलिस टीम एक बार फिर उनके घर पहुंची.

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एनकाउंटर के बाद पुलिस का दावा


पुलिस का दावा है कि अवैध हथियार बरामद करने की इस कार्रवाई के दौरान भरत ने टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस को गोलियां चलानी पड़ीं. गंभीर रूप से घायल भरत की इलाज के दौरान मौत हो गई. हालांकि, इस बीच एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने पुलिस की थ्योरी को कटघरे में खड़ा कर दिया है. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि गोली लगने से ठीक पहले भरत ने पुलिस के सामने अपना हथियार फेंक दिया था.

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कौन थे भरत भूषण तिवारी?


एक सामान्य और मिडिल क्लास परिवार से आने वाले भरत तिवारी के पिता बिहार पुलिस से चालक पद से रिटायर्ड हैं. स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद भरत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पिछले कुछ समय से वह सामाजिक कार्यों और क्षेत्र की समस्याओं को उठाने में सक्रिय हो गये थे. स्थानीय लोगों के अनुसार, वह भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर थे और बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास की मांग को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे थे. हालांकि, पुलिस के साथ उनका पुराना विवाद भी रहा था और मार्च 2025 में पुलिसकर्मी से बदसलूकी के आरोप में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था.

बिहार में राजनीतिक भूचाल


इस घटना ने बिहार की सियासत में जबरदस्त उबाल ला दिया है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसे ‘जाति आधारित फर्जी एनकाउंटर’ करार देते हुए सरकार के दोहरे रवैए पर तीखा हमला बोला है. वहीं, पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार से मिलकर इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने का भरोसा दिया है.

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तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड, परिवार पर भी FIR


मामले की गंभीरता को देखते हुए शाहाबाद रेंज के डीआईजी ने शाहपुर थाना प्रभारी राजेश मालाकार सहित तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. इस पूरे मामले में पुलिस ने अब तक तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें से एक एफआईआर में मृतक भरत के पिता और भाई को भी अवैध हथियार छिपाने और संरक्षण देने के आरोप में नामजद किया गया है, जिसका स्थानीय स्तर पर कड़ा विरोध हो रहा है. घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं, लेकिन इंसाफ की मांग को लेकर उठ रही आवाजें थमने का नाम नहीं ले रही हैं.

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First published on: Jun 22, 2026 04:00 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक

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