Sports Budget 2026: यूनियन बजट में इस बार स्पोर्ट्स सेक्टर के लिए बड़ा ऐलान किया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, 'भारत में खेल के सामानों के ग्लोबल हब के तौर पर उभरने की क्षमता है.' उन्होंने ग्लोबली कंपीटिटिव स्पोर्ट्स गुड्स को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित पहल की पेशकश की.
खिलाड़ियों को क्या फायदा होगा?
भारत में स्पोर्ट्स किट काफी महंगे आते हैं, इसकी वजह से गरीब, लोअर मिडिल और मिडिल क्लास के बच्चों को खेलों में अपना करियर बनाने में काफी दिक्कतें पेश आती हैं. अगर गेम्स के सामान भारत में ही मैनुफैक्चर होंगे, तो ये कम कीमतों पर अवेलेबल होंगे, साथ ही सरकार इसमें टैक्स छूट या सब्सिडी दे सकती है. इसका सीधा फायदा इमर्जिंग प्लेयर्स को होगा जो रिच बैकग्राउंड से नहीं आते, ऐसे में टैलेंट के ग्रोथ में फंड रुकावट नहीं बनेगा.
यह भी पढ़ें- Education Budget 2026: छात्राओं को निर्माला सीतारमण का तोहफा, ‘हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप भी होगी तैयार’
'खेलो इंडिया' मिशन को क्या मिला?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'खेलो इंडिया' मिशन के तहत स्पोर्ट्स सेक्टर को काफी कुछ सुविधाएं मिलेंगी, जैसे- ट्रेंनिंग सेंटर्स की तरफ से समर्थित एकीकृत प्रतिभा विकास मार्ग दिया जाएगा, कोच और सपोर्ट स्टाफ का व्यवस्थित विकास पर भी जोर होगा. इसके अलावा स्पोर्ट्स साइंस एंड टेक्नोलॉजी का एकीकरण भी होगा, खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कॉम्पिटीशन और लीग्स ऑर्गेनाइज करने का प्रावधान होगा, साथ ही ट्रेनिंग औरकॉम्पिटीशन के लिए स्पोर्ट्स इंफास्ट्रक्चर का विकास होगा.
'खेलों के जरिए रोजगार के अवसर'
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा, 'स्पोर्ट्स सेक्टर रोजगार, स्किलिंग और नौकरी के कई मौके देता है. खेलो इंडिया प्रोग्राम के ज़रिए शुरू की गई स्पोर्ट्स टैलेंट की सिस्टमैटिक ट्रेनिंग को आगे बढ़ाते हुए, मैं अगले दशक में स्पोर्ट्स सेक्टर को बदलने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव देती हूं.' खेल एक बड़ा क्षेत्र है अगर सरकार इसे बढ़ावा देती है, तो जाहिर सी बात है कि इसे रोजगार के कई मौके पैदा होंगे.
Sports Budget 2026: यूनियन बजट में इस बार स्पोर्ट्स सेक्टर के लिए बड़ा ऐलान किया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, ‘भारत में खेल के सामानों के ग्लोबल हब के तौर पर उभरने की क्षमता है.’ उन्होंने ग्लोबली कंपीटिटिव स्पोर्ट्स गुड्स को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित पहल की पेशकश की.
खिलाड़ियों को क्या फायदा होगा?
भारत में स्पोर्ट्स किट काफी महंगे आते हैं, इसकी वजह से गरीब, लोअर मिडिल और मिडिल क्लास के बच्चों को खेलों में अपना करियर बनाने में काफी दिक्कतें पेश आती हैं. अगर गेम्स के सामान भारत में ही मैनुफैक्चर होंगे, तो ये कम कीमतों पर अवेलेबल होंगे, साथ ही सरकार इसमें टैक्स छूट या सब्सिडी दे सकती है. इसका सीधा फायदा इमर्जिंग प्लेयर्स को होगा जो रिच बैकग्राउंड से नहीं आते, ऐसे में टैलेंट के ग्रोथ में फंड रुकावट नहीं बनेगा.
यह भी पढ़ें- Education Budget 2026: छात्राओं को निर्माला सीतारमण का तोहफा, ‘हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप भी होगी तैयार’
‘खेलो इंडिया’ मिशन को क्या मिला?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘खेलो इंडिया’ मिशन के तहत स्पोर्ट्स सेक्टर को काफी कुछ सुविधाएं मिलेंगी, जैसे- ट्रेंनिंग सेंटर्स की तरफ से समर्थित एकीकृत प्रतिभा विकास मार्ग दिया जाएगा, कोच और सपोर्ट स्टाफ का व्यवस्थित विकास पर भी जोर होगा. इसके अलावा स्पोर्ट्स साइंस एंड टेक्नोलॉजी का एकीकरण भी होगा, खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कॉम्पिटीशन और लीग्स ऑर्गेनाइज करने का प्रावधान होगा, साथ ही ट्रेनिंग औरकॉम्पिटीशन के लिए स्पोर्ट्स इंफास्ट्रक्चर का विकास होगा.
‘खेलों के जरिए रोजगार के अवसर’
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा, ‘स्पोर्ट्स सेक्टर रोजगार, स्किलिंग और नौकरी के कई मौके देता है. खेलो इंडिया प्रोग्राम के ज़रिए शुरू की गई स्पोर्ट्स टैलेंट की सिस्टमैटिक ट्रेनिंग को आगे बढ़ाते हुए, मैं अगले दशक में स्पोर्ट्स सेक्टर को बदलने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव देती हूं.’ खेल एक बड़ा क्षेत्र है अगर सरकार इसे बढ़ावा देती है, तो जाहिर सी बात है कि इसे रोजगार के कई मौके पैदा होंगे.