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एक किलो गेहूं की कीमत, मात्र 1.6 रुपये, आप भी देखें बिल

1987 wheat rate bill: हर घर के लिए गेहूं बहुत जरूरी है। आखिरकार सवाल रोटी का है। हर किसी का गेहूं से वास्ता जरूर पड़ता है। वहीं, किसानों का भी इससे अच्छा खासा रिश्ता है। हालांकि, महंगाई कितनी बढ़ गई है या फिर इस बात को अलग रखकर देखें तो 1987 का एक बिल वायरल […]

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1987 wheat rate bill: हर घर के लिए गेहूं बहुत जरूरी है। आखिरकार सवाल रोटी का है। हर किसी का गेहूं से वास्ता जरूर पड़ता है। वहीं, किसानों का भी इससे अच्छा खासा रिश्ता है। हालांकि, महंगाई कितनी बढ़ गई है या फिर इस बात को अलग रखकर देखें तो 1987 का एक बिल वायरल हो रहा है, जिसमें गेहूं की हैरान करने वाली कीमत से हमारा सामना होता है।

IFS Parveen Kaswan के दादा ने 1987 में जिस रेट पर भारत सरकार को गेहूं की फसल बेची थी, उसका बिल अब वायरल है और सुर्खियां बटौर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर 1987 का एक आधिकारिक दस्तावेज पोस्ट किया, जिसे ‘जे फॉर्म’ कहा जाता है। उन्होंने कहा, ‘वह समय जब गेहूं 1.6 रुपये प्रति किलो हुआ करता था।’

इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा कि वृद्ध लोगों में सभी डेटा को सुरक्षित रखने की आदत थी। उन्होंने कहा, ‘दादाजी ने सभी दस्तावेजों को संरक्षित किया। जे फॉर्म इस फाइल का नाम है। पिछले 40 वर्षों में फसल बिक्री से संबंधित प्रत्येक दस्तावेज इसमें शामिल है।’

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यूजर्स का क्या रिएक्शन है?

यूजर्स गेहूं के भाव पर हैरान तो है, लेकिन कासवान के दादा की आदत की भी तारीफ कर रहे है। उपयोगकर्ताओं ने कहा, ‘अद्भुत, बुजुर्गों ने एक-एक पैसा रिकॉर्ड रखा। उनके द्वारा बेची गई प्रत्येक फसल के लिए ऐसे रिकॉर्ड रखें। किसानों के लिए जे फॉर्म सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है।’

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First published on: Jan 04, 2023 06:29 PM

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