देश के करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों के लिए केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि योजना एक बहुत बड़ा सहारा है. सरकार इस योजना के तहत किसानों के बैंक खातों में हर साल 2000-2000 रुपये की तीन किश्तों में कुल 6000 रुपये की आर्थिक मदद भेजती है.
लेकिन गांवों और कस्बों में इस योजना को लेकर आज भी काफी कन्फ्यूजन देखने को मिलता है. सबसे बड़ा सवाल तब उठता है जब एक ही जमीन के टुकड़े पर दो लोग खेती कर रहे होते हैं, जैसे कि पिता और बेटा, या फिर दो सगे भाई. लोगों को लगता है कि अगर जमीन के कागजों में नाम है, तो घर के हर सदस्य को अलग से 6000 रुपये मिल जाएंगे. क्या वाकई पीएम किसान योजना के नियम इसकी इजाजत देते हैं? आइए, समझते हैं कि नियम क्या कहते हैं.
PM Kisan 24th Installment Date: कब आएगी पीएम किसान की अगली किश्त? जानें संभावित तारीख; लिस्ट में ऐसे चेक करें अपना नाम
क्या एक ही परिवार के दो सदस्यों को मिल सकता है फायदा?
पीएम किसान योजना की गाइडलाइंस के मुताबिक, पति, पत्नी और उनके नाबालिग (18 साल से कम उम्र के) बच्चों को मिलाकर एक सिंगल फैमिली माना जाता है. अगर किसी जमीन के कागजात में पिता के साथ-साथ उनके नाबालिग बेटे या पत्नी का नाम दर्ज है, तो भी योजना का लाभ परिवार में केवल एक ही व्यक्ति को मिलेगा. आमतौर पर यह राशि परिवार के मुखिया (पिता) के खाते में ही भेजी जाती है, ताकि एक ही चूल्हे पर रहने वाले परिवार में दोहरा फायदा न उठाया जा सके.
पिता और बालिग (Adult) बेटे के मामले में क्या हैं नियम?
अगर बेटा 18 साल से ऊपर का (बालिग) हो चुका है, तो स्थिति अलग होती है. अगर सरकारी खतौनी में बेटे का नाम एक अलग हिस्सेदार या सह-खातेदार के रूप में दर्ज है, और उसका अलग राशन कार्ड बना हुआ है, तो बालिग बेटा इस योजना के लिए अलग से अप्लाई कर सकता है. अगर जमीन के कागजात सिर्फ पिता के नाम पर ही हैं और बेटा उस पर सिर्फ खेती में हाथ बंटा रहा है, तो बेटे को कोई पैसा नहीं मिलेगा.
दो भाइयों के नाम एक ही जमीन हो, तो किसे मिलेगी किश्त?
पैतृक संपत्ति में दो या दो से अधिक भाइयों का नाम होना बहुत आम बात है. अगर सरकारी राजस्व रिकॉर्ड (भूलेख/खतौनी) में दोनों भाइयों का नाम अलग-अलग हिस्सेदार के रूप में दर्ज हो चुका है और दोनों का परिवार तथा राशन कार्ड अलग है, तो दोनों भाई अलग-अलग 6000 रुपये का लाभ ले सकते हैं. लेकिन अगर जमीन का कागजी बंटवारा नहीं हुआ है और दोनों भाई एक ही संयुक्त परिवार (Joint Family) में रहते हैं, तो पूरे परिवार में से केवल एक ही भाई को किश्त मिलेगी.
आवेदन करते समय इन बातों का रखें खास ध्यान
अगर आप एक ही जमीन के दो अलग-अलग हिस्सेदार हैं और योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो इन शर्तों का पूरा होना अनिवार्य है. सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में दोनों का नाम अलग हिस्सेदार के तौर पर साफ दिखना चाहिए. आवेदक का आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक होना चाहिए और डीबीटी (Direct Benefit Transfer) इनेबल होना चाहिए.
बैंक अकाउंट और आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग बिल्कुल एक जैसी होनी चाहिए. पोर्टल पर लैंड सीडिंग वेरिफिकेशन और ई-केवाईसी (e-KYC) पूरी होनी चाहिए.