अगर आपने वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए 31 जुलाई 2026 की समय सीमा से पहले अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल कर दिया है, तो अब आपको अपने टैक्स रिफंड (Tax Refund) का इंतजार होगा. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, इस साल 31 जुलाई की आखिरी तारीख तक 5.9 करोड़ से ज्यादा टैक्स रिटर्न फाइल किए जा चुके हैं. जो टैक्सपेयर्स अपना ITR जमा करके उसे e-Verify भी कर चुके हैं, वे यह जानने को उत्सुक हैं कि रिफंड का पैसा उनके खाते में कब तक आएगा. आइए, जानते हैं कि ITR रिफंड कब तक मिलता है, इसे चेक कैसे करें और किन वजहों से रिफंड अटक सकता है.
ITR फाइल करने के बाद कब तक आता है रिफंड?
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नियम के मुताबिक, रिफंड की प्रक्रिया तभी शुरू होती है जब आप अपना रिटर्न e-Verify कर देते हैं. ई-वेरिफिकेशन के बाद आमतौर पर बैंक खाते में पैसे आने में 4 से 5 हफ्ते का समय लगता है.
कब तक आएंगे पैसे? टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर आपने जुलाई के आखिरी हफ्ते में ITR भरकर ई-वेरिफाई कर दिया था, तो आपका रिफंड 15 अगस्त से 15 सितंबर 2026 के बीच खाते में क्रेडिट हो सकता है (बशर्ते आपके फॉर्म में कोई गड़बड़ी न हो).
क्या होता है इनकम टैक्स रिफंड (ITR Refund)?
जब आपके द्वारा चुकाया गया कुल टैक्स (चाहे वह TDS, TCS, एडवांस टैक्स या सेल्फ-असेसमेंट टैक्स हो) आपकी वास्तविक टैक्स देनदारी से अधिक होता है, तो इनकम टैक्स विभाग अतिरिक्त काटे गए पैसों को वापस लौटाता है. इसी बची हुई रकम को ITR Refund कहा जाता है.
कैसे चेक करें अपने ITR रिफंड का स्टेटस (Refund Status Step-by-Step)?
अपने रिफंड का स्टेटस देखने के लिए आपके पास नीचे दी गई दो चीजें होनी चाहिए:
इनकम टैक्स पोर्टल का User ID और Password.
आपका PAN नंबर आपके Aadhaar से लिंक होना अनिवार्य है (अगर पैन-आधार लिंक नहीं है या पैन इन-ऑपरेटिव है, तो रिफंड फेल हो जाएगा).
स्टेटस चेक करने के आसान स्टेप्स:
सबसे पहले Income Tax e-Filing Portal पर जाएं.
अपना User ID और Password डालकर लॉगिन करें.
e-File टैब में जाएं, फिर Income Tax Returns चुनें ओर फिर View Filed Returns पर क्लिक करें.
असेसमेंट ईयर 2026-27 के सामने आप अपने रिफंड का मौजूदा स्टेटस और पूरी टाइमलाइन (Life Cycle) देख सकते हैं.
रिफंड फेल क्यों हो जाता है? (Refund Failure Reasons)
कई बार रिफंड प्रोसेस होने के बाद भी बैंक खाते में पैसे नहीं आते. इसके 4 प्रमुख कारण हो सकते हैं:
- बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेट (Pre-validated) न होना: अब e-filing पोर्टल पर अपने बैंक खाते को प्री-वैलिडेट करना अनिवार्य है.
- नाम में अंतर: आपके पैन कार्ड पर दर्ज नाम और बैंक खाते के नाम में अंतर होना.
- गलत IFSC कोड: ITR भरते समय बैंक का गलत IFSC कोड डाल देना.
- बंद खाता: ITR में दिए गए बैंक अकाउंट का बंद हो जाना या चालू न होना.
अगर रिफंड न मिले तो क्या करें?
अगर ई-वेरिफिकेशन के 5-6 हफ्तों बाद भी पैसे न आएं, तो अपने ईमेल और e-filing पोर्टल का इनबॉक्स जरूर चेक करें. अगर विभाग को कोई गड़बड़ी (Discrepancy) लगती है, तो वे आपको ईमेल या नोटिस जारी कर सूचित करते हैं.