---विज्ञापन---

Gold Price Crash: जंग के 25 दिन में टूटा सोने का 50 साल का रिकॉर्ड, 1975 जैसी स्थिति फिर लौटी!

जंग के 25 दिन के बीच सोने के दाम में 20% की ऐतिहासिक गिरावट! टूटा 50 साल का रिकॉर्ड. जानें क्यों 1975 के बाद मार्च का महीना गोल्ड के लिए सबसे बुरा साबित हुआ और क्या थे वो बड़े कारण

---विज्ञापन---

ग्लोबल मार्केट में मची उथल-पुथल के बीच सोने की कीमतों ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है. जंग के पिछले 25 दिनों में सोने में आई गिरावट ने पिछले 50 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. आंकड़ों पर नज़र डालें तो केवल मार्च 2026 के महीने में ही दामों में करीब 20% की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो 1975 के बाद से अब तक की सबसे बड़ी मासिक गिरावट है. आज की स्थिति ने साल 1975 की यादें ताजा कर दी हैं. उस समय भी सोने के बाजार में कुछ ऐसा ही ‘क्रैश’ देखा गया था. दिसंबर 1974 में सोना अपने उच्चतम स्तर पर था, लेकिन उसके बाद अमेरिका के एक फैसले ने कैसे हिला दिया था पूरा बाजार?

28 फरवरी से कैसे घटे सोने के दाम?

जनवरी 1975 में क्या हुआ?

जनवरी 1975 में अमेरिका ने निजी तौर पर सोना रखने पर लगा प्रतिबंध हटा दिया था. दुनिया भर के निवेशकों को लगा था कि अमेरिका में सोना खरीदने की छूट मिलते ही कीमतें आसमान छुएंगी, लेकिन इसके उलट हुआ. केवल एक हफ्ते के भीतर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $197 से गिरकर $167 प्रति औंस पर आ गया था. उस समय भारतीय बाजार में 10 ग्राम सोने पर लगभग ₹20 से ₹30 की गिरावट दर्ज की गई थी. आज के हिसाब से यह मामूली लग सकता है, लेकिन ₹500 के भाव पर ₹30 गिरना बड़ी गिरावट मानी जाती थी. उस समय ₹30 की गिरावट ‘बड़ा झटका’ थी, क्योंकि औसत वेतन ₹300 से ₹500 महीना था. 1975 में आप ₹2,000 में अपनी पसंद का करीब 4 तोले का सोने का हार बनवा सकते थे. आज उतने में सोने का एक छोटा सा टुकड़ा भी मिलना मुश्किल है.

---विज्ञापन---

सोने में सबसे तगड़ी गिरावट वाला महीना

ऐतिहासिक और वर्तमान डेटा के अनुसार, मार्च 2026 सोने के लिए पिछले 50 वर्षों में सबसे खराब महीना साबित हो रहा है. मौजूदा स्थिति 1975 के आंकड़ों को भी पीछे छोड़ रही है. केवल 25 दिनों की जंग और वैश्विक आर्थिक दबाव के कारण गोल्ड एक सुरक्षित निवेश के बजाय बिकवाली का केंद्र बन गया है. 20% की इस गिरावट ने उन निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है जिन्होंने ऊंची कीमतों पर खरीदारी की थी. इससे पहले जनवरी 2026 के अंत में भी एक ही दिन में 10% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी. पहले के रिकॉर्ड गिरावट वाले महीनों जैसे 1978, 1980, 1983 या 2008 में भी इतनी तेज गिरावट नहीं देखी गई थी.

First published on: Mar 24, 2026 02:35 PM

End of Article

About the Author

Vijay Kumar

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola