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कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, होर्मुज पर रार के बाद $104 के पार पहुंचे दाम, क्या भारत में बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के रेट?

Crude Oil Price Today: होर्मुज संकट और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता फेल होने से कच्चा तेल $104 के पार चला गया है। क्या इसका असर भारत पर भी द‍िखने वाला है? क्‍या पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने वाले हैं? पूरी अपडेट यहां देखें

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ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान (इस्लामाबाद) में चल रही शांति वार्ता (Peace Talks) विफल होने के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया, जिससे ब्रेंट क्रूड $103 और अमेरिकी WTI क्रूड $104.50 प्रति बैरल के पार निकल गया है।

शांति वार्ता की विफलता के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी (Blockade) के आदेश दे दिए हैं, जिससे तेल आपूर्ति ठप होने का डर और गहरा गया है।

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क्यों धधक रही है तेल की कीमतें?

पीस टॉक फेल: इस्लामाबाद में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच 21 घंटे तक चली मैराथन बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। ईरान ने अमेरिका की रेड लाइन्स (जैसे यूरेनियम संवर्धन बंद करना) को मानने से इनकार कर दिया।

होर्मुज पर ब्लॉकेड: वार्ता विफल होते ही राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों पर पाबंदी लगाने का एलान किया है। यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऑयल चोकपॉइंट है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का 20% हिस्सा गुजरता है।

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सप्लाई शॉक का डर: यदि यह तनाव और बढ़ता है, तो विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चा तेल $115 प्रति बैरल तक जा सकता है।

क्या भारत में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?
ग्लोबल मार्केट में आई इस आग का असर भारत पर पड़ना तय माना जा रहा है, लेकिन फिलहाल राहत की बात यह है भारतीय तेल कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 और मुंबई में ₹103.50 प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल $100 के ऊपर रहने से भारतीय तेल कंपनियों पर बोझ बढ़ेगा। यदि कीमतें इसी स्तर पर टिकी रहीं, तो आने वाले दिनों में खुदरा कीमतों (Retail Prices) में 2 से 5 रुपये की बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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सरकार फिलहाल महंगाई को काबू में रखने के लिए तेल कंपनियों को घाटा सहने या उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में कटौती के विकल्प पर विचार कर सकती है।

First published on: Apr 13, 2026 07:22 AM

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About the Author

Vandana Bharti

BAG नेटवर्क के माल‍िकाना हक वाले News 24 में बतौर DNE नई शुरुआत करने से पहले मैं, News18 में कॉन्‍ट्रीब्‍यूटर रही. DU के खालसा कॉलेज और YMCA (2005-06) से पढ़ाई करने के बाद मैंने साल 2007 में दैन‍िक जागरण अखबार (फीचर) से अपने कर‍ियर की शुरुआत की. फ‍िर देशबंधु (ब‍िजनेस पेज), ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार (ब‍िजनेस पेज), Aaj Tak ड‍िजिटल (कर‍ियर), News18 ड‍िज‍िटल (कर‍ियर), India.com (कर‍ियर और लाइफस्‍टाइल), Zee News ड‍िज‍िटल (लाइफस्‍टाइल और कर‍ियर) आद‍ि में काम कर चुकी हूं.

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