Neeraj
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BigBasket IPO: देश के ग्रोसरी मार्केट में बिग बास्केट एक बड़ा नाम है। कंपनी ने पिछले कुछ वक्त में अपने कारोबार को काफी बढ़ाया है और अब वह 10 मिनट में फूड डिलीवरी भी शुरू करने वाली है। हालांकि, फिलहाल इसकी कोई टाइमलाइन सामने नहीं आई है। बिग बास्केट के इस कदम से इस सेगमेंट में पहले से मौजूद जोमैटो और स्विगी जैसी कंपनियों को टक्कर मिलेगी।
ऑनलाइन ग्रोसरी डिलीवरी करने वाली बिग बास्केट जल्द ही कमाई का मौका भी दे सकती है। दरअसल, कंपनी आईपीओ लाकर शेयर बाजार में लिस्ट होना चाहती है। इसकी चर्चा काफी पहले से चल रही है, लेकिन अब कंपनी के सीईओ ने एक संभावित समयसीमा बता दी है। बिग बास्केट सीईओ हरि मेनन का कहना है कि हम अगले 18 से 24 महीनों में पब्लिक होने की योजना बना रहे हैं।
जोमैटो और स्विगी जैसी कंपनियां पहले से ही शेयर बाजार में लिस्टेड हैं। इसके अलावा, ग्रोसरी सेक्टर की एक बड़ी खिलाड़ी DMart भी शेयर बाजार का हिस्सा है। अरबपति कारोबारी राधाकिशन दमानी की यह कंपनी बाजार में Avenue Supermarts के नाम से लिस्टेड है। अब बिग बास्केट भी इस जमात का हिस्सा बनना चाहती है। स्टॉक मार्केट निवेशक आईपीओ को पैसा कमाने के शानदार विकल्प के तौर पर देखते हैं। ऐसे में बिग बास्केट का आईपीओ कमाई का एक मौका दे सकता है।
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कंपनी मार्च 2026 तक अपने कारोबार को साल-दर-साल (YoY) दोगुना करने और अगले साल तक वर्तमान में 35 से लगभग 70 भारतीय शहरों में विस्तार करने की राह पर है। कंपनी फलों से लेकर आईफोन तक हर चीज की क्विक ऑनलाइन डिलीवरी की बढ़ती मांग को पूरा करना चाहती है। दरअसल, क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है। स्विगी के इंस्टामार्ट और ज़ोमैटो के ब्लिंकिट जैसे प्लेटफॉर्म 10 मिनट में डिलीवरी से डिमांड का लाभ उठा रहे हैं। बिग बास्केट इस बढ़ती डिमांड का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाना चाहती है और इसके लिए उसने प्लान तैयार किया है।
बिग बास्केट के कुल रेवेन्यू में क्विक कॉमर्स की हिस्सेदारी 80% है। अब कंपनी 10 मिनट में फूड डिलीवरी शुरू करने जा रही है। बिग बास्केट के इस कदम से जोमैटो और स्विगी को कड़ी चुनौती मिल सकती है, जो पहले से ही बाजार की एक बड़ी हिस्सेदारी पर कब्जा जमाए हुए हैं। हालांकि, ऐसा कब तक होगा, इस बारे में बिग बास्केट के सीईओ ने फिलहाल कुछ नहीं बताया है।
टाटा समूह के पास बिग बास्केट में 64% हिस्सेदारी है। करीब चार साल पहले टाटा ने यह डील फाइनल की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह डील करीब 9500 करोड़ रुपये में हुई थी। बिग बास्केट 2011 में अस्तित्व में आई और जल्द ही मार्केट में अपनी एक अलग पहचान बना ली। हरी मोहन इसके को-फाउंडर और सीईओ हैं। जबकि शाहरुख खान इसके ब्रांड एम्बेसडर की भूमिका निभाते रहे हैं।
कंपनी अगले 18 से 24 महीनों में आईपीओ लाने की योजना बना रही है, लेकिन बाजार का मौजूदा हाल उसकी योजना को प्रभावित कर सकता है। शेयर बाजार इस समय बुरे दौर से गुजर रहा है और अगले कुछ महीनों तक स्थिति बदलने वाली नहीं है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाजार को संभलने में ही लंबा समय लग सकता है। कंपनियां मार्केट की स्थिति को देखकर ही IPO जैसा कदम उठाती हैं। अगर उस समय तक मार्केट फुल स्पीड पकड़ने में सफल नहीं हुआ, तो बिग बास्केट के IPO का इंजतार लंबा भी हो सकता है।
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