RBI का बड़ा एक्शन! इस बैंक पर लगाया 6 महीने का प्रतिबंध, क्या आपका भी अकाउंट है इसमें?

केंद्रीय बैंक ने अपने आधिकारिक बयान में यह साफ कर दिया है कि इन प्रतिबंधों को बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. आरबीआई ने कहा कि बैंक की वित्तीय सेहत और तरलता (Liquidity) की स्थिति को सुधारने के लिए वह लगातार बैंक के बोर्ड और वरिष्ठ प्रबंधकों के संपर्क में है.

rbi new rule

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग नियमों की अनदेखी और लगातार बिगड़ती वित्तीय स्थिति को देखते हुए एक और सहकारी बैंक पर कड़ा शिकंजा कसा है. केंद्रीय बैंक ने मुंबई स्थित ‘मोगावीरा कोऑपरेटिव बैंक’ पर छह महीने के लिए कई तरह के कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं. आरबीआई द्वारा जारी यह निर्देश शुक्रवार को कारोबार बंद होने के समय से ही प्रभावी हो गए हैं. इस कार्रवाई के बाद बैंक के खाताधारकों के लिए पैसे निकालने की एक निश्चित सीमा तय कर दी गई है.

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कार्रवाई का सीधा असर बैंक होल्डर्स पर

रिजर्व बैंक की इस कार्रवाई का सीधा असर बैंक के जमाकर्ताओं पर पड़ेगा. आरबीआई के नए निर्देशों के मुताबिक, अब इस बैंक के खाताधारक अपने सेविंग (बचत), करंट (चालू) या किसी भी अन्य खाते से अधिकतम 1 लाख रुपये तक की राशि ही निकाल सकेंगे. 1 लाख रुपये से अधिक की निकासी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. हालांकि, राहत की बात यह है कि जिन ग्राहकों ने बैंक से लोन ले रखा है, उन्हें अपनी ईएमआई (EMI) जमा करने की अनुमति दी गई है.

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नए लोन देने और निवेश पर पूरी तरह रोक


आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि छह महीने की इस प्रतिबंध अवधि के दौरान मोगावीरा कोऑपरेटिव बैंक के कामकाज पर कई तरह की व्यावसायिक शर्तें लागू रहेंगी. बैंक प्रबंधन अब किसी भी नए ग्राहक को लोन या एडवांस पेमेंट नहीं दे सकेगा, और न ही पहले से दिए गए लोन का नवीनीकरण (Renew) कर पाएगा. इसके अलावा, बैंक को किसी भी नए क्षेत्र में निवेश करने, नई देनदारियां उठाने या बाजार से धन उधार लेने से भी रोक दिया गया है. बैंक इस दौरान नए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या अन्य जमा स्वीकार नहीं कर सकेगा.

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लाइसेंस रद्द नहीं, स्थिति पर रहेगी नजर


केंद्रीय बैंक ने अपने आधिकारिक बयान में यह साफ कर दिया है कि इन प्रतिबंधों को बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. आरबीआई ने कहा कि बैंक की वित्तीय सेहत और तरलता (Liquidity) की स्थिति को सुधारने के लिए वह लगातार बैंक के बोर्ड और वरिष्ठ प्रबंधकों के संपर्क में है. यह निर्देश जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा करने और बैंक की आर्थिक चिंताओं को दूर करने के लिए जारी किए गए हैं. बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक इन प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए ही अपना बैंकिंग व्यवसाय जारी रखेगा.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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