AK-203 के लिए भारत में बनेगा गोला-बारूद, अडाणी डिफेंस और इंडो-रशियन राइफल्स में 5 साल के लिए हुआ करार
अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने भारत में स्मॉल-कैलिबर गोला-बारूद के उत्पादन की क्षमता विकसित की है. कंपनी की कानपुर में भी ऐसी विनिर्माण सुविधा है, जहां छोटे कैलिबर के गोला-बारूद का उत्पादन किया जाता है.
Edited By : Akarsh Shukla|Updated: Sep 5, 2026 16:41
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इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड भारत-रूस का संयुक्त उपक्रम है. (Photo: News24)
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भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता को बढ़ावा देने की दिशा में शनिवार, 3 अगस्त को अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) के बीच पांच साल का एक अहम समझौता हुआ है. इस करार के तहत अडाणी डिफेंस भारत में निर्मित 7.62×39 एमएम स्मॉल-कैलिबर गोला-बारूद का आपूर्ति करेगा. यह गोला-बारूद देश में तैयार की जा रही AK-203 असॉल्ट राइफलों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.
इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड भारत-रूस का संयुक्त उपक्रम है, जो भारतीय सशस्त्र बलों के लिए AK-203 राइफलों का निर्माण कर रहा है. समझौते के बाद राइफल उत्पादन और उसके लिए जरूरी गोला-बारूद की आपूर्ति एक ही घरेलू सप्लाई चेन से जुड़ जाएगी. कंपनी के मुताबिक, पांच साल की अवधि में गोला-बारूद की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने में यह व्यवस्था मदद करेगी.
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Delhi | Adani Defence & Aerospace has signed a five-year agreement with Indo-Russian Rifles Private Limited (IRRPL), the India-Russia joint venture manufacturing AK-203 assault rifles in India, to supply indigenous 7.62×39 mm small-calibre ammunition for the programme.
गौरतलब है कि IRRPL की स्थापना 2019 में भारत और रूस के बीच हुए अंतर-सरकारी समझौते के तहत की गई थी. इसका विनिर्माण संयंत्र उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के कोरवा में स्थित है. संयुक्त उपक्रम में भारत की एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड और म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड के साथ रूस की कंसर्न कलाश्निकोव और रोसोबोरोनएक्सपोर्ट हिस्सेदार हैं. रक्षा मंत्रालय ने AK-203 के स्वदेशी उत्पादन के लिए IRRPL को संबंधित संयुक्त उपक्रम के तौर पर चिन्हित किया है. दिसंबर 2021 में IRRPL के साथ 6,01,427 AK-203 असॉल्ट राइफलों के निर्माण का अनुबंध किया गया था. इन राइफलों का उत्पादन कोरवा स्थित संयंत्र में किया जाना है.
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छोटे हथियारों की सप्लाई चेन होगी मजबूत
अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने भारत में स्मॉल-कैलिबर गोला-बारूद के उत्पादन की क्षमता विकसित की है. कंपनी की कानपुर में भी ऐसी विनिर्माण सुविधा है, जहां छोटे कैलिबर के गोला-बारूद का उत्पादन किया जाता है. AK-203 के लिए पांच साल की आपूर्ति का यह करार देश में छोटे हथियारों से जुड़ी घरेलू सप्लाई चेन को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है. साथ ही, यह समझौता रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने पर भी केंद्रित है.