भारत की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) FY26 तक भारत के कंटेनर मार्केट में 45.5% हिस्सेदारी रखती है. इसमें गुजरात का मुंद्रा पोर्ट अकेले देशभर के कंटेनर ट्रेड का लगभग 35% हिस्सा संभालता है, जिससे यह भारत का सबसे बड़ा कंटेनर-हैंडलिंग पोर्ट बन जाता है. मुंद्रा पोर्ट में संभाले जाने वाले खाली कंटेनरों की मात्रा सालाना 1.6 मिलियन TEU होने का अनुमान है, जो भारत की इंपोर्ट-एक्सपोर्ट सप्लाई चेन को सपोर्ट करने में इसकी अहम भूमिका को दर्शाता है.
6 मिलियन TEU से ज्यादा कंटेनर कैपेसिटी का टारगेट
‘एम्बिशन 2031’ रोडमैप के तहत APSEZ अपने नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े निवेश कर रहा है, जिसमें मुंद्रा पोर्ट सबसे आगे है. कंपनी अगले 5 वर्षों में 6 मिलियन TEU से ज्यादा कंटेनर हैंडलिंग क्षमता जोड़ने की योजना बना रही है. इस विजन को सपोर्ट करते हुए APSEZ मुंद्रा में इंटीग्रेटेड वेयरहाउसिंग के साथ एक खास ‘खाली कंटेनर यार्ड’ (ECY) शुरू कर रहा है. यह यार्ड खाली कंटेनर के पूरे लाइफसाइकिल में एंड-टू-एंड सर्विस देगा, जिसमें स्टोरेज, मेंटेनेंस, इंस्पेक्शन, एक्सपोर्टर्स और CFS तक आसानी से आवाजाही शामिल है.
भारत में टेक्नोलॉजी विस्तार की ओर उबर का बड़ा कदम, अडानी के साथ मिलकर खोलेगा डेटा सेंटर
कंटेनर यार्ड कंटेनर इको-सिस्टम को मजबूत बनाएगा
APSEZ के होल-टाइम डायरेक्टर और CEO अश्वनी गुप्ता ने कहा कि मुंद्रा पोर्ट में APSEZ और पार्टनर्स (जिसमें CFS और शिपिंग लाइनें शामिल हैं) के द्वारा चलाया जाने वाला खास खाली कंटेनर यार्ड कंटेनर इको-सिस्टम में दक्षता को बढ़ाएगा. इससे काम तेजी से होगा, कंटेनर की अनावश्यक आवाजाही कम होगी और लॉजिस्टिक्स लागत बेहतर होगी. वहीं ट्रेड को बढ़ावा देने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना भारत के विकास और 2047 के ‘विकसित भारत’ के विजन को सपोर्ट करने के लिए APSEZ की प्रतिबद्धता का मुख्य हिस्सा है.
‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बेहतर बनाने पर फोकस
वहीं APSEZ की यह पहल केंद्र सरकार के कुशल, टेक्नोलॉजी बेस्ड लॉजिस्टिक्स सिस्टम को विकसित करने और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (कारोबार में आसानी) को बेहतर बनाने के फोकस के अनुरूप है. मुंद्रा पोर्ट SEZ में खाली कंटेनर ऑपरेशन लाने से यह सुविधा कस्टम अधिकारियों, शिपिंग लाइनों, टर्मिनल ऑपरेटरों और ट्रांसपोर्टरों के बीच और बेहतर तालमेल बनाने में भी मदद करेगी. बता दें कि APSEZ ग्लोबल लेवल पर फैले मशहूर बिजनेस इंडस्ट्री अडानी ग्रुप का एक हिस्सा है और देश का प्रमुख इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर है.
APSEZ इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदाता कंपनी
APSEZ कार्गो ओरिजिनेशन (इंटरनेशनल फ्रेट नेटवर्क) से लेकर पोर्ट हैंडलिंग, रेल ट्रांसपोर्ट, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयर हाउसिंग और सड़क मार्ग से कस्टमर गेट तक अंतिम डिलीवरी तक की सेवाएं देता है. अत्याधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और AI-आधारित ऑप्टिमाइजैशन से समर्थित यह व्यापक शोर-टू-डोर (बंदरगाह से दरवाजे तक) की क्षमता, APSEZ को भारत की प्रमुख इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदाता बनाती है. कंपनी भारत के पश्चिमी, दक्षिणी और पूर्वी तटों पर रणनीतिक रूप से स्थित 16 बंदरगाहों और टर्मिनलों का इकोसिस्टम है.
Adani Power Q4 Results: अडाणी पावर के मुनाफे में 64% का बंपर उछाल, 4271 करोड़ पर पहुंचा शुद्ध लाभ
APSEZ के 4 बड़े देशों में 4 इंटरनेशनल पोर्ट वर्किंग
APSEZ के पास 136 जहाजों का मरीन फ्लीट, 12 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, 3.1 मिलियन वर्ग फुट वेयरहाउस और अपने प्लेटफॉर्म पर चलने वाले 25000 से अधिक ट्रक जैसी इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स क्षमताएं हैं. यह तटीय क्षेत्रों और भीतरी इलाकों (हिंटरलैंड) दोनों से भारी मात्रा में कार्गो को संभालने में सक्षम है. APSEZ ऑस्ट्रेलिया, कोलंबो, इजरायल, तंजानिया में 4 अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह भी संचालित करता है. 653 मिलियन टन प्रति वर्ष की कार्गो हैंडलिंग क्षमता के साथ APSEZ भारत के कुल पोर्ट वॉल्यूम का लगभग 27% संभालता है और 2030 तक 1 बिलियन टन थ्रूपुट का लक्ष्य रखता है.
2025 S&P ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट में दुनिया की शीर्ष 5% ट्रांसपोर्टेशन और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में शामिल (वैश्विक स्तर पर 95वां परसेंटाइल) और वर्ल्ड बैंक के कंटेनर पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स 2024 में करीब 5 बंदरगाहों के साथ, APSEZ निर्बाध वैश्विक व्यापार को संभव बनाने के लिए बड़े पैमाने, बेहतरीन संचालन और इंटीग्रेटेड क्षमताओं का मेल करता है.