Income Tax Rules: जीरो टैक्स होने पर भी क्यों जरूरी है ITR फाइल करना? जान लें ये 7 बड़े नियम
Income Tax Return Filing Rules AY 2026-27: क्या टैक्स छूट की सीमा से कम कमाई होने पर भी ITR भरना जरूरी है? जानिए बिजली बिल, विदेश यात्रा और बैंक डिपॉजिट से जुड़े वो 7 नियम जो टैक्स न बनने पर भी रिटर्न फाइल करना अनिवार्य बनाते हैं.
ITR Filing AY 2026-27: कमाई टैक्स छूट से कम है? फिर भी इन 7 कारणों से भरना होगा ITR, वरना आ सकता है नोटिस
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नई दिल्ली: ज्यादातर लोगों को लगता है कि इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) सिर्फ तभी भरना होता है, जब उनकी सालाना कमाई टैक्स छूट की सीमा (Basic Exemption Limit) से ज्यादा हो. अगर कमाई इस लिमिट से कम है, तो लोग बेफिक्र हो जाते हैं कि उन्हें आईटीआर भरने की कोई जरूरत नहीं है.
लेकिन ठहरिए! इनकम टैक्स डिपार्टमेंट सिर्फ आपकी कमाई नहीं देखता. आपके कुछ बड़े खर्च, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और विदेशी निवेश ऐसे होते हैं, जिनकी वजह से टैक्स न बनने पर भी कानूनी रूप से ITR फाइल करना अनिवार्य (Mandatory) हो जाता है. असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के लिए आईटीआर फाइलिंग का सीजन शुरू हो चुका है, ऐसे में किसी भी कानूनी नोटिस या जुर्माने से बचने के लिए आपको इन नियमों को जान लेना चाहिए.
सेविंग्स अकाउंट में बड़ा डिपॉजिट (50 लाख रुपये से ज्यादा) अगर आपने किसी एक फाइनेंशियल ईयर में अपने एक या एक से ज्यादा सेविंग्स अकाउंट्स (Savings Accounts) में कुल मिलाकर 50 लाख रुपये या उससे ज्यादा कैश या पैसा जमा किया है, तो आपके लिए ITR फाइल करना जरूरी है. सरकार इसके जरिए बड़े वित्तीय लेन-देन पर नजर रखती है.
करंट अकाउंट में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा करना अगर आपके एक या एक से अधिक करंट अकाउंट्स (Current Accounts) में पूरे साल के दौरान कुल 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जमा हुई है, तो आपको टैक्स रिटर्न दाखिल करना ही होगा. भले ही बिजनेस में आपको कोई प्रॉफिट न हुआ हो या आपका टैक्स जीरो बनता हो.
प्रोफेशनल्स की 10 लाख रुपये से ज्यादा की ग्रॉस रसीद अगर आप डॉक्टर, वकील, आर्किटेक्ट, कंसलटेंट या फ्रीलांसर जैसे सेल्फ-एंप्लॉयड प्रोफेशनल हैं और आपकी कुल ग्रॉस रसीदें (Gross Receipts) साल भर में 10 लाख रुपये से ऊपर निकल जाती हैं, तो आपको ITR भरना होगा. ध्यान रखें कि यह लिमिट आपके कुल रेवेन्यू पर है, न कि खर्चे काटने के बाद बचे मुनाफे पर.
भारी मात्रा में TDS या TCS कटना कई बार लोगों को पता नहीं होता कि उनका कटा हुआ टैक्स ही उन्हें ITR भरने के दायरे में ले आता है. अगर पूरे साल में आपका कुल टीडीएस (TDS) या टीसीएस (TCS) 25,000 रुपये से ज्यादा कटा है, तो रिटर्न भरना जरूरी है. सीनियर सिटीजंस (वरिष्ठ नागरिकों) के लिए यह सीमा 50,000 रुपये है. यह नियम अक्सर उन लोगों पर असर डालता है जिनकी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर बैंक टैक्स काटते हैं.
सालाना बिजली बिल 1 लाख रुपये से ज्यादा होना यह एक ऐसा नियम है जिसके बारे में बहुत कम चर्चा होती है. अगर आपके घर या दफ्तर का सालाना बिजली का बिल कुल मिलाकर 1 लाख रुपये से ज्यादा आता है, तो इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक आपकी कमाई चाहे कितनी भी कम हो, आपको ITR फाइल करना ही पड़ेगा.
क्यों जरूरी है इन नियमों को समझना? आजकल इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास बैंकों, फाइनेंशियल कंपनियों और अन्य सरकारी एजेंसियों के जरिए आपके हर बड़े खर्च और निवेश का डेटा (Data) डिजिटल रूप से पहुंच जाता है. इसलिए अब ITR सिर्फ इस बात से तय नहीं होता कि आपने कितना कमाया, बल्कि इस बात से भी तय होता है कि आपने कहां और कितना खर्च या निवेश किया.
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इसलिए, इससे पहले कि आप यह सोचकर बैठ जाएं कि आपकी कमाई टैक्स स्लैब से कम है और आपको कुछ नहीं करना, अपने साल भर के बैंक स्टेटमेंट्स और खर्चों पर एक नजर जरूर डाल लें. कुछ मिनटों की यह चेकिंग आपको भविष्य के कानूनी नोटिसों और झंझटों से बचा सकती है.