नई दिल्ली: आज के डिजिटल दौर में हमारा पैन कार्ड (Permanent Account Number) सिर्फ एक टैक्स डॉक्यूमेंट नहीं रह गया है, बल्कि यह हमारी वित्तीय पहचान (Financial Identity) का सबसे अहम हिस्सा है. इनकम टैक्स रिटर्न भरने से लेकर, 10 लाख रुपये से अधिक की प्रॉपर्टी खरीदने या किसी भी बड़े लेन-देन में पैन कार्ड सबसे पहले मांगा जाता है.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यही जरूरी आईडी आपके लिए बड़ी मुसीबत भी बन सकती है? आजकल लोन फ्रॉड और पहचान की चोरी (Identity Theft) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में यह डर होना लाजिमी है कि कहीं कोई आपके पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल करके आपके नाम पर लोन तो नहीं उठा रहा? चूंकि आपका पैन सीधे आपके क्रेडिट स्कोर से जुड़ा होता है, इसलिए आपकी जानकारी के बिना लिया गया कोई भी फर्जी लोन आपके सिबिल (CIBIL) स्कोर को खराब कर सकता है. आइए बेहद आसान शब्दों में समझते हैं कि आप इस फ्रॉड का पता कैसे लगा सकते हैं और इससे बचने के उपाय क्या हैं.
अपने पैन कार्ड के मिसयूज का पता लगाने का सबसे भरोसेमंद और आसान तरीका है, अपना क्रेडिट रिपोर्ट चेक करना. भारत में CIBIL, Experian, Equifax और CRIF High Mark जैसी क्रेडिट ब्यूरो एजेंसियां आपके नाम पर चल रहे सभी लोन और क्रेडिट कार्ड का पूरा हिसाब-किताब रखती हैं. आप इन एजेंसियों की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर साल में एक बार बिल्कुल मुफ्त (Free) क्रेडिट रिपोर्ट मांग सकते हैं. इसके लिए आपको बस अपना पैन नंबर और मोबाइल नंबर डालकर वेरिफिकेशन करना होगा.
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रिपोर्ट में इन रेड फ्लैग्स पर दें ध्यान: जब आपकी क्रेडिट रिपोर्ट आपके सामने आए, तो उसकी बारीकियों को ध्यान से देखें. अगर उसमें कोई ऐसा लोन अकाउंट दिख रहा है जिसके लिए आपने कभी अप्लाई ही नहीं किया, या किसी ऐसे बैंक/लेंडर का नाम है जिससे आपका कोई लेना-देना नहीं है, तो समझ जाइए कि आपके पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल हुआ है.
अगर फ्रॉड का पता चले, तो तुरंत करें ये 3 काम अगर आपको अपनी रिपोर्ट में कोई भी फर्जी लोन या क्रेडिट कार्ड दिखाई देता है, तो बिना देर किए तुरंत ये कदम उठाएं:
पहला – लेंडर को जानकारी दें: सबसे पहले उस बैंक या फाइनेंस कंपनी (Lenders) से संपर्क करें जिसका नाम रिपोर्ट में दिख रहा है. उन्हें लिखित में बताएं कि यह लोन आपने नहीं लिया है.
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दूसरा – क्रेडिट ब्यूरो में शिकायत दर्ज करें: जिस क्रेडिट ब्यूरो की रिपोर्ट में यह गड़बड़ी दिखी है, उसकी वेबसाइट पर जाकर एक फॉर्मल डिस्प्यूट (Formal Dispute) फाइल करें. इसके लिए आपसे एक वैलिड आईडी प्रूफ और लिखित शिकायत मांगी जा सकती है.
और तीसरा – पुलिस या साइबर क्राइम में शिकायत: अपने पैन कार्ड के मिसयूज की आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या ऑनलाइन राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर एक शिकायत दर्ज कराएं.
भविष्य में पैन फ्रॉड से बचने के लिए जरूरी टिप्स पैन कार्ड की सुरक्षा करना उसे मॉनिटर करने जितना ही जरूरी है. इन बातों का खास ख्याल रखें:
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कहीं भी शेयर न करें: किसी भी अनजान वेबसाइट, ऐप या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने पैन की डिटेल शेयर न करें. वॉट्सऐप (WhatsApp) पर इसके फोटो या फॉरवर्ड भेजने से बचें.
खो जाने पर तुरंत एक्शन लें: अगर आपका पैन कार्ड कभी खो जाता है या चोरी हो जाता है, तो तुरंत इसकी डुप्लीकेट कॉपी के लिए अप्लाई करें और अगले कुछ महीनों तक अपनी क्रेडिट रिपोर्ट पर कड़ी नजर रखें.
अलर्ट ऑन रखें: अपने नाम से जुड़े किसी भी क्रेडिट या लोन एप्लिकेशन के लिए एसएमएस (SMS) या ईमेल अलर्ट हमेशा चालू रखें.
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याद रखिए, सतर्कता ही वित्तीय धोखाधड़ी से बचने का सबसे बड़ा हथियार है. समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते रहें और अपनी फाइनेंशियल सेहत को दुरुस्त रखें.